स्टार भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह को सस्पेंड किए जाने के एक दशक बाद मध्य प्रदेश पुलिस में उनकी नौकरी वापस मिल गई है. यह सब उनकी बेटी की 2025 वर्ल्ड कप में मिली सफलता की वजह से हुआ, जिसे भारत ने अपने देश में जीता था. अपने सस्पेंशन के एक दशक से ज़्यादा समय बाद क्रांति के पिता मुन्ना सिंह को मध्य प्रदेश पुलिस में बहाल कर दिया गया है. राज्य सरकार ने कहा कि इस कदम से क्रांति के वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद किया गया वादा पूरा हुआ है.
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मध्य प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने पुष्टि की है कि 2012 में चुनाव ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही के लिए सस्पेंड किए गए मुन्ना एक कांस्टेबल थे और उन्हें 13 साल बाद बहाल कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री ने किया था वादा
सारंग ने एक बयान में कहा कि यह फैसला न सिर्फ परिवार को राहत देता है, बल्कि यह सरकार की संवेदनशीलता, एथलीटों के प्रति सम्मान और निष्पक्ष रवैये का एक साफ उदाहरण भी है. उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भारत की ऐतिहासिक वर्ल्ड कप जीत के बाद एक सम्मान समारोह में क्रांति को आश्वासन दिया था कि उनके पिता की नौकरी बहाल कर दी जाएगी.
वर्दी में सम्मान के साथ रिटायर
सारंग ने कहा कि इस फैसले ने न सिर्फ परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहारा दिया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि क्रांति के पिता पुलिस की वर्दी में सम्मान के साथ रिटायर हो सकें.
क्रांति गौड़ का वर्ल्ड कप में प्रदर्शन
पिछले साल मई में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाली क्रांति ने भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने वर्ल्ड कप में भारत के लिए कुल 9 विकेट लिए थे, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ 20 रन पर तीन विकेट भी शामिल है. वह पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच में प्लेयर ऑफ द मैच रही थीं. जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने कप्तान एलिसा हीली का इकलौता, मगर बहुत बड़ा विकेट लिया था. उन्होंने हीली को पांच रन के स्कोर पर बोल्ड कर दिया था. साउथ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में उन्हें कोई सफलता तो नहीं मिली थी, मगर वह उन्होंने काफी कसीब हुई गेंदबाज की थी.
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