25 हजार रन बनाने वाले द‍िग्गज की एंट्री से सेलेक्टर पद की रेस में रोमांचक मोड़, अजीत अगरकर की ले सकते हैं जगह, इन लोगों का भी हुआ इंटरव्यू

सीनियर नेशनल सिलेक्शन कमिटी में एक पद के लिए अशोक मल्होत्रा ​​की अध्यक्षता वाली क्रिकेट एडवाइजरी कमिटी (CAC) ने वसीम जाफर, कॉनर विलियम्स, रमेश पोवार और जैकब मार्टिन का इंटरव्यू लिया.

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किरण सिंह

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वसीम जाफर ने सेलेक्टर पोस्ट के लिए आवेदन किया. (PC: Getty)

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वसीम जाफर ने सेलेक्टर पोस्ट के लिए आवेदन किया

अजीत अगरकर के चेयरमैन पद छोड़ने के बाद यह जगह खाली हो गई

भारत की सीनियर पुरुष चयन समिति में खाली जगह के लिए चल रही दौड़ में एक दिलचस्प मोड़ आ गया है, क्योंकि पूर्व ओपनर वसीम जाफर ने भी इसके लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है. बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) ने जिन प्रमुख लोगों का वर्चुअल इंटरव्यू लिया, उनमें वसीम जाफर भी शामिल थे. इस समिति में भारत के पूर्व खिलाड़ी अशोक मल्होत्रा ​​और जतिन परांजपे शामिल हैं. माना जा रहा है कि भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रमेश पोवार, पूर्व तेज गेंदबाज सलिल अंकोला, बड़ौदा के जैकब मार्टिन (जिन्होंने भारत के लिए दस वनडे खेले हैं) और कॉनर विलियम्स का भी इंटरव्यू लिया गया, जबकि पार्थिव पटेल, जिनके इस पद के लिए आवेदन करने की काफी उम्मीद थी, उन्होंने ऐसा नहीं किया. 

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अजीत अगरकर के चेयरमैन पद छोड़ने के बाद यह जगह खाली हो गई, जिसके चलते भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इस नियुक्ति का असर सिलेक्शन पैनल के नेतृत्व पर भी पड़ सकता है और BCCI अभी अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है. स्पोर्टस्टार के अनुसार ऐसी अटकलें थीं कि 24 टेस्ट मैच खेलने वाले भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर प्रज्ञान ओझा कुछ समय तक पैनल के सदस्य रहने के बाद चेयरमैन का पद संभाल सकते हैं. हालांकि इंटरव्यू के लिए जाफर के पहुंचने से इस चर्चा में एक नया मोड़ आ गया है. भारत के पूर्व ओपनर जाफर ने 31 टेस्ट मैच खेले हैं, जो ओझा के मुकाबले इस फॉर्मेट में उनसे काफी अध‍िक है. परंपरा के अनुसार नियुक्त सदस्यों में से सबसे ज़्यादा टेस्ट मैच खेलने वाला चयनकर्ता समिति का अध्यक्ष बनता है. इसलिए अगर जाफ़र को इस पैनल के लिए चुना जाता है, तो उनकी उम्मीदवारी काफी अहम साबित हो सकती है. जाफर ने पीटीआई को कंफर्म किया कि उन्होंने सेलेक्टर पद के लिए आवेदन किया है. उन्होंने कहा कि हां मैंने पद के लिए आवेदन किया है.

रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी

भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक जाफर के नाम घरेलू क्रिकेट में करीब 25 हजार रन है. उन्होंने अपना फर्स्ट-क्लास करियर 19 हजार से ज़्यादा रन के साथ खत्म किया. विदर्भ में जाने से पहले वह मुंबई की मजबूत रणजी ट्रॉफी टीम का अहम हिस्सा थे, जहां उन्होंने अच्छा योगदान देना जारी रखा. लंबे समय तक बल्लेबाजी करने की उनकी क्षमता और घरेलू सर्किट का उनका बहुत ज़्यादा अनुभव उन्हें सिलेक्शन में अच्छा काम आ सकता है. वे रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं और इस टूर्नामेंट के इतिहास में उन्होंने सबसे ज़्यादा शतक भी लगाए हैं. उन्होंने 1996-97 सीज़न में मुंबई के साथ अपने सीनियर क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी और विदर्भ की ओर से खेलते हुए क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया. 

