चमत्कार से बची जान! कोमा से बाहर आया ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज, गिलक्रिस्ट ने अपने पूर्व साथी ख‍िलाड़ी मार्टिन की हेल्थ पर दी अपडेट

Damien Martyn health update: एडम गिलक्रिस्ट ने बताया कि डेमियन मार्टिन पर इलाज का असर हो रहा है और कोमा से बाहर आने के बाद वह बात करने में सक्षम हैं.

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डेमियन मार्टिन दिमागी बुखार के कारण कोमा में चले गए थे. (pc: getty)

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डेमियन मार्टिन दिमागी बुखार के कारण कोमा में चले गए थे.

मार्टिन कोमा से बाहर आ गए हैं.

Damien Martyn health update: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट ने कहा कि उनके पूर्व साथी डेमियन मार्टिन के ‘मेनिन्जाइटिस’ (दिमागी बुखार) से उबरने की प्रक्रिया किसी ‘चमत्कारी वापसी’ की तरह है. वह अब कोमा से बाहर आने के बाद बात करने की हालत में हैं. गिलक्रिस्ट ने बताया कि मार्टिन के मेनिन्जाइटिस से पीड़ित होने का पता चलने के बाद गोल्ड कोस्ट के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह इलाज की सकारात्मक रिएक्ट कर रहे हैं और अब बात करने की हालत हैं.

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क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू ने गिलक्रिस्ट के हवाले से कहा कि पिछले 48 घंटों में अविश्वसनीय घटनाक्रम देखने को मिला है. इलाज का असर हो रहा है और अब बात करने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि वह अस्पताल में ही रहेंगे और उनका इलाज जारी रहेगा. उनकी हालत में आया बदलाव किसी चमत्कार से कम नहीं है.

चमत्कारिक रूप से सेहत में सुधार

मार्टिन के करीबी दोस्त गिलक्रिस्ट ने कहा कि कोमा से बाहर आने के बाद से उनकी सेहत में असाधारण रूप से सुधार हुआ है. यहां तक कि उनके परिवार को भी यह किसी चमत्कार से कम नहीं लग रहा है. इस दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज ने बताया कि मार्टिन के परिवार को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही आईसीयू से छुट्टी मिल जाएगी. उन्होंने कहा कि अब हालात इतने सकारात्मक रहे हैं कि उन्हें उम्मीद है कि वह जल्द ही आईसीयू से बाहर आ जाएंगे. अभी कुछ इलाज और निगरानी बाकी है, लेकिन स्थिति सकारात्मक दिख रही है.

मार्टिन का करियर

गिलक्रिस्ट ने कहा कि उनकी पत्नी अमांडा सभी से कहना चाहती हैं कि उन्हें पूरा विश्वास है कि लोगों से मिले प्यार और देखभाल ने उनकी बहुत मदद की है. डार्विन में जन्मे मार्टिन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 1992-93 की सीरीज में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था. उन्होंने आखिरी टेस्ट एशेज 2006-07 में खेला जिसके बाद वह कमेंट्री करने लगे. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 67 टेस्ट मैच खेले हैं. उन्होंने 208 वनडे में 40.8 की औसत से रन बनाये और 1999 और

2003 विश्व कप विजेता ऑस्ट्रेलिया टीम के सदस्य थे. उन्होंने 2003 फाइनल में भारत के खिलाफ नाबाद 88 रन बनाये थे जबकि ऊंगली में फ्रैक्चर के बाद वह बल्लेबाजी कर रहे थे. वह 2006 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम के भी सदस्य थे.

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