टीम इंडिया जहां इन दिनों वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में व्यस्त है, वहीं इसके बाद भारत के खिलाड़ी न्यूजीलैंड दौरे पर जाने वाले हैं. लेकिन टीम इंडिया के लिए कभी डेब्यू टेस्ट मैच में शतक जड़ने वाले पृथ्वी शॉ धीरे-धीरे टीम इंडिया से बाहर हो गए. उसके बाद उनकी जगह मुंबई की रणजी टीम में भी नहीं बची, तो उन्होंने महाराष्ट्र का रुख किया. पृथ्वी शॉ अब मुंबई से अलग होने के बाद इस सीजन रणजी ट्रॉफी में महाराष्ट्र की कप्तानी कर रहे हैं. पहले मैच में जीत के बाद उन्होंने बताया कि कैसे वह खुद से एक जंग लड़ रहे हैं और फिर से टीम इंडिया में ओपनिंग में अपना स्थान पाना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने कई कड़े कदम उठाए हैं और वापसी का पूरा प्लान बताया है.
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पृथ्वी शॉ ने कब खेला था आखिरी मैच?
पृथ्वी शॉ की बात करें तो उन्होंने अपने करियर का आगाज काफी शानदार किया था. शॉ की कप्तानी में अंडर-19 टीम इंडिया ने साल 2018 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था, जिसमें शॉ की कप्तानी में शुभमन गिल खेले थे. अब गिल टीम इंडिया के कप्तान बन चुके हैं, लेकिन शॉ टीम इंडिया में जगह बनाने से कोसों दूर हो चुके हैं. शॉ ने साल 2018 में टीम इंडिया के लिए शुभमन गिल से पहले टेस्ट डेब्यू किया. शॉ ने डेब्यू मैच में राजकोट के मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ 134 रन की पारी खेली. इसके बाद शॉ की तुलना सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग से की जाने लगी.
हालांकि, शॉ का आगाज काफी धमाकेदार रहा, लेकिन अपनी फॉर्म को वह ज्यादा दिन कायम नहीं रख सके. शॉ दो साल तक टेस्ट टीम इंडिया के सेटअप का हिस्सा रहे. ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर एडिलेड में जब वह चार रन बनाकर आउट हो गए, तो उसके बाद से लेकर अभी तक शॉ टीम इंडिया में वापसी नहीं कर सके हैं. हालांकि, इन पांच सालों में शुभमन गिल ने अपने पैर जमा लिए और अब वह भारत के टेस्ट कप्तान बन चुके हैं.
पृथ्वी शॉ ने क्या कहा?
इस तरह टीम इंडिया से पिछले पांच सालों से बाहर चल रहे पृथ्वी शॉ ने महाराष्ट्र की कप्तानी में पहला मैच जीतने के बाद इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि मेरा सबसे बड़ा और अंतिम टारगेट अब भी टीम इंडिया में जगह बनाना है. इसके लिए जो कुछ भी करना होगा, मैं करना चाहूंगा. टीम इंडिया में बतौर ओपनर जगह बनाने के लिए लंबी कतार है, लेकिन मुझे बस कंसिस्टेंट रहना होगा. यह मेरे लिए कुछ भी साबित करने जैसा नहीं है और यह मेरी खुद से एक जंग है.
उन्होंने कहा, "मैं पहले से काफी अधिक मेहनत कर रहा हूं. मेरा फोकस क्रिकेट, मेरे परिवार और खुद पर है और बाकी सब कुछ मैं नजरअंदाज कर देता हूं. मैं सोशल मीडिया और बाहर जाने से खुद को दूर रखना चाहता हूं. मैं कभी भी पपराजी को नहीं बुलाता. कुछ लोगों को बस कैमरे का आनंद मिल जाता है. मैं अपनी प्राइवेसी की कदर करता हूं."
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पृथ्वी शॉ को क्या हो गया था?
