लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले टीम इंडिया में शानदार कमबैक किया है. कभी टी20 फॉर्मेट में नंबर 1 पर रहने वाले गेंदबाज बिश्नोई को साल 2025-26 सीजन में खराब फॉर्म के चलते टीम से बाहर होना पड़ा. इसका नुकसान उन्हें आईपीएल में भी उठाना पड़ा. तीसरे टी20 में कमाल करने के बाद अब बिश्नोई के कोच शाहरुख पठान ने कहा कि, उसने काफी मेहनत की.
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कोच का खुलासा
इंडियन एक्सप्रेस से खास बातचीत में बिश्नोई के कोच ने कहा कि, जब वो मेरे पास आए तब वो खुद के एक्शन में बदलाव चाहते थे. वो मेहनत करने के लिए तैयार थे. कुछ हफ्तों तक उन्होंने युवा खिलाड़ी की तरह मेहनत की जो काफी कुछ सीखना चाहते थे. शाहरुख ने आगे कहा कि, रिलीज के समय उनका जो नॉन बॉलिंग आर्म था वो सीधा हो चुका था. जो लेग स्पिनर्स में बेहद कॉमन बात है. वो क्रीज का ज्यादा इस्तेमाल नहीं कर रहे थे.
बिश्नोई कैसे करते थे ट्रेनिंग?
बिश्नोई सुबह 5 बजे ट्रेनिंग करते थे. वो दिन में दो बार ट्रेनिंग करते थे. इस दौरान वो 4 घंटे पसीना बहाते थे. इसमें रेड और व्हाइट बॉल मिक्स था. शाहरुख ने कहा कि, ये गलतियां क्रिकेटर्स में बेहद आम है.
वहीं बिश्नोई के एक और कोच प्रदयोत सिंह राठौड़ ने कहा कि, हम चाहते थे कि वो पहले जैसे स्पिनर हुआ करते थे, उससे अलग हों. हम नहीं चाहते थे कि वो फिर से वही गेंदबाज बने. एकेडमी में उन्होंने ढेर सारे ओवर्स फेंके. वो जब टीम इंडिया में वापसी करना चाहते थे तो वो अलग दिखना चाहते थे. और इस बार हमने उन्हें अलग देखा.
वापसी रही जोरदार
बता दें कि रवि बिश्नोई ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के 7 मैचों में 9 विकेट लिए. वहीं विजय हजारे ट्रॉफी के 50 ओवर फॉर्मेट में उन्होंने 12 मैचों में 5.37 की इकॉनमी से 12 विकेट लिए. कहा जा रहा है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ इस लेग स्पिनर को एक और मैच मिल सकता है.
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