चिन्मय सुतार रणजी ट्रॉफी में 400 रन की पारी खेलने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए. उन्होंने मिजोरम की ओर से खेलते हुए नगालैंड के खिलाफ यह करिश्मा किया. 29 साल के चिन्मय सुतार ने 517 गेंद का सामना किया और 46 चौकों व सात छक्कों से नाबाद 400 रन की पारी खेली. इससे मिजोरम ने नौ विकेट पर 581 रन बनाकर पारी घोषित कर दी. चिन्मय इस साल की शुरुआत में मुंबई क्रिकेट का हिस्सा था. उन्होंने वर्तमान सीजन से पहले ही मिजोरम के लिए खेलने का फैसला किया. इसी टीम की ओर से उन्हें फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला था. 11 से 14 अक्टूबर को मिजोरम और मणिपुर के मैच में रणजी डेब्यू में उन्होंने 35 व 99 रन की पारियां खेली थी. इसके जरिए वह फर्स्ट क्लास डेब्यू में 99 के फेर में फंसने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल हुए थे.
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चिन्मय ने 400 रन की पारी तीसरे नंबर पर उतरकर खेली. उनके अलावा मिजोरम की तरफ से दूसरे सर्वोच्च स्कोरर जेहु एंडरसन रहे जिन्होंने 69 रन बनाए. मिजोरम के 581 में से 400 रन तो अकेले चिन्मय के बल्ले से आए. उन्होंने दूसरे दिन के खेल में चाय ब्रेक के बाद सौरव कुमार की गेंद पर एक रन लेकर 400 रन बनाए. इसके बाद मिजोरम ने पारी घोषित कर दी. चिन्मय ने रणजी में सर्वोच्च निजी स्कोर को तोड़ने की कोशिश नहीं की. सुतार ने अपनी ऐतिहासिक पारी के दौरान आखिरी विकेट के लिए लालरेमपुइया (14) के साथ 189 रन जोड़े. इनमें से 169 रन उनके अकेले थे. सुतार और लालरेमपुइया मिलकर टीम को नौ विकेट पर 392 के स्कोर से 581 तक ले गए.
चिन्मय सुतार से पहले किस भारतीय ने खेली थी 400 रन की पारी
चिन्मय से पहले पहली व आखिरी बार रणजी ट्रॉफी में 400 प्लस रन का निजी स्कोर भाऊसाहेब निंबालकर के नाम था. उन्होंने 1948-49 के रणजी सीजन में महाराष्ट्र की तरफ से खेलते हुए काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे. सुतार ने अपनी पारी के दौरान रणजी ट्रॉफी में सर्वोच्च निजी स्कोर के मामले में पृथ्वी शॉ (379) और संजय मांजरेकर (377) को पीछे छोड़ा. शॉ ने 2023 में असम के खिलाफ 383 गेंद में 49 चौकों व चार छक्कों से यह पारी खेली थी. इसके जरिए वह रणजी मे दूसरे सर्वोच्च स्कोरर बने थे. उन्होंने मांजरेकर के 1991 में रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में हैदराबाद के खिलाफ बनाए 377 के स्कोर को पीछे छोड़ा था. इस दिग्गज ने 473 गेंद का सामना करते हुए 50 चौकों व पांच छक्कों से तिहरा शतक बनाया था.
रणजी ट्रॉफी में सर्वोच्च निजी स्कोर
| क्रम | खिलाड़ी | स्कोर | टीम | विरोधी टीम | साल |
| 1 | भाऊसाहेब निंबालकर | 443* | महाराष्ट्र | काठियावाड़ | 1948 |
| 2 | चिन्मय सुतार | 400* | मिजोरम | नगालैंड | 2026 |
| 3 | पृथ्वी शॉ | 379 | मुंबई | असम | 2023 |
| 4 | संजय मांजरेकर | 377 | बॉम्बे | हैदराबाद | 1991 |
| 5 | मारुति श्रीधर | 366 | हैदराबाद | आंध्र प्रदेश | 1994 |
कौन हैं चिन्मय सुतार
चिन्मय घरेलू क्रिकेट में वर्तमान सीजन से पहले मुंबई के साथ थे. वे इस टीम की ओर से अंडर 23 लेवल पर खेले. वे 2019 में इंडिया इमर्जिंग टीम की तरफ से इमर्जिंग टीम्स एशिया कप में खेले थे. उस टूर्नामेंट में उन्होंने तीन पारियों में 132 की औसत व 106.45 की स्ट्राइक रेट से 132 रन बनाए थे. इसमें नाबाद 104 रन की पारी शामिल थी. 2021 में मुंबई टीम के साथ ओमान के दौरे पर गए थे. इस टीम में यशस्वी जायसवाल, शम्स मुलानी जैसे नाम शामिल थे. चार मैच में चिन्मय 3, 37, 1 और 19 रन बना सके थे. उन्होंने 2026 में विजय हजारे ट्रॉफी के जरिए मुंबई की तरफ से सीनियर लेवल पर डेब्यू किया था. महाराष्ट्र के खिलाफ उनका पहला मैच था. इसमें दो रन बना सके थे. फिर खेलने का मौका नहीं मिला.
