3 में से दो सीरीज हारे हैं, हमारा दौर होता तो..., गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया से तुलना करने पर दिया गजब जवाब

भारतीय क्रिकेट टीम तीन साल में तीन आईसीसी ट्रॉफी जीत चुकी है लेकिन हेड कोच गौतम गंभीर का मानना है कि इसे सफेद गेंद क्रिकेट में भारत का दौर कहना ठीक नहीं होगा. उन्होंने टीम इंडिया के वनडे प्रदर्शन का जिक्र किया.

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गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव की जोड़ी टी20 में काफी सफल रही है. (Photo: Getty)

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भारतीय टीम को पिछले डेढ़ साल में तीन वनडे सीरीज में हार मिली है.

भारत का टी20 में दबदबा रहा है लेकिन टेस्ट-वनडे में ऐसा हाल नहीं है.

भारतीय क्रिकेट टीम ने तीन साल के अंदर तीसरी आईसीसी ट्रॉफी जीत ली. 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी और अब फिर से टी20 वर्ल्ड कप. इसके बाद कहा जा रहा है कि अभी सफेद गेंद क्रिकेट में भारतीय टीम का दबदबा है. उसकी तुलना 21वीं सदी के पहले दशक में ऑस्ट्रेलिया के दबदबे से की जा रही है. लेकिन भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर इससे सहमत नहीं है. उन्होंने टी20 से इतर वनडे में टीम के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि इसे भारत का दौर कहना ठीक नहीं है.

भारतीय टीम ने 2023 के बाद से सफेद गेंद क्रिकेट के सभी आईसीसी इवेंट के फाइनल खेले हैं. 2023 में टीम वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में हारी थी. इसके बाद से तीन ट्रॉफी जीत चुकी है. इस अवधि में टी20 में भारत का प्रदर्शन जबरदस्त रहा है. वनडे फॉर्मेट में चैंपियंस ट्रॉफी जीती लेकिन उसने द्विपक्षीय सीरीज में हार झेलनी पड़ी है. 2024 में श्रीलंका दौरे और 2025 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हार मिली. 2026 के जनवरी महीने में न्यूजीलैंड ने घर में घुसकर हरा दिया.

गंभीर ने क्यों कहा भारत का दौर नहीं

 

गंभीर ने टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद मीडिया से बात करते हुए लिमिटेड ओवर्स में दबदबे के सवाल पर कहा, 

देखिए, मैं सफेद गेंद क्रिकेट की बात नहीं करूंगा क्योंकि इसमें हमने वनडे फॉर्मेट में पिछली तीन में से दो सीरीज हारी हैं. अगर दौर होता तो हम दो सीरीज नहीं हारते. आईसीसी इवेंट की बात करें तो बिल्कुल अलग खेल है. दबाव भी अलग होता है. और मैं इन दौरों में विश्वास नहीं करता. आपको हर दिन मैदान पर उतरना होता है, चाहे आप कोई भी मैच खेल रहे हों – जब आप अपने देश के लिए खेल रहे हों. आप हर मैच जीतना चाहते हैं. इसलिए इसमें कोई किंतु-परंतु नहीं है – फिर चाहे द्विपक्षीय मैच हो, आईसीसी ट्रॉफी या विश्व कप.

गंभीर बोले- किसी चीज को हल्के में नहीं ले सकते

 

गंभीर ने कहा कि जब आप देश के लिए खेलते हैं तब किसी चीज को हल्के में नहीं ले सकते. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि ड्रेसिंग रूम में मौजूद लोग बहुत सौभाग्यशाली हैं जिन्हें अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलता है. लाखों बच्चे हैं जो हमारी जगह पर आना चाहते हैं, भले ही वह मेरी जगह हो. हजारों लोग हैं जो मेरी जगह पर आना चाहते हैं. लाखों बच्चे हैं जो सूर्या और ड्रेसिंग रूम में मौजूद खिलाड़ियों की जगह पर आना चाहते हैं. इसलिए हम कभी भी किसी चीज को हल्के में नहीं ले सकते. और जब आप यह जर्सी पहनते हैं तो आप कभी भी किसी भी चीज़ को हल्के में नहीं ले सकते. इसलिए मैं द्विपक्षीय और आईसीसी के बीच अंतर नहीं कर सकता - क्योंकि यह एक ही है. सब कुछ बिल्कुल वैसा ही रहता है.'

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