साल 2026 में लियोनेल मेसी के बाद फुटबॉल जगत के अन्य मशहूर खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है. 41 साल की उम्र में फुटबॉल के कमांडर कहे जाने वाले रोनाल्डो ने अब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया है. जिसके चलते वह अगले यानी 2030 के फीफा वर्ल्ड कप में खेलते नजर नहीं आएंगे. रोनाल्डो ने अपने 23 साल के करियर के दौरान फुटबॉल मैदान के हर कोने से गोल दागे, लेकिन वह कभी भी फीफा वर्ल्ड कप जैसी बड़ी ट्रॉफी नहीं जीत सके. रोनाल्डो ने अपने करियर में सब कुछ हासिल किया, लेकिन कभी वर्ल्ड चैंपियन का तमगा उनके हाथ नहीं आया और रोनाल्डो जैसे खिलाड़ी के होने के बावजूद पुर्तगाल वर्ल्ड कप नहीं जीत सका. इस तरह रोनाल्डो को अपने करियर में वर्ल्ड चैंपियन नहीं बन पाने का गम तो होगा, लेकिन पूरी दुनिया में उन्होंने जो नाम कमाया और शोहरत हासिल की, उसे जब देखते होंगे तो काफी संतुष्ट भी महसूस करते होंगे.
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क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने किया रिटायरमेंट का ऐलान
क्रिकेट जगत के नंबर सात महेंद्र सिंह धोनी के बाद अब फुटबॉल जगत के नंबर सात क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी रिटायर हो गए हैं. रोनाल्डो ने अपना डेब्यू अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2003 में खेला था और उसके बाद से लगातार न सिर्फ राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने रहे, बल्कि इंग्लिश प्रीमियर लीग और यूरोप में धमाल मचाने के बाद उन्होंने सऊदी अरब की लीग से जुड़कर एशियाई फैंस का भी दिल जीता. रोनाल्डो हालांकि लीग फुटबॉल खेलते रहेंगे और उन्होंने सिर्फ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से रिटायरमेंट लिया है. रोनाल्डो ने रिटायरमेंट का ऐलान करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया और कहा कि
आज मेरा नेशनल टीम के साथ सफर समाप्त हो रहा है और मुझे खुद के चुने हुए रास्ते पर गर्व महसूस हो रहा है. मैंने अपनी तरफ से पुर्तगाल को सब कुछ दिया. नंबर सात की शर्ट हमेशा मेरे करीब रहेगी और इसे पहनने का एहसास मेरे साथ हमेशा बना रहेगा. पुर्तगाल हमेशा मेरे अंदर जिंदा रहेगा.
रोनाल्डो का कोच से क्या झगड़ा हुआ?
दरअसल, बीते कुछ समय से क्रिस्टियानो रोनाल्डो और पुर्तगाल टीम के हेड कोच जॉर्ज जीसस के बीच कुछ सही नहीं चल रहा था. हाल ही में खेले गए नेशंस लीग के दौरान रोनाल्डो और जीसस के बीच प्लेइंग टाइम को लेकर तीखी बातचीत हुई थी. रोनाल्डो का मानना था कि कोच जीसस ने उन्हें नॉर्वे और डेनमार्क के खिलाफ मैच के दौरान प्लेइंग टाइम देने का वादा किया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेंच पर बिठाए रखा. इस मनमुटाव के चलते रोनाल्डो ने पुर्तगाल का ट्रेनिंग कैंप बीच में ही छोड़ दिया था. इस अनुशासनात्मक कार्रवाई के कारण पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ ने उन पर जुर्माना भी लगाया था. जिसको लेकर रोनाल्डो ने माफी मांगी और अब उन्होंने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया. इतना ही नहीं, रोनाल्डो को उनकी हरकत के लिए 30 दिन तक अस्थायी रूप से निलंबित भी कर दिया गया था.
क्रिस्टियानो रोनाल्डो का कैसा है अंतरराष्ट्रीय करियर?
