Asian Games 2026: एशियन गेम्स के इतिहास में पिछले दो बार से गोल्ड मेडल जीतते आ रहे तजिंदरपाल सिंह तूर गोल्डन हैट्रिक से चूक गए. ईरान के मोहम्मद रजा तैयबी ने तूर को गोल्ड मेडल से दूर रखा और उनको आगे नहीं आने दिया. तैयबी ने 20.81 मीटर दूर गोला फेंककर गोल्ड मेडल जीता, तो तूर 20.64 मीटर तक ही गोला फेंक सके. इसके चलते उनको सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा और भारत के हाथ से एक गोल्ड मेडल 0.17 मीटर यानी 17 सेंटीमीटर से रह गया.
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गोल्डन हैट्रिक से चूके तूर
पुरुषों की शॉट पुट स्पर्धा में तजिंदरपाल सिंह तूर से सभी भारतीय फैंस को एक बार फिर गोल्ड की उम्मीद थी. तूर ने जकार्ता एशियन गेम्स (2018) में 20.75 मीटर दूर गोला फेंककर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. इसके बाद साल 2022 के हांग्झोऊ एशियन गेम्स में 20.36 मीटर के थ्रो से गोल्ड जीता था. इस बार भी तूर ने 20 मीटर से अधिक 20.64 मीटर यानी सबसे अधिक दूर गोला फेंका, फिर भी 17 सेंटीमीटर से वह गोल्ड मेडल जीतने से चूक गए.
तूर ने कौन से प्रयास में सबसे दूर गोला फेंका?
तूर ने पहले ही प्रयास में 20.06 मीटर दूर गोला फेंका, इसके बाद दूसरे प्रयास में 20.26 मीटर और तीसरे प्रयास में वह 19.77 मीटर दूर ही थ्रो कर सके, जबकि चौथे प्रयास में 19.71 मीटर. मगर पांचवें प्रयास में तूर ने पूरी ताकत के साथ 20.64 मीटर का थ्रो करके कांस्य से खुद को सिल्वर मेडल की पोजीशन में लेकर आए. अंतिम प्रयास में तूर फाउल कर बैठे और उनके हाथ से गोल्ड मेडल फिसल गया. ईरान के तैयबी ने 20.81 मीटर दूर गोला फेंककर गोल्ड मेडल, तो सऊदी अरब के मोहम्मद तोलू ने 20.48 मीटर के थ्रो से कांस्य पदक जीता.
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अब ओलिंपिक होगा टारगेट
32 साल के हो चुके तजिंदरपाल सिंह तूर की बात करें तो उनके करियर का एशियन गेम्स में यह तीसरा मेडल था. इससे पहले वह दो गोल्ड मेडल अपने नाम कर चुके हैं. हालांकि तूर अपना जलवा अभी तक ओलिंपिक गेम्स में नहीं दिखा सके और उनके नाम ओलिंपिक मेडल नहीं है. अब तूर साल 2028 के लॉस एंजिलिस ओलिंपिक के लिए तैयारी करना चाहेंगे.
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