15 साल के विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की तेजी से बढ़ती कामयाबी को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) उनके विकास को लेकर लंबे समय की योजना बना रहा है. बीते दिन मुंबई में BCCI हेडक्वार्टर में हुई रिव्यू मीटिंग में सूर्यवंशी के भविष्य पर भी चर्चा हुई. जुलाई में इंग्लैंड में हुई T20I सीरीज के दौरान भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे युवा पुरुष क्रिकेटर के तौर पर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने वाले सूर्यवंशी को अब उन्हीं की तरह कामयाबी हासिल करने के लिए समर्थन मिल रहा है.
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बोर्ड के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया का कहना है कि बोर्ड चाहता है कि सूर्यवंशी सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों के रास्ते पर चले और एक लंबा इंटरनेशनल करियर बनाए. उन्होंने कहा कि इसलिए बोर्ड वैभव पर बहुत गंभीरता से नजर रख रहे हैं. उनके इंटरनेशनल करियर में हर कदम और हर पहलू पर नजर रखी जा रही है. BCCI उनके भविष्य पर बहुत बारीकी से नजर रखे हुए है.
सूर्यवंशी की उम्र के लगभग 15 खिलाड़ियों पर नजर
सैकिया ने यह भी कहा कि BCCI उन्हें बड़े असाइनमेंट के लिए जल्दबाजी में आगे बढ़ाने की गलती नहीं करेगा और इस बाएं हाथ के खिलाड़ी के प्रोगेस को एक-एक कदम करके आगे बढ़ाएगा. सेक्रेटरी ने यह भी बताया कि BCCI का 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' भविष्य को ध्यान में रखते हुए सूर्यवंशी की उम्र के ही लगभग 15 खिलाड़ियों पर नजर रख रहा है. उन्होंने कहा कि हम बहुत सावधान हैं कि वह हर कदम सही उठाए, ताकि ऐसा न हो कि वह सिर्फ एक सीरीज या एक साल का ही कमाल बनकर रह जाए. सैकिया ने कहा कि बोर्ड सभी खिलाड़ियों पर नजर रख रहे हैं.सिर्फ वैभव ही नहीं, बल्कि उनके टारगेट ग्रुप में लगभग 10-15 खिलाड़ी शामिल हैं.
वीवीएस लक्ष्मण की भी दिलचस्पी
COE हेड वीवीएस लक्ष्मण लगातार उन पर नजर रख रहे हैं और उनके भविष्य, ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट में गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं. इंग्लैंड में अपने T20I डेब्यू में तीन पारियों में 14, 13 और 15 रन बनाने के बाद सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ भारत की 3-0 से जीत में 'प्लेयर ऑफ द सीरीज़' का ख़िताब जीता. बाद में श्रीलंका में इंडिया A की ट्राई-नेशन सीरीज जीत के दौरान उन्होंने लिस्ट A क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाकर शानदार प्रदर्शन किया. घरेलू सीजन की शुरुआत करने वाली दलीप ट्रॉफी में सूर्यवंशी को ईस्ट ज़ोन का उप-कप्तान भी बनाया गया.
सेंट्रल जोन के ख़िलाफ सेमीफाइनल जीत के दौरान सूर्यवंशी अपने पहले फर्स्ट-क्लास शतक के बहुत करीब पहुंच गए थे. उन्होंने तेजी से अर्धशतक लगाया और दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक बनाने वाले खिलाड़ी बन गए.
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