एशियन गेम्स 2026 की 100 मीटर दौड़ में भारत के स्टार एथलीट गुरिंदरवीर सिंह ने सेमीफाइनल में तो जगह बनाई थी, लेकिन वह फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके. गुरिंदरवीर ने सेमीफाइनल के दौरान 10.32 सेकेंड में रेस पूरी की और वह पांचवें स्थान पर रहे, तो फाइनल के लिए जगह नहीं बना सके. इसके चलते गुरिंदरवीर बाहर हो गए. वहीं, भारत के दूसरे फर्राटा धावक अनिमेष कुजूर भी कुछ खास नहीं कर सके और वह भी सेमीफाइनल से बाहर हो गए, तो 48 साल बाद 100 मीटर दौड़ में मेडल जीतने का सपना धरा रह गया.
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गुरिंदरवीर और अनिमेष हुए सेमीफाइनल से बाहर
गुरिंदरवीर सिंह की बात करें तो अपनी हीट में उन्होंने सेमीफाइनल से एक दिन पहले 10.38 सेकेंड में 100 मीटर दौड़ पूरी करते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था. लेकिन इसके बाद सेमीफाइनल में वो अपनी टाइमिंग को ज्यादा बेहतर नहीं कर सके और 10.32 सेकेंड के साथ पांचवें स्थान पर रहे, तो उनका सफर एशियन गेम्स में समाप्त हो गया. वहीं, गुरिंदरवीर के अलावा भारत के दूसरे स्प्रिंटर अनिमेष कुजूर भी सेमीफाइनल में कुछ खास नहीं कर सके और उन्होंने भी इस दौड़ में 10.38 सेकेंड का समय लिया. जिसके चलते भारत की चुनौती 100 मीटर दौड़ में सेमीफाइनल में ही समाप्त हो गई.
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48 साल से 100 मीटर में नहीं आया मेडल
भारत के एथलीट एशियन गेम्स की 100 मीटर स्पर्धा में 1978 के बाद से अभी तक एक भी मेडल नहीं जीत सके हैं. भारत के लिए 100 मीटर रेस में पहला गोल्ड मेडल लैवी पिंटो ने 1951 के एशियाई खेलों में दिलाया था. इसके बाद 1954 में भारत के धाकड़ रनर मैरिएन गैब्रियल ने कांस्य पदक अपने नाम किया था. जबकि साल 1978 में रामास्वामी ज्ञानशेखरन ने भारत के लिए 100 मीटर दौड़ में एशियन गेम्स का सिल्वर मेडल हासिल किया था. इन तीन एथलीटों के अलावा भारत के नाम अभी तक 100 मीटर में कोई भी मेडल नहीं आया है. इसके चलते 100 मीटर दौड़ में मेडल का भारत का एशियन गेम्स में इंतजार अब 48 साल से और 4 साल के लिए बढ़ गया है.
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