बात आठ साल पहले यानी 24 मार्च 2018 की है, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में तीसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा था और फिर इस मैच में वो हुआ, जिसे पूरे ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट को हिला के रख दिया. ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के शानदार इतिहास पर धब्बा लग गया. केपटाउन में ऑस्ट्रेलियाई टीम चीटिंग करते हुए रंगे हाथों पकड़ी गई. ऑस्ट्रेलिय का बॉल-टैम्परिंग स्कैंडल को अब सैंडपेपरगेट के नाम से भी जाना जाने लगा है. केपटाउन टेस्ट पर हर किसी की नजर जम गई. वो मुकाबला मान सम्मान का बन गया. केपटाउन के मैदान पर जो कुछ भी हो रहा था, उसे एक हाईस्कूल का लड़का टीवी पर देख रहा था. उस स्कूली लड़के ने भी शायद ही उस वक्त सोचा होगा कि एक दिन उसी मैदान पर वो उस टीम की हार में बड़ी भूमिका निभाएंगा. टीवी पर उस मैच को देखने वाला वो स्कूली लड़का कोई और नहीं, बल्कि मार्को यानसन थे, जिन्होंने बीते दिन केपटाउन में ऑस्ट्रेलिया पर साउथ अफ्रीका की 176 रन की जीत में बड़ी भूमिका निभाई.
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जीत के बाद यानसन ने आठ साल पहले वाले केपटाउन मैच को याद किया. उन्होंने बताया कि आठ साल पहले वह टीवी पर इन खिलाड़ियों को अपना खेल दिखाते हुए देखते थे. उन्होंने कहा कि अभी मेरी उम्र क्या है? छब्बीस साल? (सही). आठ साल पहले मैं हाई स्कूल में था और टीवी पर इन खिलाड़ियों को अपना खेल दिखाते हुए देखता था. अब मैं केप टाउन में हूं, जहां बहुत सारे लोग हमें देख रहे हैं.
सैंडपेपरगेट क्या है?
2018 में तीसरे टेस्ट की शुरुआत के समय साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज 1–1 से बराबरी पर थी. 24 मार्च 2018 को तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी के 43वें ओवर के बाद ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कैमरन बैनक्रॉफ्ट को टेलीविजन कैमरों में गेंद के एक हिस्से को सैंडपेपर से खुरचते हुए पकड़ा गया, ताकि हवा में गेंद को स्विंग कराया जा सके. जब बैनक्रॉफ्ट को एहसास हुआ कि वो पकड़े गए तो टीवी कवरेज और मैदान पर लगी स्क्रीन पर उन्हें फिर से अपनी पैंट के सामने वाले हिस्से में उस चीज को छिपाते हुए दिखाया गया. इसके बाद अंपायर उनके पास आए तो उन्होंने अपनी जेब से सनग्लास का एक गहरे रंग का माइक्रोफाइबर पाउच निकालकर उन्हें दिखाया. अंपायरों ने गेंद की जांच की, लेकिन उन्होंने न तो साउथ अफ़्रीकी टीम को गेंद बदलने का विकल्प दिया और ना ही उन्हें पांच पेनल्टी रन दिए, जबकि क्रिकेट के नियमों के 'लॉ 41.3' के तहत अंपायरों के पास ये दोनों विकल्प मौजूद थे. उस समय साउथ अफ़्रीका का स्कोर 129/2 था और उनके पास 185 रनों की बढ़त थी.
दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ के साथ मौजूद बैनक्रॉफ्ट ने माना कि उन्हें पीले रंग के चिपचिपे टेप के एक टुकड़े का इस्तेमाल करके गेंद की स्थिति बदलने की कोशिश करते हुए देखा गया था. पांच दिन बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा इस घटना की जांच के बाद उन्होंने माना कि वह सैंडपेपर था. स्मिथ के अलावा उप-कप्तान डेविड वॉर्नर का भी इस मामले में हाथ पाया गया. जिसके बाद तो हर जगह इन खिलाड़ियों की आलोचना होने लगी. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की किरकिरी होने लगी. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की ड्रेसिंग रूम की बातें सामने आने लगी. ऑस्ट्रेलियाई जमीं पर कदम रखते ही स्मिथ और वॉर्नर मीडिया से बात से बात नहीं करनी पड़ी. स्मिथ और वॉर्नर पर 12 महीने का बैन लगा. बेनक्रॉफ्ट को 9 महीने के लिए बैन कर दिया था. इस बवाल के बाद डैरेन लेहमैन ने हेड कोच का पद छोड़ दिया. स्मिथ को कप्तानी से भी हटा दिया गया था. साउथ अफ्रीका ने उस मुकाबले को 322 रन से जीता था.
