गौतम गंभीर के हेड कोच रहते भारत ने दूसरी आईसीसी ट्रॉफी जीत ली. भारतीय टीम ने 8 मार्च को न्यूजीलैंड को हराकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता. अहमदाबाद में खेले गए इस मुकाबले में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया के विजेता बनने के बाद हेड कोच गंभीर ने आलोचकों को सुनाया. उन्होंने सोशल मीडिया पर आलोचना करने वालों के लिए कहा कि वे उनके प्रति जिम्मेदार नहीं हैं. वे ड्रेसिंग रूम में जो 30 लोग हैं उनके प्रति जिम्मेदार हैं.
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गंभीर को टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में भारतीय टीम की नाकामी के चलते पिछले कुछ समय में काफी आलोचना का सामना करना पड़ता है. साथ ही अपने बयानों को लेकर भी वे निशाने पर रहे हैं. लेकिन भारत के विजेता बनने के बाद उन्होंने साफ किया कि उनकी जिम्मेदारी किसके लिए है.
गंभीर ने कप्तान सूर्या के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
सबसे पहले तो मेरी जिम्मेदारी किसी सोशल मीडिया के प्रति नहीं है. मेरी जिम्मेदारी ड्रेसिंग रूम में बैठने वाले उन 30 लोगों की तरफ है. किसी और के लिए नहीं. क्योंकि अगर मैं उनके साथ ईमानदारी से काम कर सकता हूं, अगर हम ईमानदारी से मेहनत करते हैं तो मेरी जिम्मेदारी सोशल मीडिया के लिए न तो पहले थी, न आज होगी और न ही आने वाले समय में. फिर अगर कोच के रूप में मैं दो आईसीसी ट्रॉफी जीत जाता हूं तब भी कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि भविष्य में मुझे लगता है कि वे 30 लोग मेरे कोचिंग के कार्यकाल में सबसे अहम होंगे. उनके अलावा और कोई नहीं.
गंभीर ने दूसरी आईसीसी ट्रॉफी जीतने पर क्या कहा
गंभीर के हेड कोच बनने के बाद भारत ने सबसे पहले 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी. तब रोहित शर्मा कप्तान थे. अब सूर्या के साथ मिलकर गंभीर ने भारत को फिर से टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनाया. यह इस फॉर्मेट में भारत की तीसरी ट्रॉफी है. टीम इंडिया के हेड कोच ने खिताब बचाने के बाद अपने कार्यकाल को लेकर बात करते हुए टीम की तारीफ की.
उन्होंने कहा, 'पहली बात तो यह है कि खिलाड़ियों की वजह से जीत मिली है. मैं लंबे समय से कह रहा हूं कि आप उतने ही अच्छे कोच या कप्तान हैं जितने अच्छे आपके खिलाड़ी हैं. इसलिए मुझे लगता है कि क्रेडिट खिलाड़ियों को जाना चाहिए. उन्होंने पेशेवर अंदाज और बहादुरी से यह टूर्नामेंट खेला है. हम द्विपक्षीय सीरीज में अलग तरह से खेलते थे और आईसीसी टूर्नामेंट में अलग तरह से. हम उसे बदलना चाहते थे.'
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