135 रन के लक्ष्य में भी टीम इंडिया के बल्लेबाजों की खुल गई पोल! क्या बारिश ने बचाई लाज ?

भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन वनडे में डीएलएस नियम से चार रन की रोमांचक जीत दर्ज की, लेकिन इस मुकाबले ने टीम इंडिया की बल्लेबाजी की कई कमजोरियां उजागर कर दीं.

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New Zealand's Kyle Jamison (L) celebrates

श्रेयस अय्यर को आउट करने के बाद काइल जैमीसन

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भारत ने न्यूजीलैंड को दूसरे वनडे में डीएलएस नियम से चार रन से हराया

टीम इंडिया ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली

IND vs NZ: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला वेलिंगटन के मैदान पर खेला गया. वनडे सीरीज के दूसरे मैच में न्यूजीलैंड की टीम ने गेंदबाजों की मददगार पिच पर जैसे-तैसे 134 रन बनाए, जिससे भारत को सिर्फ 135 रन का ही लक्ष्य मिला, लेकिन इसमें भी टीम इंडिया के बल्लेबाजों की पोल खुलकर सामने आ गई. भारत के एक समय चेज करते हुए 111 रन पर सात विकेट गिर गए थे. सिर्फ केएल राहुल ही अकेले बल्लेबाज अंत में टिके थे, जबकि बाकी सभी पवेलियन जा चुके थे. भारत को जब 22 रन चाहिए थे तो मैदान पर बारिश आ गई. इसके बाद मैच दोबारा शुरू नहीं हुआ तो डीएलएस नियम के चलते टीम इंडिया ने चार रन से जीत दर्ज की और सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली. अब चलिए जानते हैं कि टीम इंडिया के बल्लेबाजों से क्या गलती हुई, जिसके चलते यह भी कहा जा रहा है कि बारिश ने कहीं भारत की हार और बल्लेबाजों की लाज तो नहीं बचा ली. क्योंकि मैच के बाद टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने भी कहा कि अगर डीएलएस नियम के चलते हार जाते तो इतने कम स्कोर पर काफी शर्मिंदगी महसूस होती.

शॉर्ट बॉल से टीम इंडिया के बैटर्स नहीं पा सके पार

टीम इंडिया जब भी किसी विदेशी दौरे पर जाती है तो शॉर्ट बॉल सबसे बड़ी समस्या बनती है. भारत के लिए वेलिंगटन के मैदान पर भी शॉर्ट बॉल ही बल्लेबाजों का सबसे बड़ा काल बनी. न्यूजीलैंड के लंबे कद के तेज गेंदबाज काइल जैमीसन ने अपने कद और पिच से मिलने वाले बाउंस का फायदा उठाते हुए रोहित शर्मा को शुरुआत में काफी छकाया. रोहित को लगातार शॉर्ट बॉल और बाहर जाती गेंदों पर पहले सेट अप किया और उसके बाद एक हार्ड लेंथ गेंद फेंकी तो उस पर रोहित शर्मा चकमा खा गए और पुल शॉट खेलकर चलते बने. रोहित सिर्फ 23 रन ही बना पाए और भारत का 39 रन के स्कोर पर तीसरा विकेट गिरा.

श्रेयस अय्यर में अभी तक नहीं हुआ सुधार

श्रेयस अय्यर का नाम जब भी आता है तो शॉर्ट बॉल का जिक्र जरूर होता है. श्रेयस अय्यर के खिलाफ शॉर्ट बॉल का इस्तेमाल बीते कई सालों से होता आ रहा है. अय्यर खुद तमाम इंटरव्यू में कह चुके हैं कि शॉर्ट बॉल उनकी कोई कमजोरी नहीं है, बस कुछ तरीकों में बदलाव करने की जरूरत थी. अय्यर ने शॉर्ट बॉल से होने वाले खतरे को नकार दिया था, लेकिन शॉर्ट बॉल ने उनका पीछा नहीं छोड़ा. वेलिंगटन के मैदान पर वह 30 रन बनाकर जब सेट नजर आ रहे थे, तभी जैमीसन की शॉर्ट बॉल का जवाब नहीं दे सके और आसान सा कैच देकर चलते बने. अय्यर ने 46 गेंदों का सामना किया और चार चौके व एक छक्के से 30 रन बनाए. वहीं, श्रेयस अय्यर के अलावा जब टीम इंडिया के 86 रन पर पांच विकेट गिर चुके थे, तभी मैदान पर नमन धीर आए और उनको भी शॉर्ट बॉल पर फंसाया गया. जैकब डफी की शॉर्ट बॉल पर नमन धीर चलते बने और वह सिर्फ 12 रन ही बना पाए. इस तरह देखा जाए तो भारत के जो कुल सात विकेट गिरे, उनमें से तीन विकेट शॉर्ट बॉल पर आए.

