सूर्यकुमार यादव यह बात मान चुके हैं कि वनडे क्रिकेट उनके बस की बात नहीं है. भारत के लिए 37 मुकाबले खेलने के बाद उन्हें यह अहसास हुआ. सूर्या ने 2021 में टीम इंडिया में कदम रखा था और वे केवल टी20 फॉर्मेट में ही छाप छोड़ पाए हैं. वनडे में उनका प्रदर्शन काफी खराब रहा तो टेस्ट क्रिकेट में एक ही पारी खेलने को मिली और उसमें वह नाकाम रहे थे. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता. टीम इंडिया लगातार दूसरी बार इस टूर्नामेंट की विजेता बनी.
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सूर्या ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में वनडे क्रिकेट के सवाल पर कहा, 'मुझे लगता है कि मैंने जितना करीबी से वनडे क्रिकेट को अनुभव किया और देखा है, उस हिसाब से यह फॉर्मेट ऐसा है जहां आपको तीन अलग-अलग तरह से खेलना होता है. कभीकभार आप जल्दी खेलने जाते हैं जब जल्दी-जल्दी विकेट गिर जाते हैं तब आपको टेस्ट क्रिकेट की तरह खेलना होता है. फिर आपको अच्छी स्ट्राइक रेट के साथ वनडे की तरह खेलना होता है और बाद में पारी के अंत में आपको टी20 फॉर्मेट की तरह खेलना पड़ता है. इसलिए यह ऐसा फॉर्मेट है जिसे मैं कभी समझ ही नहीं पाया. मैंने इसे खेलने की अपनी पूरी कोशिश की लेकिन यह चुनौतीभरा फॉर्मेट है.'
सूर्या बोले- वनडे क्रिकेट का अलग है चार्म
सूर्या 2023 वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा थे. उन्होंने कहा कि उस दौरान टीम का माहौल कमाल का था. ऐसा माहौल 2024 और 2026 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भी नहीं था. उन्होंने कहा, 'जब मैं 2023 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम के साथ था और मैं खेला था तब अलग तरह की वाइब थी. इसका अलग ही आकर्षण है. वनडे क्रिकेट में अलग तरह का चार्म है. टी20 में अलग है.'
कैसा रहा सूर्यकुमार यादव का वनडे करियर
सूर्या ने भारत के लिए 37 वनडे मुकाबले खेले और इनमें 25.76 की औसत से 773 रन बना सके. केवल चार अर्धशतक उनके बल्ले से आए. उन्होंने कहा कि बस चले तो वह 2023 वर्ल्ड कप का फाइनल फिर से खेलना चाहेंगे. उस मुकाबले में सूर्या मुश्किल समय पर बैटिंग के लिए उतरे लेकिन भरसक प्रयासों के बावजूद रन नहीं जुटा पाए थे.
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