पाकिस्तान क्रिकेट में किसी निराशाजनक सीरीज या टूर्नामेंट के बाद मैनेजमेंट में बदलाव अब आम बात होती जा रही है और कोचिंग या मैनेजमेंट में बदलाव का यह जाना-पहचाना पैटर्न पिछले पांच सालों में ज्यादा देखने को मिला. इससे पहले कि पिछला कोचिंग सेटअप खुद को जमा पाता, एक नया कोचिंग दौर शुरू हो जाता है.ऐसा ही एक बदलाव अगस्त 2026 में हुआ, जब इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के शुरुआती दो टेस्ट मैच हारने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टेस्ट टीम के हेड कोच सरफराज अहमद को हटा दिया. तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान ने टीम में बड़े बदलाव किए और व्हाइट-बॉल हेड कोच माइक हेसन को टेस्ट टीम की ज़िम्मेदारी सौंप दी. साथ ही सात खिलाड़ियों को घर वापस भेज दिया गया, जिसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट में बवाल मचा हुआ है.
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इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान की कोचिंग में स्थिरता की पुरानी समस्या पर ध्यान खींचा है. सितंबर 2021 में मिस्बाह उल हक के हटने के बाद से नेशनल टीम ने कई तरह के कोचिंग इंतजाम देखे हैं.
पहला बदलाव
2019 में मिस्बाह-उल-हक को हेड कोच और चीफ सेलेक्टर बनाया गया, जिससे पाकिस्तान में सभी फॉर्मेट के लिए एक ही कोचिंग स्ट्रक्चर लागू हुआ.कॉन्ट्रैक्ट में एक साल बाकी होने के बावजूद उन्होंने और बॉलिंग कोच वकार यूनिस ने सितंबर 2021 में अपने पद छोड़ दिए. PCB ने तुरंत सकलैन मुश्ताक और अब्दुल रज्जाक को आने वाली न्यूज़ीलैंड सीरीज़ के लिए अंतरिम कोच नियुक्त किया.इसके बाद सकलैन पक्के तौर पर हेड कोच बने और 2022-23 के आखिर तक सभी फॉर्मेट में पाकिस्तान टीम की देखरेख की. उनके कार्यकाल के बाद 2023 में एक और बदलाव हुआ, जब PCB ने एक नए स्ट्रक्चर के साथ प्रयोग किया, जिसमें ग्रांट ब्रैडबर्न हेड कोच और मिकी आर्थर टीम डायरेक्टर बने. न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान टीम के साथ काम करने के बाद मई 2023 में ब्रैडबर्न को दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर औपचारिक रूप से हेड कोच नियुक्त किया गया. 2023 वर्ल्ड कप तक इस स्ट्रक्चर में आर्थर डायरेक्टर, ब्रैडबर्न हेड कोच और एक बड़ी सपोर्ट स्टाफ़ टीम शामिल थी.
एक और बड़ा बदलाव
2023 वर्ल्ड कप के बाद पाकिस्तान ने आर्थर-ब्रैडबर्न सेटअप से हटकर मोहम्मद हफीज को ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट दौरे और उसके बाद के समय के लिए टीम-डायरेक्टर की भूमिका में शामिल किया.PCB का हफीज को नियुक्त करना एक बड़े रीस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा था, जिसमें पाकिस्तान ने न केवल कोच बदले, बल्कि सीनियर मैनेजमेंट पदों से जुड़े टाइटल और जिम्मेदारियों में भी बार-बार बदलाव किए. अप्रैल 2024 में पाकिस्तान ने जेसन गिलेस्पी को रेड-बॉल हेड कोच और गैरी कर्स्टन को व्हाइट-बॉल हेड कोच नियुक्त किया, दोनों को दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर रखा गया. अजहर महमूद को सभी फॉर्मेट के लिए असिस्टेंट कोच बनाया गया. हालांकि यह व्यवस्था कुछ ही महीनों तक चली. कर्स्टन ने अक्टूबर 2024 में इस्तीफा दे दिया और PCB ने गिलेस्पी को ऑस्ट्रेलिया के व्हाइट-बॉल दौरे के लिए अंतरिम तौर पर जिम्मेदारी सौंप दी. नवंबर में आकिब जावेद को 2025 चैंपियंस ट्रॉफी तक के लिए अंतरिम व्हाइट-बॉल हेड कोच नियुक्त किया गया. इसके बाद दिसंबर 2024 में गिलेस्पी का कार्यकाल खत्म हो गया, जिसके बाद आकिब को रेड-बॉल टीम की भी अंतरिम जिम्मेदारी दे दी गई.
हेसन की एंट्री
मई में PCB द्वारा माइक हेसन को परमानेंट व्हाइट-बॉल हेड कोच नियुक्त किए जाने से पहले आकिब का अंतरिम व्हाइट-बॉल कार्यकाल 2025 तक जारी रहा. हेसन ने आकिब की जगह ली और 26 मई 2025 को अपना कार्यकाल शुरू किया.जून 2025 में अज़हर महमूद को एक्टिंग रेड-बॉल हेड कोच नियुक्त किया गया. उन्होंने वह भूमिका संभाली, जो कोचिंग में पहले हुए बदलावों के बाद खाली हो गई थी. इसके बाद अज़हर ने 2025 में टेस्ट टीम की देखरेख जारी रखी.
सरफराज को टेस्ट टीम की जिम्मेदारी
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद को 2026 की बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से पहले रेड-बॉल हेड कोच नियुक्त किया गया था. यह नियुक्ति इसलिए खास थी, क्योंकि सरफ़राज़ सीधे खिलाड़ी के तौर पर अपना करियर खत्म करके नेशनल सेटअप में कोचिंग की भूमिका में आ गए थे. हालांकि उनका कार्यकाल कुछ ही महीनों का रहा.2026 की इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की बेहद खराब शुरुआत के बाद एक और बड़ा बदलाव हुआ. लीड्स और लॉर्ड्स में हार के बाद PCB ने सरफ़राज और बॉलिंग कोच उमर गुल को हटा दिया और सात खिलाड़ियों को घर वापस भेज दिया. हेसन को टेस्ट टीम की ज़िम्मेदारी भी सौंप दी गई.
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