54 पर आधी टीम आउट फिर भी 160 रन से जीत लिया मैच, रणजी ट्रॉफी में इस टीम ने 4 दिन में पलटी बाजी, जानिए कैसे हुआ चमत्कार

तीन बार की विजेता विदर्भ ने रणजी ट्रॉफी 2026-27 में जीत के साथ आगाज किया. उसने पहले मुकाबले में पुडुचेरी को 160 रन से मात दी. विदर्भ ने मैच के आखिरी दिन गेंद और बल्ले से कमाल करते हुए यादगार जीत हासिल की.

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Harsh Dubey

हर्ष दुबे इंटरनेशनल डेब्यू करने के लिए पूरी तरह तैयार. (Photo: PTI)

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विदर्भ ने पुडुचेरी के सामने जीत के लिए 291 रन का लक्ष्य रखा था.

पुडुचेरी की टीम चौथे व आखिरी दिन 130 रन के स्कोर पर सिमट गई.

रणजी ट्रॉफी 2026-27 के पहले राउंड के मुकाबले में तीन बार की विजेता टीम विदर्भ ने जीत के साथ आगाज किया. उसने ग्रुप ए के मुकाबले में पुडुचेरी को 160 रन से हराया. विदर्भ की जीत कई मायनों में अहम रही. पहले दिन जब खेल शुरू हुआ था और इसके बाद पुडुचेरी ने दबदबा कायम किया था. उसने विदर्भ के पांच विकेट 54 के स्कोर पर गिरा दिए थे. इसके बाद तीसरे दिन के खेल तक लग रहा था कि मैच ड्रॉ हो जाएगा. मगर विदर्भ ने जिस तरह का खेल दिखाया उससे मैच का नतीजा ही बदल गया. उसने पहले कप्तान अक्षय वाडकर के बूते वापसी करते हुए बड़ा स्कोर बनाया. फिर आखिरी दिन जबरदस्त बैटिंग और बॉलिंग करते हुए जीत हासिल की और छह अंक बटोरे.

तीन ख‍िलाड़‍ियों की वजह से वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए टीम सेलेक्शन में देरी

नागपुर में हुए मुकाबले में विदर्भ ने टॉस जीतकर बैटिंग करना चुना. पुडुचेरी के गेंदबाजों के आगे उसकी आधी टीम 54 के स्कोर पर निपट गई. ध्रुव शोरी (0), अमन मोखाडे (26), दर्शन नालकंडे (0), दानिश मालेवर (20) और आर समर्थ (1) जैसे बल्लेबाज सस्ते में निपट गए. ऐसे समय में यश राठोड (134) और वाडकर (198) ने मोर्चा संभाला. दोनों ने छठे विकेट के लिए 255 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 300 के पार पहुंचा दिया. वाडकर ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ अहम रन जुटाए और विदर्भ का पहली पारी का स्कोर 428 रन रहा.

पुडुचेरी की पहली पारी में क्या हुआ

इसके जवाब में पुडुचेरी ने भी अच्छा खेल दिखाया. उसकी तरफ से तीन अर्धशतक लगे जो रितेश गुडगे (95), निखिल गांगटा (54) और मोहित काले (78) के बल्लों से आए. पुडुचेरी के पास हालांकि मौका था कि वह विदर्भ के स्कोर के पास पहुंच सके. एक समय उसका स्कोर एक विकेट पर 159 और फिर तीन विकेट पर 200 रन था. मगर आखिर में टीम 313 रन पर सिमट गई. विदर्भ इस तरह से पहली पारी के आधार पर 115 रन की बढ़त लेने में सफल रहा. 

तीसरे दिन के खेल तक ड्रॉ की तरफ जा रहा था मैच

तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक विदर्भ का स्कोर एक विकेट पर 22 रन था. उसके पास कुल बढ़त 137 रन की थी. इस टीम ने 25 ओवर में 153 रन बना दिए और तीन विकेट पर 175 के स्कोर पर पारी घोषित कर दी. विदर्भ की दूसरी पारी में मोखाडे ने 65 रन की पारी खेली तो ध्रुव शोरी 69 रन बनाकर नाबाद रहे. इससे पुडुचेरी को जीत के लिए 291 रन का लक्ष्य मिला. 

विदर्भ ने आखिरी दिन इस तरह से पलटा मैच

हर्ष दुबे और पार्थ रेखाडे की फिरकी ने विदर्भ की जीत के रास्ते खोले. इन दोनों ने मिलकर 29 ओवर में सात विकेट चटकाए. नतीजतन 130 पर पुडुचेरी ढेर हो गई. उसके पांच विकेट पर 42 रन पर गिर गए थे. प्रसाद पवार 48 रन के साथ सर्वोच्च स्कोरर रहे. इस तरह से विदर्भ ने एक कमाल की जीत हासिल की. पहले दिन पांच विकेट पर 54 के स्कोर से टीम आखिरी दिन 160 रन से जीत गई. इस खेल ने दिखाया कि क्यों विदर्भ की टीम पिछले कुछ सालों में घरेलू क्रिकेट की धाकड़ टीम बनी है.

विदर्भ पिछले एक दशक में बनी घरेलू क्रिकेट की धाकड़ टीम

विदर्भ के खेल में 2017-18 के सीजन से काफी बदलाव आया है. तब से उसने तीन बार रणजी ट्रॉफी जीती है. 2017-18 के अलावा 2018-19 और 2024-25 में वह विजेता बना. 2023-24 में उसे फाइनल में हार मिली. इस तरह से नौ साल में यह टीम तीन बार विजेता बन गई जबकि इससे पहले उसने कभी यह टूर्नामेंट नहीं जीता था. इस दौरान दो बार उसने लगातार दो फाइनल खेले. 2017-18 व 2018-19 में उसे दोनों बार सफलता मिली. फिर 2023-24 व 2024-25 में भी फाइनल खेले मगर एक बार जीत मिली.

विदर्भ ने तीन बार ईरानी कप भी जीता

जिन तीन सीजन में विदर्भ ने रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता उसके बाद उसने ईरानी कप भी जीता. यह उसके दबदबे को दर्शाते हैं. ईरानी कप में रणजी विजेता के सामने बाकी सभी घरेलू टीमों के बेस्ट खिलाड़ियों से सजी शेष भारत की टीम होती है. विदर्भ ने हालिया समय में 2025-26 में विजय हजारे ट्रॉफी (50 ओवर टूर्नामेंट) जीती है तो 2024-25 में फाइनल तक का सफर तय किया.

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