भारत में जारी रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन में पहला दोहरा शतक आयुष बडोनी ने जड़ा. दिल्ली के धाकड़ सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य जहां दोहरे शतक से एक रन दूर रह गए थे. वहीं दिल्ली के कप्तान आयुष बडोनी ने लेकिन प्रियांश के एक रन की कसर को पूरा कर डाला. 199 रन पर आउट होने से प्रियांश दोहरा शतक नहीं पूरा कर सके. लेकिन बडोनी ने दिल्ली के लिए बतौर कप्तान अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर का दूसरा दोहरा शतक जड़ डाला. जिसके चलते दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी में कप्तानी करते हुए दो दोहरे शतक जड़ने वाले वो पहले कप्तान बन गए हैं. ऐसा कारनामा दिल्ली के लिए रणजी खेलने वाले वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली, गौतम गंभीर और शिखर धवन भी नहीं कर सके. जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई. आयुष ने 217 रन की मैराथन पारी खेली और दिल्ली ने गुजरात के खिलाफ मैच में शिकंजा कस लिया था.
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प्रियांश आर्य एक रन से चूक गए दोहरा शतक
रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन में दिल्ली का दूसरा मुकाबला पालम के एयरफोर्स क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया. इस मैच के पहले दिन दिल्ली के लिए सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य ने ताबड़तोड़ पारी खेली और 199 रन बनाए. जिसके चलते वह अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर में दोहरे शतक से एक रन दूर रह गए. लेकिन प्रियांश के आउट होने के बाद आयुष बडोनी ने मोर्चा संभाले रखा और पहले दिन वह 115 रन पर नाबाद रहे जबकि दिल्ली ने चार विकेट पर 381 रन का मजबूत टोटल बना डाला था. दिल्ली के लिए पहले दिन प्रियांश आर्य और बडोनी के बीच चौथे विकेट के लिए 234 रन की विशाल साजेदारी भी हुई. जिसमें 117 रन प्रियांश ने तो 110 रन बडोनी ने बनाए थे.
233 गेंद में बडोनी ने रचा इतिहास
अब पहले दिन मजबूत दिल्ली के लिए दूसरे दिन फिर से उनके कप्तान बडोनी मैदान पर आए. 115 रन पर नाबाद रहने के बाद बडोनी आराम करके फिर से तरोताजा होकर सुबह मैदान में आए. उन्होंने नई ऊर्जा के साथ खेलते हुए ताबड़तोड़ शॉट्स लगाना शुरू किए. पालम के मैदान पर गुजरात के गेंदबाजों के खिलाफ अटैक करते हुए बडोनी ने 233 गेंद में 20 चौके और दो छक्के से अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर का तीसरा जबकि दिल्ली की कप्तानी करते हुए दूसरा दोहरा शतक जड़ डाला. बडोनी इसके साथ ही दिल्ली के लिए बतौर कप्तान रणजी ट्रॉफी में दो दोहरे शतक जमाने वाले पहले बैटर बन गए.
आयुष बडोनी ने कब-कब जड़ा दोहरा ?
आयुष बडोनी जब दिल्ली के कप्तान बनें तो उन्होंने पहला दोहरा शतक अपनी टीम के लिए रणजी ट्रॉफी 2024 सीजन में जड़ा था. जब उन्होंने 205 रन की नाबाद पारी झारखंड की टीम के खिलाफ खेली थी. उस समय भी बडोनी दिल्ली के कप्तान थे और उनका बतौर कप्तान पहला दोहरा शतक जबकि फर्स्ट क्लास करियर का भी पहला दोहरा था. बडोनी ने अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखा और फिर ईस्ट जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी 2025 सीजन के मैच में 204 रन की नाबाद पारी खेली थी. ये बडोनी का फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर में दूसरा दोहरा था. अब बडोनी ने गुजरात के खिलाफ पालम के मैदान पर बैटिंग करते हुए फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर का तीसरा जबकि दिल्ली का कप्तान रहते हुए दूसरा दोहरा शतक जड़ दिया है.