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने करियर के दौरान फीफा वर्ल्ड कप का खिताब भले ही नहीं जीता, लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे अधिक गोल करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर रखा है. साल 2003 में पुर्तगाल की टीम से डेब्यू करने वाले रोनाल्डो ने करियर के दौरान सबसे अधिक 234 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और इस दौरान उन्होंने 146 गोल दागे. जिसके चलते उनके दागे गए 146 गोल किसी खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में वर्ल्ड रिकॉर्ड गोल हैं. रोनाल्डो ने 146 गोल दागने के अलावा 46 गोल असिस्ट भी किए और 124 गोल प्रतिस्पर्धी मैचों में दागे. रोनाल्डो फुटबॉल की दुनिया के कोई साधारण खिलाड़ी नहीं, बल्कि उनकी गिनती दिग्गजों में होती है, जिसमें पेले और मेसी जैसे खिलाड़ियों का नाम भी शामिल है. पुर्तगाल से निकले इस फुटबॉलर का लोहा उसके गोल और फिटनेस के लिए पूरी दुनिया मानती है और उन्हें झुककर सलाम भी करती है. रोनाल्डो अब कभी भी पुर्तगाल की रेड जर्सी में नजर नहीं आएंगे और पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रेमियों के लिए उनका रिटायर होना एक खालीपन जैसा है.
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क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कितने वर्ल्ड कप खेले?
पुर्तगाल के महान खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने करियर के दौरान एक-दो नहीं, बल्कि छह वर्ल्ड कप खेले. रोनाल्डो ने पहला वर्ल्ड कप साल 2006 में खेला और उसके बाद से लगातार (2010, 2014, 2018, 2022 और 2026) पांच और वर्ल्ड कप खेले. लेकिन एक भी बार रोनाल्डो वाली पुर्तगाल की टीम चैंपियन नहीं बन सकी. रोनाल्डो ने फीफा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में 11 गोल दागे हैं, जबकि फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफायर्स में उनके नाम 41 गोल दर्ज हैं.
रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय गोल :-
| प्रतियोगिता का नाम | गोल संख्या |
|---|---|
| यूईएफए यूरो क्वालिफायर (UEFA Euro Qualifiers) | 41 |
| फीफा वर्ल्ड कप क्वालिफायर (FIFA World Cup Qualifiers) | 41 |
| यूईएफए यूरोपीय चैंपियनशिप - मुख्य टूर्नामेंट (Euro Finals) | 14 |
| यूईएफए नेशंस लीग (UEFA Nations League) | 15 |
| फीफा वर्ल्ड कप - मुख्य टूर्नामेंट (World Cup Finals) | 11 |
| अंतरराष्ट्रीय दोस्ताना मैच (International Friendlies) | 22 |
| फीफा कन्फेडेरेशन कप (FIFA Confederations Cup) | 2 |
| कुल अंतरराष्ट्रीय गोल (Total Goals) | 146 |
यूरोप के किंग हैं रोनाल्डो
क्रिस्टियानो रोनाल्डो भले ही अपने जीवन में वर्ल्ड कप हासिल नहीं कर सके, लेकिन उन्हें यूरोप का राजा कहा जाता है. उन्होंने यूरो कप के फाइनल में सबसे ज्यादा 30 मैच खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम किया. जबकि सबसे अधिक 14 गोल करने वाले खिलाड़ी भी रोनाल्डो ही हैं. रोनाल्डो के रहते पुर्तगाल ने साल 2016 में यूरो कप का खिताब जीता, जिसमें पुर्तगाल की कप्तानी भी रोनाल्डो के पास थी. इसके अलावा साल 2019 और साल 2025 में रोनाल्डो ने पुर्तगाल को दो बार नेशंस लीग का खिताब जिताया. इतना ही नहीं, रोनाल्डो के नाम अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे अधिक 10 हैट्रिक जमाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है. रोनाल्डो अब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से दूर सिर्फ लीग फुटबॉल खेलते नजर आएंगे और वर्तमान में वह सऊदी अरब की अल नासर टीम से खेल रहे हैं.
रोनाल्डो का क्लब करियर
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के अलावा अगर उनके क्लब करियर की बात करें तो उन्होंने सबसे पहले स्पोर्टिंग सीपी से शुरुआत की थी. साल 2002-03 सीजन खेलने के बाद वह मैनचेस्टर यूनाइटेड से जुड़ गए और 2003 से लेकर 2009 तक इस क्लब के अहम सदस्य रहे. पुर्तगाल से इंग्लैंड और फिर रोनाल्डो स्पेन आ गए. रियल मैड्रिड में उन्होंने साल 2009 से लेकर साल 2018 तक काफी लंबा समय बिताया. जिसके बाद यह महान खिलाड़ी इटली चला गया और जुवेंटस के लिए साल 2018 से लेकर साल 2021 तक टीम के सदस्य रहे. जुवेंटस के बाद एक सीजन के लिए रोनाल्डो यूनाइटेड वापस गए, लेकिन साल 2023 से वह सऊदी अरब की लीग में अल नासर टीम से क्लब फुटबॉल खेल रहे हैं.
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