स्कॉटलैंड को बाहर करने के लिए क्या पाकिस्तान को मिलेगी सजा, 1999 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के साथ क्या हुआ? जानें मामला

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान की धीमी रन चेज रणनीति चर्चा में है, जिसके चलते स्कॉटलैंड सुपर सिक्स स्टेज से बाहर हो गया और मेजबान जिम्बाब्वे को फायदा मिला.

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पाकिस्तान की धीमी बल्लेबाजी से स्कॉटलैंड सुपर सिक्स से बाहर

पाकिस्तान ने 129 रन का लक्ष्य 26.2 ओवर में किया पूरा

भारत और श्रीलंका में अगले माह जहां आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेला जाना है, वहीं इस बीच जिम्बाब्वे और नामीबिया में अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप खेला जा रहा है. इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने स्कॉटलैंड को बाहर करने के लिए जिम्बाब्वे का साथ दिया. 129 रन के चेज में आखिरी के 44 रन जब 76 गेंदों में बनाए गए, तो साफ हो गया कि पाकिस्तान टीम स्कॉटलैंड को सुपर सिक्स स्टेज में नहीं जाने देना चाहती थी. यही कारण है कि उसकी ओछी प्लानिंग सबके सामने आ गई. अब इस हरकत के लिए क्या पाकिस्तान टीम को सजा मिलेगी क्योंकि साल 1999 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने जब यही काम किया तो जानिए उनके साथ क्या हुआ था. 


जिम्बाब्वे और स्कॉटलैंड के बीच थी जंग

दरअसल, अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-C में इंग्लैंड, पाकिस्तान, जिम्बाब्वे और स्कॉटलैंड को रखा गया था. इसमें तीन टीमें सुपर सिक्स के लिए जानी थीं और पाकिस्तान व इंग्लैंड पहले ही अपनी जगह बना चुके थे. मगर मेजबान जिम्बाब्वे और स्कॉटलैंड के बीच एक स्थान के लिए फाइट थी, तो पाकिस्तान के खिलाड़ी पूरी तरह से जिम्बाब्वे के साथ नजर आए. जिम्बाब्वे की टीम पाकिस्तान के सामने पहले खेलते हुए सिर्फ 128 रन ही बना सकी. इसके जवाब में पाकिस्तान ने 14 ओवर में दो विकेट पर 84 रन बना लिए थे. अब पाकिस्तान को अगर जिम्बाब्वे को टूर्नामेंट से बाहर करना था, तो लक्ष्य को 25.2 ओवर के भीतर हासिल करना जरूरी था. ऐसा करने से स्कॉटलैंड की टीम सुपर सिक्स में जा सकती थी.

पाकिस्तान ने किसका साथ दिया?

वहीं अगर पाकिस्तान की टीम 25.2 ओवर के बाद लक्ष्य हासिल करती, तो मेजबान जिम्बाब्वे को एंट्री मिलती और स्कॉटलैंड बाहर हो जाती. पाकिस्तान ने इसके बाद जिम्बाब्वे का साथ दिया और आखिरी 44 रन 76 गेंदों में बनाए. यानी पाकिस्तान ने 26.2 ओवर में दो विकेट पर 132 रन का लक्ष्य हासिल किया, जिससे स्कॉटलैंड की टीम बाहर हो गई. अब पाकिस्तान की इसी हरकत से ऑस्ट्रेलिया का भी पुराना मामला सामने आया. 

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ऑस्ट्रेलिया ने 1999 वर्ल्ड कप में क्या किया था ?

पाकिस्तान ने जो काम अब स्कॉटलैंड को बाहर करने के लिए किया. कुछ इसी तरह की हरकत ऑस्ट्रेलिया ने भी आईसीसी वर्ल्ड कप 1999 में की थी. जब न्यूजीलैंड को बाहर करने के लिए ऑस्ट्रेलिया ने वेस्ट इंडीज के सामने 111 रन के चेज में आखिरी के 19 रन 13 ओवर में बनाए थे. जिससे ऑस्ट्रेलियाई टीम को काफी आलोचना का सामना भी करना पड़ा लेकिन उनके कप्तान स्टीव वॉ ने कहा था कि वो दोस्त बनाने नहीं बल्कि वर्ल्ड कप जीतने आए हैं. ऑस्ट्रेलिया नहीं चाहता था कि न्यूजीलैंड सुपर सिक्स में जाए इसलिए वो धीमी बैटिंग करके वेस्ट इंडीज का नेट रन रेट कीवी टीम से बेहतर रखना चाहती थी. लेकिन बाद में न्यूजीलैंड ने सिर्फ 17.5 ओवर में स्कॉटलैंड को हराकर सुपर सिक्स में जगह बना ली थी. 

अब आईसीसी का नियम क्या कहता है ?

आईसीसी के नियमानुसार उसके कोड ऑफ कंडक्ट में लॉ 2.11 कहता है कि अगर कप्तान या उनकी टीम गलत तरीके से किसी मैच को मैनिपुलेट करते पकड़ी गई. जैसे NRR या स्टैंडिंग्स को प्रभावित करने के लिए तो उन पर कार्रवाई हो सकती है. ये करप्शन या सट्टेबाजी की बात नहीं, बल्कि प्लानिंग की बात हो सकती है. लेकिन ऐसा साबित करना काफी मुश्किल है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने भी 1999 में ऐसा करने के बाद नियमों का ही हवाला दिया था. 
 

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