भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल और टी20 क्रिकेट में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है. वह आज के T20 खेल में बल्लेबाजों को मिलने वाले बेहिसाब समर्थन से संतुष्ट नहीं हैं. इसलिए उन्होंने कुछ ऐसे सुधारों का सुझाव दिया है, जो खेल के बदलते मानकों के बीच बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच संतुलन ला सकता है. तेंदुलकर के दिए गए सबसे बड़े सुझावों में से एक 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम को खत्म करना है.
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इम्पैक्ट प्लेयर के नियम के खिलाफ
तेंदुलकर भी अब उन क्रिकेटरों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने IPL के पिछले कुछ सीजन में लागू किए गए इम्पैक्ट प्लेयर नियम का समर्थन नहीं किया है. क्रिकइंफो के अनुसार तेंदुलकर ने कहा है कि इस फॉर्मेट को बेहतर बनाने और बैटिंग व बॉलिंग के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए इम्पैक्ट प्लेयर नियम को IPL या किसी भी अन्य T20 लीग का हिस्सा नहीं होना चाहिए. तेंदुलकर का मानना है कि इस नियम को हटाने से ऑलराउंडरों की भूमिका एक बार फिर बढ़ सकती है और दोनों टीमों के बीच मुकाबला ज़्यादा संतुलित हो सकता है.
गेंदबाजों को ज़्यादा अहमियत
सचिन तेंदुलकर का मकसद गेंदबाजों को मैच में अपनी चमक दिखाने के लिए बराबर के मौके देना है. उनका मानना है कि टीम के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से किसी एक द्वारा फेंका गया एक अतिरिक्त ओवर ऐसी स्थितियों में टीम के लिए मददगार साबित हो सकता है. इसलिए ऐसी स्थितियों में गेंदबाजों की कीमत भी बल्लेबाज़ों और ऑलराउंडरों जितनी ही ऊंची होगी. तेंदुलकर का एक और दिलचस्प प्रस्ताव यह है कि T20 पारी में एक गेंदबाज को पांच ओवर फेंकने की अनुमति दी जाए. अभी 20 ओवर के खेल में हर गेंदबाज के लिए अधिकतम चार ओवर की सीमा तय है.
दो पावरप्ले
सचिन तेंदुलकर ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि T20 मैचों में पावरप्ले को अब दो हिस्सों में बांट दिया जाना चाहिए. अभी टीमों को पारी की शुरुआत में छह ओवर का पावरप्ले मिलता है, जिसके दौरान गेंदबाजी करने वाली टीम 30-यार्ड के घेरे के बाहर सिर्फ दो फील्डर रख सकती है. पावरप्ले खत्म होने के बाद फ़ील्डिंग करने वाली टीमों को घेरे के बाहर पांच फील्डर तक रखने की अनुमति होती है. तेंदुलकर के प्रस्ताव के अनुसार बल्लेबाजी करने वाली टीम को पारी की शुरुआत में चार ओवर का पावरप्ले मिलना चाहिए. इसके अलावा पारी के बाद के हिस्से में दो ओवरों का एक अलग बॉलिंग पावरप्ले भी होना चाहिए. इस बॉलिंग पावरप्ले के दौरान फील्डिंग करने वाली टीम को 30-यार्ड सर्कल के बाहर एक अतिरिक्त फील्डर रखने की अनुमति होगी. इससे सर्कल के बाहर फील्डरों की संख्या पांच से बढ़कर छह हो जाएगी. इस तरह की व्यवस्था से निश्चित रूप से गेंदबाजों का आत्मविश्वास फिर से लौटेगा.
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