CWG 2026 : भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना दबदबा नहीं दिखा सके. पेरिस ओलंपिक में उनके सामने पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 90 मीटर से अधिक का थ्रो करके गोल्ड जीता था, तो इस बार श्रीलंका के पथिरागे उनके सामने खड़े हो गए. श्रीलंका के स्टार जैवलिन थ्रोअर रुमेश थरंगा पथिरागे ने दूसरे प्रयास में 90 मीटर के करीब 89.75 मीटर का थ्रो करके गोल्ड मेडल हासिल कर लिया. वहीं, नीरज चोपड़ा 90 मीटर के मार्क को हासिल नहीं कर सके, जिसके चलते उन्हें ओलंपिक के बाद एक बार फिर सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.
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90 मीटर बना गले की फांस
नीरज के अलावा यशवीर सिंह भी स्टार बनकर सामने आए और उन्होंने भारत के लिए जैवलिन थ्रो की इस स्पर्धा का दूसरा मेडल हासिल कर लिया. नीरज ने 85.83 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर, तो यशवीर ने 85.41 मीटर की दूरी तय करके कांस्य पदक अपने नाम किया. पाकिस्तान के अरशद नदीम और ओलंपिक चैंपियन कॉमनवेल्थ गेम्स में खाली हाथ रह गए. वहीं, 90 मीटर की दूरी एक बार फिर हासिल नहीं कर पाने के कारण नीरज के हाथ सिल्वर ही आया. पेरिस ओलंपिक में उन्होंने 89.45 मीटर की दूरी तय की थी, लेकिन इस बार नीरज उस प्रदर्शन को भी दोहरा नहीं सके.
श्रीलंका के पथिरागे निकले खरा सोना
श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने क्वालिफाइंग इवेंट में सबसे दूर 82.84 मीटर के थ्रो के साथ टॉप स्थान पर कब्जा जमाया. इसके बाद फाइनल के पहले प्रयास में पथिरागे ने 84 मीटर के करीब थ्रो किया था, लेकिन फाउल के चलते उसे रद्द कर दिया गया. पथिरागे ने इसके बाद दूसरे प्रयास में सबको पछाड़ दिया और 89.75 मीटर के थ्रो से नीरज पर दबाव बना दिया. अब नीरज को गोल्ड जीतने के लिए 90 मीटर की दूरी पार करनी थी. वहीं, पथिरागे इसके बाद फिर से तीन फाउल कर बैठे और अपनी ही दूरी को नहीं पार कर सके. लेकिन 89.75 मीटर के थ्रो से वह अंत तक टॉप पर रहे और श्रीलंका के लिए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया.
नीरज चोपड़ा ने कौन से प्रयास में बेस्ट दिया?
नीरज चोपड़ा ने पहले प्रयास में जोरदार थ्रो किया और 80.97 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे. इसके बाद नीरज ने और जोर लगाया. उन्होंने दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर दूर भाला फेंककर इस सीजन का बेस्ट थ्रो किया और सबसे टॉप पर आ गए. नीरज ने बाद में तीसरे प्रयास में 81.29 मीटर और चौथे प्रयास में 80.73 मीटर की दूरी तय की, जबकि पांचवें और अंतिम प्रयास में फाउल कर बैठे. इसके चलते नीरज को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.
यशवीर ने अंत में रचा इतिहास
वहीं, भारत के अन्य जैवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह ने अपने अंतिम प्रयास में पर्सनल बेस्ट देकर सबको चौंका दिया. यशवीर ने तीसरे प्रयास में 81.33 मीटर का थ्रो किया और उसके बाद अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर का थ्रो करने के साथ तीसरे स्थान पर नीरज के बाद आ गए. इस तरह भारत ने पहली बार CWG में जैवलिन थ्रो की एक स्पर्धा में दो मेडल अपने नाम किए हैं. तीसरे भारतीय रोहित यादव 81.56 मीटर का थ्रो ही कर सके और उन्होंने सातवें स्थान पर फिनिश किया.