चिन्मय के पिता ने सचिन के साथ की थी बैटिंग
चिन्मय कुछ महीने पहले मुंबई क्रिकेट लीग में खेले थे. इसमें मराठा रॉयल्स के साथ थे. उनके पिता राजेश भी क्रिकेटर रहे हैं. एक समय उन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ बैटिंग की थी. उनके पिता ने सात फर्स्ट क्लास और 30 लिस्ट ए मैच खेले. इनमें कुल 921 रन बनाए और 31 विकेट लिए. वे मुंबई की ओर से आखिरी बार नवंबर 1999 में खेले थे. बाद में अंपायर और रेफरी बन गए. पिता की वजह से ही चिन्मय क्रिकेट में आए. हालांकि वे मुंबई की सीनियर टीम में जगह नहीं बना पा रहे थे. ऐसे में उन्होंने सीजन शुरू होने से पहले मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से एनओसी ले ली थी.
चिन्मय सुतार 400 की पारी खेलने वाले दुनिया के 10वें बल्लेबाज
चिन्मय फर्स्ट क्लास क्रिकेट इतिहास में 10वें ही बल्लेबाज हैं जिन्होंने 400 या इससे ज्यादा रन की पारी खेली है. वेस्ट इंडीज के ब्रायन लारा के नाम इस फॉर्मेट में सर्वोच्च स्कोर का रिकॉर्ड है. उन्होंने 1994 में इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में वार्विकशर की तरफ से खेलते हुए डरहम के खिलाफ नाबाद 501 रन की पारी खेली थी. बाद में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 2004 में टेस्ट में 400 रन नाबाद बनाए थे. टेस्ट क्रिकेट में यह सर्वोच्च निजी स्कोर है. पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद 499 रन के स्कोर के साथ फर्स्ट क्लास क्रिकेट में दूसरे सर्वोच्च निजी स्कोरर हैं.
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लारा और ऑस्ट्रेलिया के विलियम पोंसफोर्ड दो बल्लेबाज हैं जिन्होंने दो बार 400 या इससे ज्यादा का स्कोर बनाया है. लारा ने टेस्ट और फर्स्ट क्लास में ऐसा किया तो पोंसफर्ड ने शेफील्ड शील्ड में किया. लारा की दोनों पारियां इंग्लैंड की धरती पर आई तो पोंसफोर्ड की ऑस्ट्रेलिया में.
फर्स्ट क्लास क्रिकेट के सर्वोच्च निजी स्कोर
| खिलाड़ी | स्कोर | टीम | विरोधी टीम | साल |
| ब्रायन लारा | 501* | वार्विकशर | डरहम | 1994 |
| हनुमान मोहम्मद | 499 | कराची | बहावलपुर | 1959 |
| डॉन ब्रैडमैन | 452* | न्यू साउथ वेल्स | क्वींसलैंड | 1930 |
| भाऊसाहेब निंबालकर | 443* | महाराष्ट्र | काठियावाड़ | 1948 |
| विलियम हेरल्ड पोंसफोर्ड | 437 | विक्टोरिया | क्वींसलैंड | 1927 |
| विलियम हेरल्ड पोंसफोर्ड | 429 | विक्टोरिया | तस्मानिया | 1923 |
| आफताब बलोच | 428 | सिंध | बलूचिस्तान | 1974 |
| एसी मैकलारेन | 424 | लैंकाशर | समरसेट | 1895 |
| एसए नूर्से | 410* | ग्लेमॉर्गन | लेस्टरशर | 2022 |
| ग्रीम हिक | 405* | वूर्सेस्टरशर | समरसेट | 1988 |
| ब्रायन लारा | 400* | वेस्ट इंडीज | इंग्लैंड | 2004 |
| चिन्मय सुतार | 400* | मिजोरम | नगालैंड | 2026 |
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