FC क्रिकेट में आयुष बडोनी के 200 :-
2024 में झारखंड के खिलाफ 205 नॉट आउट
2025 में ईस्ट ज़ोन के खिलाफ 204 नॉट आउट
2026 में गुजरात के खिलाफ 217 रन
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दिल्ली की टीम ने गुजरात को खदेड़ा
पालम के मैदान पर दोहरा शतक जड़ने के बाद भी बडोनी ने खेलना जारी रखा और 246 गेंद में 22 चौके व दो छक्के से उन्होंने 217 रन की मैराथन पारी खेली. जिससे दिल्ली की टीम ने 500 का मुकाम पार कर लिया था. खबर लिखे जाने तक दिल्ली की टीम ने पहले खेलते हुए गुजरात के खिलाफ 5 विकेट खोलकर 127 ओवरों में 580 का स्कोर पार कर लिया था. यानि दिल्ली अब पहली पारी के आधार पर तीन अंक बटोरने की तरफ बढ़ रही है. क्योंकि दो से ढाई दिन का ही खेल बाकी है, जिसमें दिल्ली को जीत दर्ज करने के लिए पालम के मैदान पर गुजरात के 20 विकेट चटकाने होंगे. अगर दिल्ली की टीम अपने पहली पारी के विशाल स्कोर के भीतर गुजरात को दो बार आउट नहीं कर सकी तो उनको पहली पारी में विशाल स्कोर नहीं बनाने देना चाहेगी. जिससे पहली पारी में अधिक स्कोर के चलते मैच ड्रॉ हुआ तो दिल्ली के खाते में तीन अंक जुड़ जाएंगे और गुजरात को सिर्फ एक अंक ही मिलेगा.
दिल्ली के लिए पिछले मैच में भी चमके थे बडोनी
दिल्ली के कप्तान आयुष बडोनी ने रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन के पहले मैच में बंगाल के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया लेकिन इसके बावजूद उनकी टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी थी. दिल्ली के लिए बडोनी ने पहली पारी में गेंदबाजी से 43 रन देकर जहां पांच विकेट चटकाए. वहीं बैटिंग में दूसरी पारी में 85 रन भी बनाए थे. लेकिन इसके बावजूद वह दिल्ली की टीम को रणजी ट्रॉफी सीजन के पहले मैच में जीत नहीं दिला सके थे. वहीं बडोनी लगातार फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रन बनाकर टेस्ट टीम इंडिया में जगह बनाने को प्रयास रत हैं लेकिन भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर में शुभमन गिल और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों के चलते बडोनी की जगह बनना काफी मुश्किल है.
दिल्ली की टीम कितने बार रणनजी ट्रॉफी जीती और पिछली बार कब चैम्पियन बनी थी ?
दिल्ली की बात करें तो अभी तक ये टीम सात बार रणजी ट्रॉफी का खिताब हासिल कर चुकी है. पिछली बार दिल्ली की टीम गौतम गंभीर की कप्तानी में साल 2007-08 के सीजन में चैम्पियन बनीं थी. जब गंभीर के साथ मिथुन मनहास, शिखर धवन आउए रजत भाटिया जैसे खिलाड़ी दिल्ली की टीम से खेल रहे थे. इस टीम के गंभीर अब टीम इंडिया के हेड कोच हैं तो मिथुन मानहास बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं. यानि दिल्ली को रणजी ट्रॉफी जीते एक दशक से अधिक का समय बीत चुका है, जिसे बडोनी अपनी कप्तानी में समाप्त करना चाहेंगे.
दिल्ली द्वारा जीते गए सभी 7 खिताबों के साल (सीजन) नीचे दिए गए हैं:
पहला खिताब: 1978-79
दूसरा खिताब: 1979-80
तीसरा खिताब: 1981-82
चौथा खिताब: 1985-86
पांचवां खिताब: 1988-89
छठा खिताब: 1991-92
सातवां (आखिरी) खिताब: 2007-08
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