Asian Games 2026 : भारत की युवा एथलीट सीमा कुमारी ने इतिहास रच दिया. महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में सीमा ने काफी संयम से काम लेते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया. सीमा ने शानदार शुरुआत के बाद टॉप-3 ग्रुप में अपनी जगह को सिक्योर रखा और बाकी सबसे आगे निकलती चली गईं. सीमा ने 10,000 मीटर दौड़ को 32:50.05 मिनट के समय के साथ पूरा किया और 16 साल बाद एशियन गेम्स की इस स्पर्धा में भारत को पहला मेडल दिलाया. इससे पहले हांगजू एशियन गेम्स 2010 में भारत ने गोल्ड और सिल्वर मेडल 10,000 मीटर दौड़ में जीते थे. तब प्रीजा श्रीधरन ने 31:50.47 मिनट के समय के साथ गोल्ड, तो उनके साथ सिल्वर मेडल जीतकर पोडियम पर कविता राऊत भी थीं. अब इन दोनों की लिस्ट में सीमा कुमारी का नाम भी जुड़ गया है.
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सीमा कैसे एशियन गेम्स तक पहुंची?
भारत की स्टार एथलीट सीमा कुमारी की बात करें, तो वह हिमाचल प्रदेश के चंबा से आती हैं. सीमा जब सिर्फ 12 साल की थीं, तभी उनके पिता का देहांत हो गया था. इसके बाद तमाम आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए सीमा ने ट्रैक पर अपनी रफ्तार को थमने नहीं दिया. सीमा अपने गांव रेटा में नंगे पांव दौड़कर अभ्यास किया करती थीं और साल 2015 में उनके टैलेंट को जब साई ने देखा, तो फिर उनका दाखिला धर्मशाला के हॉस्टल में हुआ. सीमा ने पहली बार साई के हॉस्टल आकर प्रोफेशनल ट्रेनिंग शुरू की और जूते पहनकर दौड़ना शुरू किया. इसके बाद सीमा ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और अब एशियन गेम्स में उन्होंने कमाल कर दिया है.
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सीमा का अगला टारगेट होगा ओलिंपिक
सीमा ने 10,000 मीटर की दौड़ को 32:50.05 मिनट में पूरा करने के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया और ये उनका एशियन गेम्स में पहला मेडल भी है. सीमा ने इससे पहले वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में 5000 मीटर की दौड़ में सिल्वर मेडल, जबकि एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप 2024 में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था. अब सीमा अपनी रफ्तार को थमने नहीं देना चाहेंगी और 2028 ओलिंपिक में मेडल लाने के लिए तैयारियों को जोर देना चाहेंगी. सीमा के कठिन परिश्रम से भारत को 16 साल बाद महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में पहले मेडल का सौभाग्य प्राप्त हुआ.
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