पाकिस्तान के अरशद नदीम का बुरा हाल
पाकिस्तान के अरशद नदीम जब पहला थ्रो करने आए तो वह अपने पैरों का बैलेंस नहीं साध सके. थ्रो करने के बाद उनका पैर लाइन को टच कर गया, जिससे उनका पहला प्रयास फाउल हो गया. नदीम ने फिर दूसरे प्रयास में 77.41 मीटर दूर भाला फेंका. इसके बाद तीसरे प्रयास में भी नदीम 80 मीटर के मार्क को पार नहीं कर सके और 75.39 मीटर के थ्रो के साथ ओलंपिक चैंपियन का सफर बिना मेडल के समाप्त हो गया. नदीम ने पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था, लेकिन इस बार वह खाली हाथ रहे.
नीरज ने कब पार किया था 90 मीटर का मार्क ?
नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम की बात करें तो दोनों ही एथलीट 90 मीटर के मार्क को पार कर चुके हैं. पाकिस्तान के नदीम ने जहां 92.97 मीटर का थ्रो करके पेरिस ओलिंपिक का गोल्ड मेडल अपने नाम किया था, वहीं नीरज ने इसके बाद दोहा डायमंड लीग 2025 में 90.23 मीटर का थ्रो फेंककर पहली बार 90+ मीटर का बैरियर तोड़ा था. तब से अभी तक दोनों अपनी-अपनी सर्वश्रेष्ठ दूरी को पार नहीं कर सके हैं.
2024 ओलिंपिक से इंजरी से जूझ रहे हैं नीरज
नीरज चोपड़ा के करियर में इंजरी ने उन्हें काफी परेशान किया है. 2024 पेरिस ओलिंपिक से पहले उनकी एडडक्टर (जांघ के पास की अंदरूनी मांसपेशी) लगातार परेशान कर रही थी. इसके चलते वह डर के साये में थ्रो कर रहे थे. हालांकि इंजरी के बावजूद उन्होंने पेरिस ओलिंपिक का सिल्वर मेडल अपने नाम किया. इन खेलों के बाद 2025 में टोक्यो वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान उनकी लोअर बैक में समस्या आ गई और वह आठवें स्थान पर रहे. नीरज ने बैक की समस्या से उबरने के लिए लंबा ब्रेक लिया. जब वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वापसी करना चाह रहे थे, तब उससे ठीक पहले हाई-इंटेंसिटी प्रैक्टिस के दौरान थ्रो करते समय उनके ग्रोइन हिस्से में सूजन आ गई. इसके चलते नीरज ने रोम डायमंड लीग 2026 से अपना नाम वापस ले लिया और तुरंत पेरिस जाकर इलाज कराया. पांच हफ्तों के कड़े रिहैब के बाद वापस आए तो गोल्ड नहीं हासिल कर सके और अब सितंबर माह में एशियन गेम्स 2026 में अपना जलवा दिखाना चाहेंगे.
नीरज चोपड़ा के टॉप थ्रो :-
| क्रम | प्रतियोगिता का नाम | साल | पदक का प्रकार | थ्रो डिस्टेंस मीटर में |
|---|---|---|---|---|
| 1 | टोक्यो ओलंपिक खेल | 2020 टोक्यो, जापान | स्वर्ण | 87.58 मीटर |
| 2 | विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप | 2023 बुडापेस्ट, हंगरी | स्वर्ण | 88.17 मीटर |
| 3 | पेरिस ओलंपिक खेल | 2024 पेरिस, फ्रांस | रजत | 89.45 मीटर |
| 4 | डायमंड लीग फाइनल | 2022 ज्यूरिख, स्विट्जरलैंड | ट्रॉफी विजेता | 88.44 मीटर |
| 5 | राष्ट्रमंडल खेल (CWG) | 2026 ग्लासगो, स्कॉटलैंड | सिल्वर | 85.83 मीटर |
| 6 | एशियन गेम्स | 2023 हांग्जो, चीन | गोल्ड | 88.88 मीटर |
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