Duleep Trophy Final: दलीप ट्रॉफी 2026-27 सीजन का फाइनल मुकाबला चेन्नई के मैदान पर ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच शुरू हुआ. पांच दिन तक चलने वाले मैच के पहले दिन के पहले सेशन में वैभव सूर्यवंशी का जलवा देखने को मिला. ईस्ट जोन के लिए मैदान में आते ही वैभव ने शुरुआत में सॉलिड डिफेंस का नजारा पेश किया. इसके बाद सिराज के एक ओवर में दो चौके व एक छक्के से अपने इरादे भी जाहिर किए. लेकिन रेड बॉल क्रिकेट में लगातार सिक्स जड़ना उनके लिए गले की फांस बनता जा रहा है और बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में वह कैच आउट हो गए. जिससे वैभव को 44 रन बनाकर मैदान से बाहर जाना पड़ा.
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वैभव सूर्यवंशी कैसे हुए आउट ?
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया. इसके जवाब में वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन मैदान पर आए. दोनों ने बेहतरीन शुरुआत की और तेजी से रन बटोरे. वैभव ने साउथ जोन से खेलने वाले सिराज की क्लास लगाई और उनके एक ओवर में दो चौके व छक्का भी जड़ा. जिससे 88 गेंद में ही अभिमन्यु और वैभव ने मिलकर 100 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप निभा डाली थी. इस समय वैभव 44 रन बनाकर खेल रहे थे. तभी पारी के 15वें ओवर में चामा मिलिंद गेंदबाजी करने आए तो उन्होंने वैभव को शॉर्ट बॉल से ललचाया. सूर्यवंशी शॉर्ट गेंद पर खुद को बड़ा शॉट खेलने से रोक नहीं सके और लेग साइड में कैच देकर चलते बने. इस तरह 37 गेंद में पांच चौके और एक छक्के से 44 रन बनाने के साथ सूर्यवंशी की पारी का अंत हो गया. वैभव के सामने साउथ जोन के गेंदबाज ने पहली शॉर्ट बॉल का इस्तेमाल किया और उसे सफलता मिल गयी. इस तरह शॉर्ट बॉल अभी भी सूर्यवंशी की समस्या बनी हुई है, इस पर उन्हें काम करना होगा.
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वैभव सूर्यवंशी की ताकत बनी कमजोरी
वैभव सूर्यवंशी की बात करें तो वह भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तो डेब्यू कर चुके हैं. लेकिन अगर उनको टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलना है तो रेड बॉल क्रिकेट में खुद के संयम को साबित करना होगा. वैभव ने पिछले सेमीफाइनल मैच में 92 रन की पारी खेली थी और उस समय भी शतक के करीब बड़ा शॉट लगाने के चलते आउट हो गए थे, जबकि अभी तक दलीप ट्रॉफी के तीन मैच की चार पारियों में वह चारों बार शॉट खेलने के चलते कैच आउट हुए हैं. अब वैभव को अगर टेस्ट टीम इंडिया के लिए खेलना है तो ताबड़तोड़ बैटिंग से थोड़ी दूरी बनाकर क्रीज पर समय बिताना सीखना होगा. अभी तक वैभव दलीप ट्रॉफी में 8, 92, 40 और 44 रन की पारियां खेल चुके हैं.
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