Ajinkya Rahane Retirement: टीम इंडिया के पूर्व टेस्ट कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अब 38 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पूरी तरह संन्यास का ऐलान कर दिया. रहाणे पिछले तीन साल से टेस्ट टीम इंडिया में लौटने की कवायद में लगे थे, लेकिन सेलेक्टर्स साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल जैसे युवा खिलाड़ियों की तरफ बढ़ चुके थे. जिसके चलते रहाणे ने अब 15 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को समाप्त कर दिया और उनके करियर के सबसे सुनहरे पल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर देखने को मिलते हैं. जब 36 रन पर टेस्ट में ऑलआउट होने वाली टीम इंडिया को चारों तरफ से बेइज्जती झेलनी पड़ी और विराट कोहली फिर घर लौट गए, ऐसे में रहाणे सीना चौड़ा करके कप्तान बने और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को सीरीज के बाकी मैचों में धोकर बेइज्जती के दामन पर विजयी तिरंगा लहराया. इस सीरीज जीत के बाद रहाणे का उनके घर पर ऐसा स्वागत हुआ, जैसे वह ऑस्ट्रेलिया में वर्ल्ड कप जीतकर लौटे हों. अरबों भारतीय फैंस रहाणे और उनकी टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर किए गए कारनामों से बेहद खुश थे और सभी जश्न में डूबे हुए थे. चलिए जानते हैं कि रहाणे ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर क्या किया था.
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ऑस्ट्रेलिया जाते ही 36 पर ढेर हो गई टीम इंडिया
विराट कोहली जब टेस्ट टीम इंडिया के कप्तान बने तो भारतीय टेस्ट टीम बेहद ही आक्रामक अंदाज में खेल रही थी. इसका नतीजा यह रहा कि कोहली की कप्तानी में भारत ने 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया में पहली बार कोई टेस्ट सीरीज जीत हासिल की थी. इस ऐतिहासिक जीत से टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने का बेजोड़ आत्मविश्वास मिला.
लेकिन भारतीय टीम जब इस ऐतिहासिक पल के बाद ऑस्ट्रेलिया गई तो कंगारू टीम ने उन्हें पहले मैच में ही धाराशायी कर दिया. कोहली की कप्तानी में साल 2020-21 का पहला टेस्ट मैच एडिलेड में खेला गया और इस मैच की दूसरी पारी में टेस्ट टीम इंडिया सिर्फ 36 रन (अपने टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे कम स्कोर) पर ऑलआउट हो गई और आठ विकेट से बुरी तरह हार मिली.
विराट कोहली लौटे घर तो रहाणे बने संकट में कप्तान
भारतीय टीम जब ऑस्ट्रेलिया जाकर पहले मैच में 36 रन पर ढेर हुई तो चारों तरफ उसे आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा और ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने भी बेइज्जती करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इस मैच के बाद नियमित कप्तान विराट कोहली पिता बनने के चलते घर लौट आए तो कप्तानी का जिम्मा संकट के समय अजिंक्य रहाणे ने संभाला. रहाणे जब कप्तान बने तो किसी को नहीं पता था कि आगे कुछ ऐसा होने वाला है, जो टेस्ट क्रिकेट में हमेशा के लिए अमर हो जाएगा.
रहाणे ने मेलबर्न में शतक से जगाई उम्मीद
पहले मैच में 36 रन पर ढेर होने वाली टीम इंडिया के खिलाड़ियों में रहाणे ने फिर से आत्मविश्वास भरा और बतौर कप्तान आगे आकर लीड भी किया. रहाणे ने दूसरे बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया पर बल्ले से जोरदार शतक से पंच जड़ा.
उन्होंने 112 रन की पारी खेली और टीम इंडिया ने 36 रन पर ढेर होने के बाद अगले ही मैच में जीत का रास्ता खोजते हुए ऑस्ट्रेलिया को हराकर बैकफुट पर धकेल दिया. जिससे सीरीज दो मैचों में ही 1-1 से बराबर हो गई थी. एडिलेड और मेलबर्न के बाद सिडनी टेस्ट मैच ड्रॉ रहा. तब तक रहाणे का साथ देने के लिए ऋषभ पंत ने भी मोर्चा खोल दिया था.
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रहाणे की कप्तानी में हुआ टेस्ट क्रिकेट का 'द ग्रेटेस्ट कमबैक'
एडिलेड में मिली हार का बदला मेलबर्न में जीत से टीम इंडिया ने लिया था, लेकिन अभी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के गाबा के घमंड (32 साल से ऑस्ट्रेलिया गाबा में एक भी टेस्ट नहीं हारा था) का टूटना बाकी था. इस मैच में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया ने 328 रन का मुश्किल लक्ष्य दिया. जवाब में भारत के 265 रन तक पांच विकेट गिर चुके थे. तभी ऋषभ पंत ने अकेले मोर्चा संभाला और 138 गेंदों में नौ चौके और एक छक्के की मदद से 89 रन की नाबाद पारी खेलकर कंगारुओं के गाबा के घमंड को पूरी तरह से तोड़ दिया. वहीं, शुभमन गिल ने भी 91 रन की शानदार पारी खेली थी.
गाबा में जीत के साथ रहाणे वाली टीम इंडिया ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया. 36 रन पर ऑलआउट होने से लेकर सीरीज जीतने तक के इस कमबैक को टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे महान कमबैक में गिना जाता है. इसमें ऋषभ पंत, शुभमन गिल, शार्दुल ठाकुर, अजिंक्य रहाणे, मोहम्मद सिराज और टी. नटराजन जैसे खिलाड़ी स्टार बनकर लौटे थे. रहाणे अब भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट ले चुके हैं, लेकिन उनकी यह ऐतिहासिक जीत टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में हमेशा अमर रहेगी.
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