कोमा से बाहर आने के बाद ऑस्ट्रेलियाई‍ दिग्गज का इमोशनल मैसेज, घर लौटने पर शेयर किया सबसे खौफनाक अनुभव

डेमियन मार्टिन कई दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़े. उनके बचने की संभावना 50-50 थी, मगर इसके बाद जिस वजह से उनकी रिकवरी हुई, वह किसी चमत्कार से कम नहीं था.

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डेमियन मार्टिन आठ दिन कोमा में रहे थे.

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डेमियन मार्टिन आठ दिन कोमा में रहे थे.

उन्हें 27 दिसंबर को हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था.

ऑस्ट्रेलिया के लिए दो बार वर्ल्ड कप जीतने वाले डेमियन मार्टिन ने आठ दिन कोमा में रहने के बाद पहली बार मैसेज शेयर किया. इस दाएं हाथ के बल्लेबाज को मेनिनजाइटिस का पता चलने के बाद 27 दिसंबर को हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था. उनके कोमा में जाने की खबर सामने आने के तुरंत बाद हर कोई उनके लिए दुआ मांग रहा था. इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई‍ दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट ने क्रिकेटर के परिवार और मीडिया के साथ उनकी सेहत के बारे में अपडेट दी.

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कई दिनों तक जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ने के बाद उन्हें आठ जनवरी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई. जिसके बाद उन्होंने पहली बार पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा कि यह पोस्ट मेरे सभी परिवार, दोस्तों और कई दूसरे लोगों को बहुत-बहुत धन्यवाद देने के लिए है, जिन्होंने मुझसे संपर्क किया. 


मार्टिन का इमोशनल मैसेज 


मार्टिन ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर आगे लिखा कि 27 दिसंबर 2025 को मेरी जिंदगी मेरे हाथों से निकल गई. जब मेनिनजाइटिस ने मेरे दिमाग पर कब्ज़ा कर लिया और मुझे बिना बताए इस भयानक बीमारी से लड़ने में मदद करने के लिए 8 दिनों के लिए पैरालिसिस वाले कोमा में डाल दिया गया.  और मैंने वही किया. यानी लड़ाई लड़ी. उन्होंने आगे कहा कि 54 साल के उस व्यक्ति ने बताया कि उनके बचने की संभावना 50-50 थी और वह शरीर के नॉर्मल मूवमेंट भी नहीं कर पा रहे थे. उन्होंने आगे कहा कि बचने की 50-50 संभावना होने के बाद मैं 8 दिन बाद इंड्यूस्ड कोमा से बाहर आया. चल या बोल नहीं पा रहा था.  और फिर उसके 4 दिन बाद डॉक्टरों को यकीन नहीं हुआ, लेकिन मैं चला, मैंने बात की और उन सबको साबित कर दिया कि मुझे हॉस्पिटल से क्यों डिस्चार्ज किया जाना चाहिए, ताकि मैं ठीक हो सकूं. घर आकर बहुत खुश हूं, बीच पर रेत में अपने पैर रख पा रहा हूं और उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे और मेरे परिवार को बिना रुके सपोर्ट दिया. 

2026 का इंतज़ार

डेमियन मार्टिन ने हॉस्पिटल के अपने अनुभव को शेयर करते हुए सभी को याद दिलाया है कि ज़िंदगी कितनी नाज़ुक होती है. उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने मुझे याद दिलाया है कि ज़िंदगी कितनी नाज़ुक होती है, सब कुछ कितनी जल्दी बदल सकता है और समय कितना कीमती है. उन्होंने आगे कहा कि मैं आप सभी का बहुत आभारी हूं. धन्यवाद. 2026 का इंतज़ार है... मैं वापस आ गया हूं. 

सबसे शानदार बल्लेबाजों में से एक मार्टिन ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 67 टेस्ट, 208 वनडे और चार T20I खेले. वह 2003 की ICC वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे और भारत के खिलाफ फाइनल में कप्तान रिकी पोंटिंग के साथ एक लंबी पार्टनरशिप में नाबाद 88 रन बनाए थे. 

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