वो लड़का जिसे संगकारा ने वीडियो देखकर टीम में चुना, मिलिए राजस्थान रॉयल्स के अमन राव से

अमेरिका से भारत आकर क्रिकेट सीखने के बाद अमन अब टीम इंडिया की राह देख रहे हैं. अमन को आईपीएल में खरीद लिया गया है. संगकारा की उनपर नजर पड़ी और अब ये बैटर आईपीएल के इस सीजन में धमाका मचाने के लिए तैयार है.

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विजय हजारे ट्रॉफी में अमन राव (photo: bcci)

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अमन राव ट्रेंड कर रहे हैं

विजय हजारे में उन्होंने दोहरा शतक ठोका

हैदराबाद के युवा ओपनर अमन राव ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में इतिहास रच दिया. मंगलवार को बंगाल के खिलाफ सिर्फ अपनी तीसरी लिस्ट ए मैच में उन्होंने नाबाद 200 रन ठोक डाले. 154 गेंदों की इस शानदार पारी में 12 चौके और 13 छक्के शामिल थे. आखिरी तीन गेंदों पर 6, 2, 6 मारकर उन्होंने डबल सेंचुरी पूरी की. हैदराबाद ने पहले बैटिंग करते हुए 352/5 का स्कोर बनाया और मैच 107 रनों से जीत लिया. यह हैदराबाद के किसी बल्लेबाज का लिस्ट ए में सबसे बड़ा स्कोर है और विजय हजारे ट्रॉफी का नौवां डबल सेंचुरी. अमन ने मोहम्मद शमी, आकाश दीप, मुकेश कुमार और शाहबाज अहमद जैसे भारतीय इंटरनेशनल गेंदबाजों की जमकर धुनाई की.

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नागरिकता का इंतजार खत्म, सैयद मुश्ताक अली में धमाका

21 साल के अमन अमेरिका में पैदा हुए थे, इसलिए बीसीसीआई के नए नियमों के तहत उन्हें हैदराबाद की सीनियर टीम में खेलने के लिए भारतीय नागरिकता का कागज चाहिए था. 2025-26 सीजन शुरू होने से पहले वे काफी टेंशन में थे, क्योंकि प्रोसेस एक साल से चल रहा था. खुशकिस्मती से कागजात सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी शुरू होने के दो दिन पहले आ गए. अमन पूरे टूर्नामेंट खेले और ओपनर के तौर पर 234 रन बनाए, स्ट्राइक रेट 163 का. सबसे यादगार पारी मुंबई के खिलाफ नाबाद 52 रन की थी. चेज में शार्दुल ठाकुर के एक ओवर में तीन चौके और दो छक्के मारकर 24 रन ठोक दिए, जो वायरल हो गया. हैदराबाद ने 132 रनों का टारगेट सिर्फ 11.5 ओवर में हासिल कर लिया.

संगकारा की नजर पड़ी, राजस्थान रॉयल्स ने 30 लाख में खरीदा

कुमार संगाकारा ने अमन की हिटिंग के क्लिप देखे और उनके नंबर्स चेक किए. आईपीएल 2026 ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें बेस प्राइस 30 लाख में खरीद लिया. कोई दूसरी टीम ने बोली नहीं लगाई.

जूनियर क्रिकेट से संघर्ष की कहानी

अमन छह महीने की उम्र में ही भारत आ गए थे. बड़े भाई के साथ सेंट जॉन्स एकेडमी (वीवीएस लक्ष्मण और मिताली राज की अल्मा मेटर) जाने लगे और कोचों ने उनकी हैंड-आई कोऑर्डिनेशन देखकर प्रभावित हो गए. नौ साल की उम्र में पहली सेंचुरी मारकर ओपनिंग करने का कॉन्फिडेंस आया. जूनियर लेवल पर वे ज्यादा धमाल नहीं मचा पाए. अंडर-14 में अच्छा नहीं किया, अंडर-19 इंडिया सेलेक्शन भी मिस किया. कोविड ने एक साल छीन लिया. निराशा के बावजूद उन्होंने प्रैक्टिस नहीं छोड़ी. पापा और कोच ने कहा, मेहनत जारी रखो, बड़ा मौका जरूर आएगा. अक्टूबर में बड़े स्कोर न आने से हताश थे, तो तिलक वर्मा से बात की. तिलक ने असफलतला से डील करने के टिप्स दिए, जो काफी मददगार साबित हुए.

व्हाइट बॉल में छा चुके अमन अब रेड बॉल में रणजी डेब्यू और आईपीएल में अच्छा परफॉर्म करने का सपना देख रहे हैं.

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