'तू ज्यादा...', किस बात ने वैभव सूर्यवंशी में 11 गेंदों में रिकॉर्ड तोड़ फिफ्टी लगाने के लिए भरा जोश

इस सीरीज में अपनी शुरुआती चार पारियों में सूर्यवंशी कुल 117 रन बनाए थे. हर बार उन्हें अच्छी शुरुआत तो मिली, लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए थे.

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Vaibhav Sooryavanshi in this frame. (Getty)

वैभव सूर्यवंशी ने लिस्ट ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक लगाया. . (Getty)

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वैभव सूर्यवंशी ने लिस्ट ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक लगाया.

सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के ख‍िलाफ 11 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की.

आईपीएल 2026 में रनों की बार‍िश करने के बाद 15 साल के वैभव सूर्यवंशी बड़ी उम्मीदों के साथ श्रीलंका पहुंचे थे, मगर सीरीज में उनकी शुरुआत उम्मीदों के बीच मुताबिक नहीं हुई. उनके बल्ले से रन नहीं मिले, मगर श्रीलंका ए के ख‍िलाफ सूर्यवंशी अपने जाने पहचाने अंदाज में नजर आए और उन्होंने 29 गेंदों में 94 रन की पारी खेली. उन्होंने 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. श्रीलंका ए पर जीत के बाद सूर्यवंशी ने बताया कि किस बात ने उन्हें ऐसी तूफानी पारी खेलने के लिए मोटिवेट किया. 

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दांबुला में ट्राई-नेशन A सीरीज़ शुरू होने से पहले उनकी पिछली दो पारियां IPL 2026 के प्लेऑफ में थीं. एलिमिनेटर में 97 और दूसरे लिफ़ायर में 96 रन. इस प्रदर्शन के दम पर सूर्यवंशी IPL के इतिहास में सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाला खिलाड़ी बने. सिर्फ 15 साल की उम्र में, T20 टूर्नामेंट में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड में होने वाली T20I सीरीज के लिए भारतीय चयन समिति से टीम में शामिल किया. 

सबसे तेज फ‍िफ्टी का रिकॉर्ड

इस सीरीज में अपनी शुरुआती चार पारियों में सूर्यवंशी ने कुल 117 रन बनाए थे. हर बार उन्हें अच्छी शुरुआत तो मिली, लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए. हालांकि फाइनल में उन्होंने लिस्ट A क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज फ‍िफ्टी का रिकॉर्ड तोड़ द‍िया और सिर्फ 11 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया. वह 29 गेंदों पर 94 रन बनाकर आउट हुए और श्रीलंका A के ख़िलाफ इंडिया A के मैच जिताऊ स्कोर 377/9 की नींव रखी. 

कानिटकर ने की मदद 

सूर्यवंशी ने इंडिया A के कोच ऋषिकेश कानिटकर को फॉर्म में लौटने में मदद करने का श्रेय दिया. स्पोर्टस्टार के अनुसार सूर्यवंशी का कहना है कि जब रन नहीं बन रहे थे, तो वह कुछ चीजों पर बात करने के लिए कानिटकर से पास गए. उन्होंने सूर्यवंशी को खुलकर खेलने की आज़ादी दी. सूर्यवंशी ने माना कि शुरुआत में वह बहुत ज़्यादा कोशिश कर रहे थे, लेकिन कानिटकर ने उन्हें याद दिलाया कि उन्हें उसी तरीके पर टिके रहना चाहिए जो अब तक उनके लिए काम आया था.सूर्यवंशी ने कहा कि ये हालात थोड़े अलग थे, इसलिए शुरुआत में कुछ चुनौतियां आईं. इसलिए वह बहुत ज़्यादा कोशिश कर रहे था, लेकिन प्लान को ठीक से लागू नहीं कर पा रहे थे. तभी उन्होंने उनसे कहा कि 

तू अपना नेचुरल गेम खेल, ज़्यादा सोच मत. 

सूर्यवंशी ने बताया कि इससे उन्हें मोटिवेशन मिला और उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा. 

 

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