पारस डोगरा की कप्तानी वाली जम्मू एंड कश्मीर की क्रिकेट टीम ने बीते सीजन रणजी ट्रॉफी में इतिहास रच दिया था. जम्मू एंड कश्मीर ने साल 2025-26 सीजन के फाइनल में कर्नाटक को हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब हासिल किया. इसके चलते जम्मू एंड कश्मीर ने इस सीजन की शुरुआत ईरानी कप के फाइनल से की. जिसमें ऋषभ पंत की कप्तानी वाली रेस्ट ऑफ इंडिया के सामने जब उसे जीत के लिए 279 रन का टारगेट मिला तो सभी को लग रहा था कि रणजी ट्रॉफी जीतने वाली जम्मू फिर से चैंपियन बनेगी. लेकिन उसकी जीत के आगे मुकेश कुमार सीना तानकर खड़े हो गए. भारत की टेस्ट टीम इंडिया में जगह बनाने के प्रयासरत मुकेश कुमार ने तेज गेंदबाजी से अंतिम दिन कहर बरपाया और छह विकेट लेकर रेस्ट ऑफ इंडिया को 31वीं बार चैंपियन बनाया. जिससे जम्मू एंड कश्मीर की टीम फाइनल में 111 रन पर ही ढेर हो गई और उसे 167 रन से हार मिली.
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237 पर पहली पारी में सिमटी रेस्ट ऑफ इंडिया
श्रीनगर के मैदान में ऋषभ पंत की कप्तानी वाली रेस्ट ऑफ इंडिया पहले बैटिंग करने आई. उनके लिए ओपनर शिखर मोहन ने 118 गेंद में नौ चौके और एक छक्के से 60 रन की पारी खेली. जबकि 45 रन सरफराज खान ने भी बनाए. मगर कप्तान ऋषभ पंत सिर्फ 10 रन ही बना सके, तो आर. स्मरण ने 83 गेंद में आठ चौके और एक छक्के से 68 रन की पारी खेली. इसके चलते रेस्ट ऑफ इंडिया ने पहले खेलते हुए पहली पारी में 237 रन ही बनाए और जम्मू एंड कश्मीर के लिए लोन नासिर ने तीन विकेट और सुनील कुमार ने भी तीन विकेट झटके.
जम्मू एंड कश्मीर ने बल्ले से भी की वापसी
रेस्ट ऑफ इंडिया को 237 रन पर ढेर करने के बाद जम्मू एंड कश्मीर के लिए कामरान इकबाल ओपनिंग करने आए और उन्होंने 35 गेंद में 24 रन बनाए. उनके अलावा कप्तान पारस डोगरा ने मोर्चा संभाला और 143 गेंद में छह चौके व एक छक्के से 75 रन की पारी खेली. उनके अलावा अब्दुल समद ने 88 गेंद में पांच चौके और एक छक्के से 57 रन की पारी खेली, जबकि अंत में 58 गेंद में आठ चौके और तीन छक्के से 64 रन लोन नासिर ने बनाए. इसके चलते जम्मू एंड कश्मीर ने पहली पारी में 278 रन बनाने के साथ 41 रन की बढ़त बनाई. रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए पहली पारी में मुकेश कुमार ने दो विकेट, जबकि मुकेश चौधरी ने पांच विकेट चटकाए.
स्मरण के शतक से रेस्ट ऑफ इंडिया का पलटवार
अब दूसरी पारी में रेस्ट ऑफ इंडिया के बल्लेबाजों ने कमाल कर दिया. उनके लिए आर. स्मरण ने 153 गेंद में 16 चौके और पांच छक्के से 135 रन की पारी खेली. जबकि कप्तान पंत सिर्फ आठ रन ही बना सके. इसके अलावा 55 रन ओपनर संत सांगवान ने बनाए. स्मरण और सांगवान की पारी से रेस्ट ऑफ इंडिया ने दूसरी पारी में 319 रन का टोटल बनाया. जिसके चलते रेस्ट ऑफ इंडिया ने जम्मू एंड कश्मीर को चेज करने के लिए 279 रन का लक्ष्य दिया.