शॉट सेलेक्शन में भी करना होगा सुधार

जब स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 135 रन का लक्ष्य था तो उसके हिसाब से टीम इंडिया के बल्लेबाजों को बहुत बड़े-बड़े शॉट्स की जरूरत नहीं थी. भारत के बल्लेबाजों को सिर्फ क्रीज पर टिके रहना था, लेकिन विराट कोहली और रोहित शर्मा ने सेट होने के बाद भी जोखिम भरे शॉट खेले और उसके चलते अपना विकेट गंवा बैठे. इससे टीम इंडिया पर एक समय हार का संकट मंडराने लगा था. इसलिए भारतीय बल्लेबाजों को न्यूजीलैंड और जब वर्ल्ड कप 2027 में भी ऐसी ही परिस्थितियों में खेलना है तो अपने शॉट सेलेक्शन पर फोकस करना होगा. क्योंकि भारत की सपाट पिचों पर आप जैसे चाहें, शॉट्स खेल सकते हैं, लेकिन विदेशी पिचों पर सावधान रहना होगा.

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सीम और स्विंग खेलने की डालनी होगी आदत

भारतीय बल्लेबाज अधिकतर क्रिकेट भारत की सपाट पिचों पर खेलते हैं, जहां गेंद कोई हरकत नहीं करती और जैसी गेंदबाज के हाथ से निकलती है, ठीक उसी लाइन पर चलती नजर आती है. इसके चलते टीम इंडिया के बल्लेबाज स्विंग और सीम गेंदबाजी खेलने के इतने आदी नहीं रहे हैं. टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज रोहित शर्मा, शुभमन गिल और विराट कोहली ने सपाट पिचों पर हजारों रन बरसाए हैं, लेकिन जब-जब गेंद स्विंग और सीम हुई है, इन बल्लेबाजों को संघर्ष करना पड़ा है. वेलिंगटन के मैदान पर जब गेंद अधिक हरकत कर रही थी तो गिल पहली गेंद पर ही क्लीन बोल्ड होकर चलते बने. जबकि कोहली और रोहित भी जल्दी चलते बने तो 10 ओवर के भीतर ही तीन विकेट खोकर टीम इंडिया बैकफुट पर चली गई थी. अब भारत को अगर 2027 वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका में जीतना है तो स्पीड के साथ सीम और स्विंग करती गेंद को खेलने की आदत डालनी होगी.

निचले क्रम में फिनिशर की कमी

टीम इंडिया के लिए टॉप ऑर्डर में जहां भारतीय बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके, वहीं लोअर ऑर्डर में केएल राहुल के बाद कोई मजबूत दावेदार नजर नहीं आ रहा है. अक्षर पटेल को राहुल से ऊपर भेजा गया और उनके बाद नमन धीर को रखा गया है. टीम इंडिया जब संकट के समय में थी तो नमन धीर 12 रन पर चलते बने. इसके चलते टीम इंडिया की बल्लेबाजी में गहराई की कमी नजर आ रही है. भारत को जब जीत के लिए 22 रन चाहिए थे और उसके तीन विकेट बाकी थे तो मैच किसी भी तरफ जा सकता था. ऐसे में बारिश आई तो भारत ने डीएलएस नियम के चलते चार रन से जीत दर्ज की. राहुल ने 38 गेंदों में 26 रन की नाबाद पारी खेली और मैच में टीम इंडिया को बनाए रखा. लेकिन राहुल आउट हो जाते तो फिर भारत के लिए 135 रन का लक्ष्य भी पहाड़ जैसा होने वाला था. इसलिए भारत को हार्दिक पंड्या के नहीं होने पर लोअर ऑर्डर में एक मजबूत विकल्प लेकर आना होगा.

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