वैभव सूर्यवंशी का बल्ला इंग्लैंड दौरे पर खामोश रहा, लेकिन जिम्बाब्वे पहुंचते ही उन्होंने जमकर रन बरसाए. वैभव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में 81 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली, जिससे टीम इंडिया ने तीसरा टी20 मैच जीतकर जिम्बाब्वे का सूपड़ा साफ कर दिया. अब जिम्बाब्वे दौरे पर आखिरी टी20 मैच में प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज बनने के बाद वैभव ने बड़ा राज खोलते हुए बताया कि किस मंत्र के चलते उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता मिली.
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वैभव ने तीन मैच में कितने रन बनाए ?
इंग्लैंड दौरे पर जब वैभव ने डेब्यू किया, तो वह तीन मैचों में 20 से अधिक रन की पारी नहीं खेल सके. इसके बाद जिम्बाब्वे के हरारे मैदान पर आते ही उन्होंने पहले मैच में 18 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया. इसके साथ ही वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र (15 वर्ष) में अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए. इसके बाद वैभव ने दूसरे मैच में 20 रन बनाए, जबकि तीसरे मैच में 49 गेंदों पर 81 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली. वैभव ने तीन मैचों में कुल 151 रन बनाए, जिसके चलते उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया.
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वैभव ने क्या बताया सफलता का मंत्र ?
वैभव ने तीसरे मैच में 49 गेंदों पर आठ चौके और चार छक्कों की मदद से 81 रन की शानदार पारी खेली. इसके दम पर भारत ने 192 रन बनाए और बाद में 35 रन की आसान जीत दर्ज की. अपनी बल्लेबाजी को लेकर वैभव ने कहा, "मैं बस अच्छी शुरुआत देने पर फोकस करना चाहता हूं और एक बार अच्छी शुरुआत मिल जाए तो फिर बड़ी पारी खेलना मेरा लक्ष्य होता है. यही मेरा मंत्र है." इसी मंत्र के दम पर वैभव ने तीन मैचों में 151 रन बनाकर जिम्बाब्वे दौरे को अपने नाम कर लिया. वैभव अभी तक भारत के लिए छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 193 रन बना चुके हैं और उनके नाम 32 का औसत दर्ज है. अब वैभव एशियन गेम्स 2026 में टी20 टीम इंडिया की ओर से खेलते नजर आएंगे.
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