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रेस्ट ऑफ इंडिया को मुकेश ने चैंपियन बना दिया
रेस्ट ऑफ इंडिया के गेंदबाज अब मैदान पर आए और जम्मू एंड कश्मीर को जीत के लिए 279 रन चाहिए थे. इसके जवाब में जम्मू एंड कश्मीर को उनके सलामी बल्लेबाजों ने 54 रन की शुरुआत दिलाई. तभी 32 रन बनाकर कामरान इकबाल चलते बने. इसके बाद शुभम खाजुरिया ने 49 गेंद में छह चौके से 36 रन की पारी खेली, जबकि शुभम पुंडीर ने 14 गेंद में नौ रन की पारी खेली. अब्दुल समद भी क्रीज पर टिक नहीं सके और उन्होंने 42 गेंद में 20 रन की पारी खेली. जबकि अब्दुल के अलावा फिर बाद में जम्मू का कोई भी बैटर मुकेश कुमार और आकाश दीप का कहर नहीं झेल सका. जिससे जम्मू एंड कश्मीर की टीम अंतिम दिन 111 रन पर ढेर हो गई और उसे मैच में हार मिली. वहीं, रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए मुकेश कुमार ने 10.1 ओवर के स्पेल में छह विकेट चटकाए और 33 रन दिए. मुकेश के अलावा 9 ओवर में 25 रन देकर तीन विकेट अन्य तेज गेंदबाज आकाश दीप ने भी लिए. मुकेश ने दोनों पारियों में मिलाकर आठ विकेट चटकाए, तो छह विकेट आकाश दीप के नाम भी रहे और उन्होंने इंजरी के बाद वापसी करते हुए फिटनेस का बेजोड़ नमूना पेश कर दिया है.
ईरानी ट्रॉफी की कब से हुई शुरुआत?
ईरानी कप की बात करें तो इसकी शुरुआत साल 1960 से हुई थी. जिसके बाद से ईरानी कप का फाइनल मुकाबला हर साल रणजी चैंपियन और रेस्ट ऑफ इंडिया के बीच खेला जा रहा है. इस ट्रॉफी का नाम बोर्ड ने लंबे समय तक कोषाध्यक्ष रहे जाल आर. ईरानी के नाम पर रखा था. इसका पहला मैच मुंबई और रेस्ट ऑफ इंडिया के बीच खेला गया था. बीसीसीआई साल 1962 से लेकर अभी तक इस कप का हर साल आयोजन करता आ रहा है. जिसमें रेस्ट ऑफ इंडिया ने साल 2023-24 सीजन के बाद पहली बार और कुल 31वीं बार ईरानी कप को अपने नाम किया है. वहीं, रेस्ट ऑफ इंडिया ने साल 1966-67 सीजन में पहली बार इस कप का फाइनल जीता था और उसके बाद से अभी तक 31 बार जीत चुकी है.
टीम इंडिया को न्यूजीलैंड दौरे से पहले कैसे मिली राहत?
शुभमन गिल की कप्तानी वाली टेस्ट टीम इंडिया को अब न्यूजीलैंड के दौरे पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है. टीम इंडिया के लिहाज से न्यूजीलैंड का दौरा काफी अहम है और एक भी हार अब टीम इंडिया को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल की रेस से बाहर कर सकती है. जिसके लिए आकाश दीप ने फिट होकर वापसी करके शुभ संकेत दे दिए हैं. वहीं, मुकेश कुमार को भी न्यूजीलैंड दौरे के लिए शामिल किया जा सकता है. भारत और न्यूजीलैंड के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज 19 नवंबर से होगा और अंतिम टेस्ट मैच 27 नवंबर को खेला जाएगा.
भारत बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज शेड्यूल (2026) :-
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