घरेलू कर‍ियर

 

फॉर्मेट मैच रन शतक अर्धशतक
फर्स्ट क्लास 260 19,410 57 91
लिस्ट-A 118 4,849 10 33
T20s 23 616 0 6

 

जाफर ने 31 टेस्ट और दो वनडे मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया. हालांकि उनका इंटरनेशनल करियर उनके घरेलू करियर जितना लंबा नहीं रहा, फिर भी विभिन्न स्तरों पर भारतीय क्रिकेट की उनकी समझ उनकी उम्मीदवारी का एक अहम पहलू है. 48 साल के जाफर ने 31 टेस्ट मैच खेले और पांच शतक लगाए, जिनमें वेस्ट इंडीज और पाकिस्तान के खिलाफ लगाए गए दोहरे शतक भी शामिल हैं. उनका टेस्ट करियर 2000 से 2008 तक रहा, जिसमें उन्होंने 34.10 की औसत से 1944 रन बनाए. वनडे में जाफर ने 2006 में केवल दो मैच खेले.  

इंटरनेशनल कर‍ियर

फॉर्मेट  मैच रन शतक अर्धशतक
टेस्ट 31 1944 5 11
ODI 2 10 0 0

चेयरमैन बनने के मजबूत दावेदार


अगर अशोक मल्होत्रा ​​और जतिन परांजपे वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) जाफ़र को चुनती है तो चेयरमैन पद के लिए विचार किए जा रहे उम्मीदवारों में से जाफ़र के नाम सबसे ज़्यादा टेस्ट मैच खेलने का रिकॉर्ड होगा और इसलिए वे चेयरमैन बनेंगे.  वहीं पोवार के पास भी इंटरनेशनल स्तर पर खेलने का अनुभव है और वे कोचिंग भी दे चुके हैं. वह भारत के लिए 31 वनडे और दो टेस्ट खेले हैं. वे भारतीय महिला टीम के हेड कोच रह चुके हैं.पहले माना जा रहा था कि वे नेशनल जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार हैं. हालांकि उन्होंने इसके लिए आवेदन नहीं किया. इसलिए पूर्व भारतीय खिलाड़ी डोडा गणेश को यह पद मिल सकता है. जहां तक ​​सीनियर चयन समिति की बात है, तो विलियम्स और मार्टिन का भी घरेलू क्रिकेट का अनुभव है, जिससे इंटरव्यू देने वालों के बीच अनुभवों का दायरा और बढ़ जाता है. मुंबई से ही एक और उम्मीदवार अंकोला ने भारत के लिए एक टेस्ट और 20 वनडे मैच खेले हैं. वे जनवरी 2023 से अगस्त 2024 तक नेशनल चयनकर्ता रहे, जिसके बाद उन्होंने अजय रात्रा के लिए अपनी जगह छोड़ दी, ताकि चयन समिति में क्षेत्रीय संतुलन बना रहे. उम्मीद है कि CAC जल्द ही पांचवें सीनियर चयनकर्ता के नाम को अंतिम रूप दे देगा. इससे यह भी तय हो सकता है कि आगे चलकर इस अहम पैनल की कमान किसके हाथों में होगी, खासकर तब जब 2027 पुरुष वनडे विश्व कप की तैयारियों पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जा रहा है. 


अगरकर का कार्यकाल

टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर के रूप में अगरकर का कार्यकाल इसी महीने के शुरुआत में आध‍िकार‍िक रूप से समाप्त हो गया. उन्होंने साल 2023 में इस पद की जिम्मेदारी मिली थी, मगर अब उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद आगे एक्सटेंड करने की मांग नहीं रखी. जिसके बाद अब इस खाली पद के लिए बीसीसीआई ने वैकेंसी निकाल दी. अजीत अगरकर के हटने के बाद अब पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को अंतरिम मुख्य चयनकर्ता बनाया गया है. ओझा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टी20, वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए टीम चयन की बैठक की अध्यक्षता की. अगरकर के कार्यकाल में भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफी जीती. रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने 2024 का टी20 वर्ल्ड कप जीता. इसके बाद 2025 की चैम्पियंस ट्रॉफी जीती और फिर सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में 2026 का टी20 वर्ल्ड कप भी जीता. अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में भी पहुंची थी. 


रोहित के फ्यूचर को लेकर बीसीसीआई से बिगड़ी बात 


अगरकर और बीसीसीआई के बीच इस साल के शुरुआत तक सब कुछ सही नजर आ रहा था, मगर कुछ र‍िपोर्ट्स में दावा किया गया था कि 
अगरकर ने जुलाई 2026 में भारत के इंग्लैंड दौरे के दौरान लॉर्ड्स वनडे के बाद रोहित से आगे बढ़ने (उन्हें टीम से हटाने) की कोशिश की. हालांकि BCCI सच‍िव देवजीत सैकिया ने इसेखारिज कर दिया था. इसके बाद बीसीसीआई की रिव्यू मीटिंग में अगरकर की अनुपस्थिति ने साफ कर द‍िया था कि अगरकर और बीसीसीआई के बीच र‍िश्ते खराब हो गए हैं. 

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