लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी 36 साल के हो गए हैं, मगर इस उम्र में भी वह अपनी काबिलियत और कड़ी मेहनत के दम पर अपनी अहमियत साबित करते हुए अलग नजर आते हैं. शमी भले ही भारतीय टीम से बाहर हैं, मगर उन्होंने वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है. वह मैदान पर उसी एनर्जी के साथ उतरते हैं, जिससे दिग्गज बल्लेबाज भी खौफ खाते हैं. वह भले ही टीम इंडिया से बाहर हैं, मगर ना तो उन्होंने मेहनत छोड़ी है और ना ही अपनी लय को टूटने दी है. अब रणजी ट्रॉफी 2026- 2027 के पहले दिन ही उन्होंने दिखा दिया है कि उनमें टीम इंडिया में वापसी करने का अभी भी दम है. बीते दिन बंगाल क्रिकेट अकादमी के मैदान पर दिल्ली के खिलाफ बंगाल के लिए खेलते हुए चार विकेट लेकर शमी ने रणजी ट्रॉफी सीजन की शानदार शुरुआत की और इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी 'जन्मजात काबिलियत' में कोई फ़र्क महसूस नहीं हुआ.
ADVERTISEMENT
IND vs WI: रांची-इंदौर के बाद अब हैदराबाद और बेंगलुरु में भी हाई स्कोरिंग मैच
गेंद को अंदर और बाहर घुमाने की समझ
मोहम्मद शमी का कहना है कि यह समझ होनी चाहिए कि गेंद को कब अंदर और बाहर की तरफ घुमाना है. उन्हें अपने प्रदर्शन में कोई बदलाव महसूस नहीं होता. उनका कहना है कि लोग अपनी राय देते हैं. शायद लोगों को देखने और कमेंट करने में ज़्यादा मज़ा आता है. वे कहते हैं कि उनमें रिदम और फिटनेस की कमी है, मगर उन्हें इन सब बातों की परवाह नहीं है और वह अपने खेल का आनंद लेते हैं.
शमी ने क्या टीम इंडिया के सेलेक्टर्स से कॉन्टेक्ट किया?
शमी भारत के लिए पिछला इंटरनेशनल फरवरी 2025 में खेले थे. उसके बाद से ही वह टीम में नहीं आ पाए. स्पोर्ट्सस्टार के अनुसार नेशनल सेलेक्टर्स से संपर्क करने के सवाल पर भारतीय स्टार गेंदबाज शमी ने कोई सीधा सा तो जवाब नहीं दिया , मगर अपनी फिटनेस पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि वह मैदान पर हैं और खेल रहे हैं.
संन्यास पर क्या बोले शमी?
बीते दिनों न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया चुनी गई और शमी को एक बार फिर सेलेक्टर्स ने नजरअंदाज कर दिया, मगर इस सीरीज के लिए चार साल के लंबे अंतराल के बाद भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी हुई. टीम में शामिल ना किए जाने के बारे में पूछे जाने पर शमी ने साफ कर दिया कि उन्हें मैदान के बाहर की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है और उन्होंने ऐसी बातें करना छोड़ दिया है. इससे उहं कोई फ़र्क नहीं पड़ता. अब जो कोई जो भी करना चाहे, करे. उनका काम बस खेलना है. हालांकि शमी ने कहा कि जब तक वह खुद संन्यास लेने का फैसला नहीं करते, तब तक वह खेलते रहने के लिए प्रेरित हैं.
भुवी का किया सपोर्ट
शमी ने न्यूजीलैंड के ख़िलाफ T20I सीरीज के लिए साथी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के चयन का भी समर्थन किया और कहा कि इस अनुभवी खिलाड़ी की वापसी से दूसरों को भी आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा मिलेगी. शमी ने कहा कि इंसान को बस उम्मीद के सहारे आगे बढ़ते रहना चाहिए. उनमें कितनी काबिलियत है. ऐसा तो नहीं है कि वह किसी से बात नहीं कर रहे थे या ऐसा कुछ हुआ हो. इसका मतलब यह नहीं है कि किसी टैलेंटेड खिलाड़ी को लंबे समय तक बाहर रखा जाए. उन्होंने IPL में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. अगर कोई कड़ी मेहनत कर रहा है, अपनी काबिलियत दिखा रहा है और उसमें क्षमता है, तो उन्हें क्यों नहीं खेलना चाहिए? हर किसी को प्रदर्शन करने का मौका मिलना चाहिए.
शमी का करियर
साल 2013 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मैच से भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले शमी ने भारत के लिए 64 टेस्ट, 108 वनडे और 25 टी20 मैच खेले. उनके नाम कुल 462 विकेट है.
| फॉर्मेट | मैच | पारी | गेंद | रन | विकेट | औसत | इकॉनमी | स्ट्राइक रेट | 4 विकेट | 5 विकेट |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 64 | 122 | 11515 | 6346 | 229 | 27.71 | 3.30 | 50.2 | 12 | 6 |
| वनडे | 108 | 107 | 5326 | 4955 | 206 | 24.05 | 5.58 | 25.8 | 10 | 6 |
| टी20I | 25 | 25 | 510 | 761 | 27 | 28.18 | 8.95 | 18.8 | 0 | 0 |
चोट, वापसी और बाहर
पिछले कुछ साल शमी का करियर उतार चढ़ाव से भरा. वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल के बाद चोटिल होने के बाद वह करीब दो साल बाहर रहे और साल 2025 में वापसी की. 2025 में टीम इंडिया जब आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती तो शमी भी वनडे टीम इंडिया का हिस्सा थे, मगर इसके बाद वह एक बार फिर बाहर हो गए. अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति का फोकस भी वर्ल्ड कप 2027 को ध्यान में रखते हुए युवा तेज गेंदबाजों का पूल बनाने पर आ गया.
शमी की वापसी पर क्या बोले बैटिंग कोच?
शमी को ना तो न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम में चुना गया और ना ही उससे पहले तीन मल्टी डे मैचों की सीरीज के लिए इंडिया ए के लिए उनके नाम पर विचार किया गया. जिसके बाद काफी सवाल उठने लगे थे. इस मुद्दे पर टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने कहा कि वह कोई सेलेक्टर नहीं हैं. इसलिए ये बताना मुश्किल होगा कि वो सेलेक्ट होंगे या नहीं. मगर शमी भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और अगर सेलेक्टर्स को ऐसा लगता होगा तो शमी के लिए टीम इंडिया के दरवाजे खुल जाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर टीम को कभी भी किसी खिलाड़ी की जरूरत होगी तो उस खिलाड़ी को कभी भी चुना जा सकता है.
दिल्ली 240 रन पर ढेर
शमी की खौफनाक गेंदबाजी के आगे दिल्ली की टीम पहले दिन 77.3 ओवर में 240 रन पर सिमट गई. दिल्ली के लिए ऋतिक शौकीन ने सबसे ज्यादा 56 रन बनाए. उनके अलावा आयुष डोसेजा ने 45 रन और ओपनर सार्थक रंजन ने 33 रन बनाए. कप्तान आयुष बडोनी ने 37 गेंदों में 23 रन बनाए. अनुज रावत को अपना खाता तक नहीं खोल पाए. शमी ने यश ढुल, डोसेजा, शौकीन, दिविज मेहरा का शिकार किया. उनके अलावा आमिर गनी ने 45 रन पर तीन विकेट लिए. आकाशदीप ने 74 रन पर दो विकेट और मुकेश कुमार ने 43 रन पर एक विकेट लिया.
ADVERTISEMENT











