दुनिया की सबसे बड़ी मानी जाने वाली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दुनिया भर के शीर्ष खिलाड़ी खेलते नजर आते हैं. इनके साथ भारत के कई अनकैप्ड खिलाड़ी भी अपने प्रदर्शन से खूब नाम कमाते हैं. यही कारण है कि आईपीएल का रोमांच पूरी दुनिया पर छाया रहता है और हर देश के खिलाड़ी इस लीग का हिस्सा बनना चाहते हैं. इसी को लेकर मैथ्यू हेडन ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि विदेशों में तो आईपीएल को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भी ऊपर माना जाता है.
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मैथ्यू हेडन ने क्या कहा ?
गुजरात टाइटंस के लिए बैटिंग कोच की भूमिका निभा रहे ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने कहा,
अलग-अलग टीमों से बात करने के बाद मुझे पता चला कि विदेशी खिलाड़ी, खासकर साउथ अफ्रीका और हम सभी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी, जबकि न्यूजीलैंड के खिलाड़ी भी आईपीएल को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बड़ा मानते हैं. क्योंकि इसमें जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है.
हेडन ने आगे कहा,
करीब दो महीने तक सिर्फ क्रिकेट खेला जाता है और ऐसा क्यों होता है? क्योंकि इसके बारे में बहुत अधिक हाइप है. जब आप आईपीएल में होते हैं तो इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप ब्रॉडकास्टिंग कर रहे हैं या सिर्फ सड़कों पर एक दर्शक हैं, या हम किसी भी भूमिका में हों, यह पूरे समय आईपीएल पर ही केंद्रित रहता है और कभी-कभी तो दिन में दो बार मैच देखने को मिलते हैं.
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बीसीसीआई लाई बड़ा नियम
आईपीएल के लिए जहां कई विदेशी खिलाड़ी खेलने को लेकर उत्साहित रहते हैं, वहीं इंग्लैंड के खिलाड़ियों को यह लीग ज्यादा रास नहीं आती. उनके सलामी बल्लेबाज बेन डकेट ने नीलामी में अपना नाम दिया, लेकिन जब दिल्ली ने उन्हें खरीद लिया तो काउंटी क्रिकेट के चलते उन्होंने भारत आकर आईपीएल खेलने से मना कर दिया. बीसीसीआई ने हालांकि ऐसे खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा नियम लागू किया है, नीलामी में बिकने के बाद बिना इंजरी के अगर कोई खिलाड़ी नहीं आता है, तो उस पर दो साल का बैन लगाया जाएगा, जिससे वह दो आईपीएल सीजन में हिस्सा नहीं ले सकेगा.
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