आईपीएल 2026 के बीच भारतीय क्रिकेट से तीसरा रिटायरमेंट हो गया. ऑलराउंडर विजय शंकर और स्पिनर मुरुगन अश्विन के बाद अब कर्नाटक के लिए घरेलू क्रिकेट में खेलने वाले बल्लेबाज केवी सिद्धार्थ ने संन्यास की जानकारी दी. उन्होंने 28 मई को यह फैसला किया. केवी सिद्धार्थ ने बीसीसीआई क्रिकेट से दूर होना आसान नहीं क्योंकि यह खेल उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है. अब वह इस खेल को वापस कुछ देना चाहते हैं.
ADVERTISEMENT
सूर्यवंशी के सामने क्यों दिग्गज बॉलर्स की भी होती है पिटाई, जुरेल ने खोला राज
33 साल के केवी सिद्धार्थ ने 2018 में कर्नाटक क्रिकेट टीम में कदम रखा था. उन्होंने 31 फर्स्ट क्लास, 28 लिस्ट ए और 15 टी20 मुकाबले इसके बाद खेले. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 42.06 की औसत से 2103 रन रहे तो लिस्ट ए में 40.21 की औसत से 925 और टी20 में 131.55 की स्ट्राइक रेट से 246 रन रहे. वह कभीकभार कीपिंग बी कर लेते थे. 2023 के घरेलू सीजन से पहले सिद्धार्थ ने कर्नाटक छोड़कर गोवा की तरफ से खेलने का फैसला किया था. घरेलू क्रिकेट में उनके आखिरी मैच इसी टीम की तरफ से आए.
सिद्धार्थ डेब्यू सीजन में बने कर्नाटक के सर्वोच्च स्कोरर
केवी सिद्धार्थ को 2018 के सीजन में पहली बार कर्नाटक की तरफ से खेलने का मौका मिला. उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट के अपने पहले ही सीजन में 10 मैच में 42.82 की औसत से 728 रन बनाए. तब उन्होंने दो शतक व पांच अर्धशतक बनाए थे. उस सीजन वे कर्नाटक की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे. हालांकि इसके बाद वे दोबारा से इस तरह का प्रदर्शन कर नहीं पाए.
मयंक अग्रवाल का आर्टिकल पढ़ने से सिद्धार्थ की कर्नाटक टीम में हुई एंट्री
सिद्धार्थ ने 2012 से 2015 तक उन्होंने कर्नाटक टीम में जगह बनाने के लिए भरपूर कोशिश की. कई बदलाव किए जिनमें तकनीक, प्रैक्टिस मैथड, रूटीन सब शामिल था. 2016-17 में जब 25 साल की उम्र में वह सब कुछ छोड़ने को तैयार थे तब उनके भाई ने मयंक अग्रवाल का एक आर्टिकल पढ़ने को कहा जिसमें वह कहते हैं कि रोजाना 1000 गेंद का सामना करते हैं. इसके बाद सिद्धार्थ ने प्रतिदिन 500-600 गेंद खेलना शुरू किया. इसके बाद उन्हें कर्नाटक टीम में खेलने का मौका मिला.
Women's T20 World Cup के लिए अंपायर और मैच रेफरी का ऐलान, ये 4 भारतीय शामिल
ADVERTISEMENT










