35 गेंदों पर शतक ठोकने वाले वैभव सूर्यवंशी बिना खाता खोले हुए आउट, भारतीय गेंदबाज ने इस तरह फंसाया अपने जाल में, VIDEO

35 गेंदों पर शतक ठोकने वाले वैभव सूर्यवंशी बिना खाता खोले आउट हो गए. वैभव को मुंबई इंडियंस के गेंदबाज दीपक चाहर ने फंसाया.

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0 पर आउट होने के बाद पवेलियन लौटते वैभव सूर्यवंशी

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वैभव सूर्यवंशी फ्लॉप हो गए

वैभव बिना खाता खोले आउट हो गए

राजस्थान रॉयल्स के स्टार बैटर वैभव सूर्यवंशी जब मैदान पर उतरे तो तो सभी को उम्मीदें थी कि ये बल्लेबाज अपना पिछला प्रदर्शन दोहराएगा और मुंबई के गेंदबाजों की खूब पिटाई करेगा. लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और सूर्यवंशी बिना खाता खोले ही आउट हो गए. राजस्थान और मुंबई के बीच ये मुकबला जयपुर में खेला जा रहा है. राजस्थान ने जब अपना पिछला मुकाबला खेला था तब वैभव सूर्यवंशी टूर्नामेंट में सबसे तेजी से शतक ठोकने वाले भारतीय बल्लेबाज बने थे. 

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इस खिलाड़ी ने यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर 166 रन की साझेदारी की थी और टीम ने 15.5 ओवरों में ही 210 रन के लक्ष्य का पीछा कर लिया था. ये टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे तेजी से 200 से ज्यादा रनों के लक्ष्य का पीछा था.  लेकिन मुंबई इंडियंस के गेंदबाज इस युवा बल्लेबाज को आउट करने के लिए कुछ और ही प्लान लेकर आए थे. ऐसे में दीपक चाहर ने सूर्यवंशी को बिना खाता खोले ही आउट कर दिया. 

बिना खाता खोले आउट हुए सूर्यवंशी

दीपक चाहर ने इस खिलाड़ी को आगे की तरफ बिल्कुल बीच में गेंद डाली. ऐसे में चक्का मारने के चक्कर में उनका बैट घूम गया और वो सर्किल के भीतर ही आउट हो गए. सूर्यवंशी का कैच विल जैक्स ने लिया. 

बता दें कि वैभव ने जब शतक ठोका था तब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें 10 लाख का ईनाम दिया था. वहीं भारतीय फैंस अभी तक यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि 14 साल के बच्चे ने कैसे 11 छक्के लगाए दिए.

क्या था पिता का रिएक्शन?

वैभव के पिता का नाम संजीव है. ऐसे में संजीव ने उनकी पारी के बाद कहा था कि, वैभव ने 35 गेंदों पर शतक ठोका और राजस्थान रॉयल्स की टीम को जीत दिलाई. ऐसे में पूरे बिहार के साथ पूरे देश को उनपर गर्व है. मैं यहां राजस्थान रॉयल्स के मैनेजमेंट का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. उन्होंने मेरे बेटे का सपोर्ट किया और उसे मौका दिया. उन्होंने आगे कहा कि, पिछले तीन- चार महीनों से राजस्थान की टीम मेरे बेटे को तैयार कर रही है. इसमें हेड कोच राहुल द्रविड़ भी शामिल हैं और बाकी के कोच भी हैं. सभी ने मिलकर उसका खेल सुधारा है. वैभव ने काफी मेहनत की है और यही कारण है कि वो इस प्लेटफॉर्म पर इतना शानदार खेल दिखा रहे हैं. 

संजीव ने यहां बिहार क्रिकेट एसोसिएशन का भी शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि, मैं राजेश तिवारी का धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने वैभव को डोमेस्टिक क्रिकेट में खेलने का मौका दिया. बता दें कि वैभव ने इस महीने की शुरुआत में डेब्यू किया था. ऐसे में राजस्थान ने उन्हें 1.10  करोड़ रुपए में खरीदा था. 

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