रातभर सो क्यों नहीं पाए यानसन
केपटाउन टेस्ट की पहली पारी में यानसन का अहम योगदान रहा. उन्होंने 52 रन बनाए (जिसमें सात चौके शामिल थे) और गेंदबाजी करते हुए 60 रन देकर 3 विकेट लिए. उनकी दूसरी पारी शायद ऐसी रही होगी जिसने शुक्रवार रात उनकी नींद उड़ा दी हो. मिचेल स्टार्क की बाउंसर पर वे आउट हो गए और 8 गेंदों का सामना करने के बावजूद अपना खाता भी नहीं खोल पाए. शनिवार को उन्होंने 8 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 17 रन दिए लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. आखिरी दिन के खेल से पहले यानसन की रातों की नींद उड़ गई थी. वह मुश्किल से दो घंटे ही सो पाए. उन्होंने खुलासा किया कि मैं शायद डेढ़ या दो घंटे ही सो पाया. कभी खिड़की से बाहर देखता, कभी बाथरूम जाता, तो कभी कोक पीता. मुझे ठीक से नींद नहीं आई. बस यही सोचता रहा कि हम क्या कर सकते हैं, मैं क्या कर सकता हूं, आगे क्या करने की जरूरत होगी और अगर चीजें हमारे हिसाब से नहीं हुईं तो क्या होगा.
केपटाउन में जीत से नंबर वन बनी साउथ अफ्रीकी टीम
शनिवार को न्यूलैंड्स में चीजें साउथ अफ्रीका के पक्ष में रहीं. 288 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 111 रनों पर सिमट गई. इस जीत के साथ साउथ अफ्रीका ने 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली और जनवरी 2016 के बाद पहली बार ICC टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया. इसके अलावा WTC चैंपियन साउथ अफ्रीका अब इस रैंकिंग में दूसरे स्थान पर भी आ गया है.
दूसरे टेस्ट में टीम को बचाया
यानसन 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' रहे. उन्होंने इस पूरी सीरीज में गेंद और बल्ले दोनों से बखूबी योगदान दिया. दूसरे टेस्ट में जब साउथ अफ्रीकी
टीम 110/6 के स्कोर पर लड़खड़ा रही थी तो यानसन ने 100 गेंदों पर 85 रन बनाकर उसकी मुकाबले में वापसी कराई थी और फिर 33 रन देकर 5 विकेट भी चटकाए. साउथ अफ्रीका ने उस मुकाबले को पारी और 31 रनों से जीता था. साउथ अफ्रीका ने पहला टेस्ट 214 के बड़े अंतर से गंवा दिया था, जिसके बाद उस पर काफी दबाव भी था. जानेसन ने इस पूरी सीरीज में 198 रन बनाए और 13 विकेट लिए.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में यानसन का प्रदर्शन
| मैच | बैटिंंग | बॉलिंंग | मैदान |
|---|---|---|---|
| पहला टेस्ट | 26 और 35 | 3/68 और 1/45 | डरबन |
| दूसरा टेस्ट | 85 | 5/33 & 1/34 | ग्केबेर्हा |
| तीसरा टेस्ट | 52 और 0 | 3/60 & 0/17 | केपटाउन |
यानसन ने कहा कि यह आसान नहीं था. इसमें काफी उतार-चढ़ाव आए. ऐसा कभी नहीं हुआ कि कोई एक टीम लंबे समय तक हावी रही हो. एक समय ऐसा भी आया जब वह केपटाउन के चेंजिंग रूम में बैठे थे और सोच रहे थेकि मुकाबले में बने हुए हैं और फिर चार विकेट गिर गए, तो उन्हें लगा कि उनकी टीम ये क्या कर रही हैं.
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