राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों हार के बाद माना कि रवींद्र जडेजा को गेंदबाजी के लिए इस्तेमाल न करने का उनका फैसला एक पल का फैसला था. जडेजा से गेंदबाजी न कराने पर उस समय सवाल उठने लगे, जब राजस्थान ने SRH को 6 विकेट के नुकसान पर 216 रन बनाने का मौका दे दिया, और जडेजा ने एक भी ओवर गेंदबाजी नहीं की, जबकि पारी के बाद के हिस्से में पिच धीमी गेंदबाजों के लिए कुछ मददगार साबित हो रही थी.
ADVERTISEMENT
पिता मजदूर तो मां ने गहने बेच दिलाए जूते, जानें कौन हैं SRH के साकिब हुसैन?
हार के बाद अपने फैसले पर सफाई देते हुए पराग ने मैच की स्थिति और इशान किशन के असर का ज़िक्र किया, जो बीच के ओवरों में जबरदस्त फ़ॉर्म में थे. उन्होंने कहा कि जड्डू भाई, मुझे नहीं पता. शायद इधर-उधर कुछ चीज़ें की जा सकती थीं. यह बस एक पल का फैसला था.इशान बहुत अच्छी बैटिंग कर रहे थे, इसलिए मैं वह रिस्क नहीं लेना चाहता था. इसलिए बिश्नोई पर भरोसा किया.
पराग के कदम ने कई सवाल
पराग ने आगे कहा कि इसके बजाय उन्होंने दूसरे विकल्पों के साथ बने रहना ही बेहतर समझा. अगर मैच को देखें पराग के इस कदम ने कई सवाल खड़े किए. खासकर इसलिए क्योंकि SRH ने स्पिन में विविधता की कमी का फ़ायदा उठाकर एक मजबूत स्कोर खड़ा कर दिया.शुरुआती विकेट गिरने के बाद इशान किशन के 91 रनों ने पारी को संभाला, जिससे मेजबान टीम को संभलने और अपनी गति बढ़ाने का मौका मिला.
पिच की भी अहम भूमिका
हालांकि पराग का मानना था कि उनके फ़ैसलों को तय करने में पिच की भी अहम भूमिका थी.उन्होंने बताया कि नई गेंद के साथ शुरुआत में पिच से थोड़ी मदद मिल रही थी, लेकिन बाद में पिच आसान हो गई.जिसकी वजह से गेंदबाजी में बदलाव का सही समय तय करना मुश्किल हो गया था. हालांकि जडेजा को गेंदबाजी का मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने बल्ले से जबरदस्त योगदान दिया.उन्होंने 45 रन बनाए और डोनोवन फरेरा के साथ मिलकर 118 रनों की साझेदारी की, जिससे राजस्थान के शुरुआती लड़खड़ाने के बाद पारी को स्थिरता मिली.
इस वापसी के बावजूद राजस्थान को सबसे बड़ा झटका बल्लेबाजी में ही लगा.217 रनों का पीछा करते हुए वे शुरुआती तीन ओवरों के अंदर ही 5 विकेट पर 9 रन बनाकर ढेर हो गए, जिससे यह मैच उनके हाथ से लगभग निकल ही गया था.
ADVERTISEMENT










