Bihar to IPL Spotlight: आईपीएल 2026 (IPL 2026) में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से डेब्यू करते हुए तेज गेंदबाज साकिब हुसैन (Sakib Hussain) ने पहले ही ओवर में विकेट लिया. उन्होंने आईपीएल करियर के अपने पहले ओवर की चौथी गेंद पर यशस्वी जायसवाल को आउट किया. इस धाकड़ बल्लेबाज को साकिब हुसैन ने ऑफ साइड में सलिल अरोड़ा के हाथों कैच कराया. इसके बाद उन्होंने डोनोवान फरेरा, जोफ्रा आर्चर और रवि बिश्नोई के विकेट लिए. इस पेसर ने चार ओवर में 24 रन देकर चार शिकार किए.
ADVERTISEMENT
कौन है प्रफुल्ल हिंगे जिन्होंने पहले ओवर में 3 विकेट लेकर कोहराम मचाया
कौन हैं साकिब हुसैन
साकिब (Sakib Hussain) बिहार के गोपालगंज जिले से आते हैं. वे आईपीएल में पहले कोलकाता नाइट राइडर्स का हिस्सा थे. 2024 में उन्हें इस टीम ने बेस प्राइस पर लिया था. इसके बाद उन्हें रिलीज कर दिया गया था. साकिब मेगा ऑक्शन में अनसॉल्ड रहे. आईपीएल 2026 के ऑक्शन में हैदराबाद ने 30 लाख रुपये में इस गेंदबाज को ले लिया. 21 साल के पेसर ने 2022-23 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के जरिए टी20 डेब्यू किया था. तब उनकी उम्र 17 साल थी और उन्होंने अपने दूसरे ही मैच में 20 रन देकर चार शिकार किए थे.
फटे जूतों से खेलते थे साकिब हुसैन
साकिब ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में अरुणाचल प्रदेश के सामने 41 रन देकर छह विकेट लिए जो उनका फाइफर रहा. साकिब काफी सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं. उनके पिता पिता किसान थे. वे जो कमाई करते थे उसी से घर चलता था. साकिब के बारे में उन्हें दूसरों से पता चला कि वह कमाल का क्रिकेट खेलते हैं. लेकिन वे इतना पैसा नहीं कमा पाते थे कि साकिब को क्रिकेट की सुविधाएं मुहैया करा सके. उनके पिता को घुटनों में दर्द के चलते किसानी छोड़नी पड़ी. ऐसे में घर चलाना काफी मुश्किल हो गया. तब साकिब जो क्रिकेट खेलकर कमाते थे उससे घर में मदद मिली. उन्हें टेनिस बॉल के एक मैच के बदले में 500-700 रुपये मिलते थे.
CSK vs KKR: चेन्नई क्या अपने विजयी सफर को जारी रख पाएगी या कोलकाता का खुलेगा खाता? पिच रिपोर्ट से लेकर लाइव स्ट्रीमिंग की सभी डिटेल्स जानें
मां ने गहना बेचकर साकिब को दिलाए जूते
साकिब (Sakib Hussain) का जब रणजी ट्रॉफी के लिए बिहार टीम में चयन हुआ तब इस खिलाड़ी के पास जूते तक नहीं थे. तब उनकी मां ने मदद की. उन्होंने जूते खरीदने के लिए अपना गहना बेच दिया. साकिब का परिवार पहले चाहता था कि वह सेना में चला जाए जिससे कि घर की स्थिति सुधर सके. लेकिन साकिब ने क्रिकेट के जरिए यह काम कर दिया.
ADVERTISEMENT