साल 2018 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान पृथ्वी शॉ को सबसे पहले टीम इंडिया में डेब्यू करने का मौका मिला. शॉ ने जहां टेस्ट डेब्यू पर शतक जड़ा, वहीं भारत के लिए उन्हें छह वनडे मैच भी खेलने को मिले. शॉ ने छह वनडे मैचों में 189 रन बनाए और उनके नाम 49 रन की पारी बेस्ट रही. जबकि एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में उनका खाता नहीं खुला.
इस तरह साल 2020 से शॉ टेस्ट टीम इंडिया से, तो साल 2021 से वह वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं. इस दौरान शॉ तमाम पार्टियों में नजर आने लगे थे और काफी अधिक आउटडोर एक्टिविटी के चलते उनका ध्यान क्रिकेट से हट गया था. शॉ की फॉर्म लगातार गिरती चली गई, तो उन्हें मुंबई की घरेलू क्रिकेट टीम तक से बाहर कर दिया गया था. शॉ को जब मुंबई से घरेलू क्रिकेट में कम मौके मिल रहे थे, तो उन्होंने महाराष्ट्र की टीम से रणजी ट्रॉफी खेलने का फैसला किया. शॉ ने साल 2025 के जुलाई महीने में रणजी ट्रॉफी के लिए अपनी टीम को जॉइन किया और अब वह इस टीम के कप्तान बन चुके हैं.
पृथ्वी शॉ मुंबई से क्यों गए महाराष्ट्र?
पृथ्वी शॉ ने महाराष्ट्र के लिए 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में शानदार प्रदर्शन किया. शॉ ने सात मैच खेले और 11 पारियों में 48.82 की औसत से कुल 537 रन बनाए. इसमें चंडीगढ़ के खिलाफ उन्होंने 222 रन की विशाल पारी खेली थी, जो उनके रणजी ट्रॉफी करियर का तीसरा दोहरा शतक भी था. शॉ अब फिर से घरेलू क्रिकेट में लगातार धमाल मचाकर सेलेक्टर्स का ध्यान खींचना चाहते हैं. हालांकि, उनकी वापसी का रास्ता सिर्फ घरेलू क्रिकेट से नहीं, बल्कि आईपीएल से भी तय होगा.
पृथ्वी शॉ का आईपीएल करियर
पृथ्वी शॉ के आईपीएल करियर की बात करें, तो आईपीएल 2025 सीजन में उन्हें पहले कोई खरीद नहीं रहा था. लेकिन बाद में दिल्ली कैपिटल्स ने अपने इस धाकड़ बैटर को टीम में शामिल कर लिया था. हालांकि, शॉ को पिछले सीजन एक भी मैच खेलने को नहीं मिला था.
2023 के आईपीएल सीजन में वह आठ मैचों में सिर्फ 106 रन ही बना सके थे. इसके बाद 2024 आईपीएल सीजन में उन्होंने आठ मैचों में 198 रन बनाए. इससे पहले आईपीएल 2022 सीजन में भी उनका बल्ला खामोश रहा और 10 मैचों में वह 283 रन ही बना सके. लगातार तीन आईपीएल सीजन में फ्लॉप रहने वाले शॉ को दिल्ली के अलावा 2025 सीजन में किसी टीम ने नहीं खरीदा.
शॉ दिसंबर में होने वाली आईपीएल 2027 की नीलामी से पहले खुद को एक बार फिर साबित करना चाहेंगे. शॉ अभी तक आईपीएल में 79 मैच खेल चुके हैं और उनके नाम 1,892 रन दर्ज हैं. अब शॉ को अगर टीम इंडिया में फिर से जगह बनानी है, तो घरेलू क्रिकेट में धमाल मचाकर आईपीएल में जगह बनानी होगी. तभी उनकी वापसी संभव हो सकती है, अन्यथा उनके लिए टीम इंडिया की दहलीज काफी दूर हो जाएगी.
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