भारतीय क्रिकेट के इतिहास में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान की एक अलग ही जगह है.जब भी कभी लॉर्ड्स के मैदान की बात आती है तो कुछ यादगार जीत के अलावा पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के जश्न की यादें भी ताजा हो जाती है. इंग्लैंड को उसी की धरती पर हराकर गांगुली ने लॉर्डस की बालकनी जो जश्न मनाया था, जो आइकॉनिक बन गया. गांगुली ने 2002 में लॉर्ड्स में जर्सी लहराकर इंग्लैंड पर जीत का जश्न मनाया था, जो एक यादगान पल बन. सालों बाद भी फैंस उस जश्न को नहीं भूले.
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इस यादगार पल को 24 साल बाद भारत की मिक्स्ड डिसेबिलिटी क्रिकेट टीम ने फिर से दोहराया.19 अगस्त को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ T20 मैच में भारत की जीत (118 रनों से) के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी जर्सी उतारी और हवा में लहराई. इससे 2002 में उसी मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल जीतने के बाद गांगुली के जश्न की यादें ताज़ा हो गईं.
इंग्लैंड की टीम 88 रन पर ऑल आउट
यह जश्न तब मनाया गया जब भारत ने सात मैचों की सीरीज में अपना सबसे ज़्यादा स्कोर चार विकेट पर 206 रन बनाया. इसके बाद इंग्लैंड की टीम 88 रन पर ऑल आउट हो गई और भारत ने 'फेस्टिवल ऑफ़ डिसएबिलिटी क्रिकेट' में 118 रनों से जीत हासिल की. हालांकि यह जीत तब मिली, जब इंग्लैंड पहले ही 4-3 से सीरीज जीत चुका था.
भारत की बल्लेबाजी में कई खिलाड़ियों ने योगदान दिया.अर्जुन गवारे, मेजर मगराय और साई आकाश उन खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने बल्ले से अच्छा प्रदर्शन किया.इंग्लैंड के गेंदबाजों को भारत के स्कोर को रोकने में मुश्किल हुई. एल्फी पाइल ने दो विकेट लिए, लेकिन मेहमान टीम का कुल स्कोर इतना ज़्यादा था कि इंग्लैंड उसे हासिल नहीं कर सका. लॉर्ड्स पर अपनी पहली जीत दर्ज करने के लिए इंग्लैंड को मज़बूत जवाब की ज़रूरत थी, लेकिन उनकी पारी 88 रन पर ही सिमट गई.
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