15 साल के वैभव सूर्यवंशी को ईस्ट जोन के सेलेक्टर्स ने दलीप ट्रॉफी के लिए उप-कप्तान बनाने के अपने फ़ैसले का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि यह फैसला टीम में खिलाड़ियों की वरीयता क्रम को नहीं, बल्कि भविष्य की लीडरशिप योजना का हिस्सा है. हालांकि इशान किशन के कप्तान बनने की उम्मीद तो थी ही, लेकिन सूर्यवंशी को उप-कप्तान बनाने के फैसले ने सबका ध्यान खींचा. खासकर इसलिए क्योंकि टीम में अभिमन्यु ईश्वरन, मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी शामिल हैं.
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सूर्यवंशी ने बिहार के लिए सिर्फ आठ फर्स्ट-क्लास मैच खेले हैं, जबकि ईश्वरन ने 113 फ़र्स्ट-क्लास मैच खेले हैं और पहले बंगाल, इंडिया A और दूसरी टीमों की कप्तानी भी की है. इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए ईस्ट जोन सिलेक्शन कमिटी में झारखंड के प्रतिनिधि मनीष वर्धन ने कहा कि इस कदम का मकसद युवा खिलाड़ी को लीडरशिप को करीब से समझने में मदद करना था.
टीम चलाने का सीखने का मौका
क्रिकइंफो के अनुसार वर्धन का कहना है कि वह सिर्फ आज के बारे में नहीं सोच रहे हैं. उप-कप्तान को कप्तान को करीब से देखने और यह समझने का मौका मिलता है कि टीम कैसे चलाई जाती है. वह लोग चाहते थे कि वैभव ग्रुप के साथ ज़्यादा जुड़े क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे उनके विकास में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि सूर्यवंशी बहुत प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं और लगातार परिपक्व हो रहे हैं. उन्हें यह जिम्मेदारी देना उसी प्रक्रिया का एक और हिस्सा है.वर्धन ने यह भी साफ किया कि सूर्यवंशी की नियुक्ति का मतलब यह नहीं है कि इशान के उपलब्ध न होने पर वह अपने आप स्टैंड-इन कप्तान बन जाएंगे.
अनुभवी खिलाड़ी संभालेगा कप्तानी
हालांकि सेलेक्टर्स ने इस संभावना पर चर्चा नहीं की है, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि शायद कोई अनुभवी खिलाड़ी कप्तानी संभालेगा, जबकि सूर्यवंशी उप-कप्तान बने रहेंगे. वर्धन के अनुसार इशान को कप्तान बनाने के पीछे कमिटी की सोच लंबी अवधि की योजना पर भी आधारित थी, क्योंकि इशान और सूर्यवंशी दोनों को ऐसे खिलाड़ियों के रूप में देखा जा रहा है जो कई सालों तक भारतीय टीम के सेटअप में बने रह सकते हैं. वर्धन का कहना है कि उप-कप्तान की भूमिका का मतलब केवल ओहदा नहीं है. यह इस बारे में है कि एक युवा खिलाड़ी कप्तान के साथ काम करते हुए क्या सीख सकता है. ओडिशा के पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा सेलेक्टर-कोच प्रवंजन मल्लिक ने भी इन विचारों का समर्थन किया और बताया कि सूर्यवंशी पहले ही फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में बिहार के उप-कप्तान के तौर पर काम कर चुके हैं.
मल्लिक का कहना है कि इशान कप्तान हैं और विकेटकीपर होने के नाते वे खेल के हर हिस्से में शामिल रहते हैं.इससे वैभव को टीम की कप्तानी की ज़िम्मेदारी उठाए बिना लीडरशिप को समझने का मौका मिलता है. उनका कहना है कि वह चाहते हैं कि वह आगे बढ़े, हो सकता है कि एक दिन वह भारत की कप्तानी भी करें. उन्हें उप-कप्तान बनाने के पीछे यही सोच है.
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