SA vs AUS: केपटाउन में खेले जा रहे तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के आखिरी मैच में साउथ अफ्रीकी टीम ने कमाल कर दिया. मैच के तीसरे दिन तक दूसरी पारी में 4 विकेट पर 140 रन बनाने के साथ ऑस्ट्रेलिया के सामने सिर्फ 40 रन की लीड हासिल करने वाली मेजबान टीम पर हार का संकट मंडराने लगा था. लेकिन चौथे दिन वियान मुल्डर और रयान रिकल्टन ने मिलकर शतक पर शतक जड़ दिए. इससे साउथ अफ्रीकी टीम ने 181 पर 5 विकेट खोने के बावजूद दूसरी पारी में 387 का मजबूत टोटल बनाया. साउथ अफ्रीका के लिए रयान रिकल्टन ने 101 रन तो वियान मुल्डर ने 115 रन की पारी खेली. इन दोनों की बदौलत साउथ अफ्रीका ने अपनी स्थिति मजबूत की और ऑस्ट्रेलिया को अंतिम दिन चेज के लिए 288 रन का लक्ष्य दिया. अब ऑस्ट्रेलिया को अगर जीत हासिल करनी है तो साउथ अफ्रीका की सरजमीं पर ऐतिहासिक प्रदर्शन करना होगा. क्योंकि टेस्ट क्रिकेट के सदियों पुराने इतिहास में ऑस्ट्रेलियाई टीम साउथ अफ्रीका में अभी तक सिर्फ चार बार ही 285 से अधिक का टोटल हासिल कर सकी है.
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रिकल्टन और मैथ्यू ब्रीट्ज़के की सधी शुरुआत
ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 429 पर रोकने के बाद तीसरे दिन के अंत तक साउथ अफ्रीका ने चार विकेट पर 140 रन बनाकर 40 रन की बढ़त हासिल कर ली थी. इसके बाद चौथे दिन फिर से मैदान पर मैथ्यू ब्रीट्ज़के ने 19 रन से तो रयान रिकल्टन ने आठ रन से आगे खेलना शुरू किया. रिकल्टन और मैथ्यू ब्रीट्ज़के ने क्रीज पर कदम जमाए, लेकिन जैसे ही ब्रीट्ज़के सेट नजर आने लगे और ऐसा लगा कि वह बड़ी पारी खेल सकते हैं, तभी उनका फोकस समाप्त हो गया और 121 गेंद में पांच चौके से 43 रन बनाकर वह चलते बने. चौथे दिन का पहला विकेट ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने अपने नाम किया. मैथ्यू ब्रीट्ज़के के आउट होने से पांचवें विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी का अंत हो गया और साउथ अफ्रीका का पांचवां विकेट 181 रन पर गिरा. इससे उनकी टीम संकट में नजर आने लगी.
रिकल्टन ने शतक से टीम में फूंकी जान
181 पर पांच विकेट खोकर साउथ अफ्रीका के पास सिर्फ 81 रन की लीड थी. तभी मैदान पर वियान मुल्डर आए और उन्होंने रिकल्टन के साथ कमाल की बल्लेबाजी का नजारा पेश किया. रिकल्टन ने वियान मुल्डर के साथ छठे विकेट के लिए 154 रन की साझेदारी की और अपना टेस्ट शतक भी पूरा किया. रिकल्टन के करियर का यह तीसरा टेस्ट शतक था और तीनों शतक उनके अपने घर साउथ अफ्रीका में ही आए. इससे पहले उन्होंने साल 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ न्यूलैंड्स के मैदान पर टेस्ट शतक जड़ा था.
इतना ही नहीं, साउथ अफ्रीका के लिए टेस्ट में नंबर छह या उससे कम के बल्लेबाजी क्रम में खेलते हुए साल 2022 के बाद तीसरी या चौथी पारी में शतक जड़ने वाले पहले अफ्रीकी बैटर बने. इससे पहले काइल वीरेने ने साल 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 136 रन की पारी खेली थी. वहीं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरी या चौथी पारी में टेस्ट शतक बनाने वाले पिछले साउथ अफ्रीकी नंबर छह या उससे नीचे के बैट्समैन फाफ डु प्लेसिस थे, जिन्होंने 2012 में एडिलेड में डेब्यू करते हुए यह कारनामा अपने नाम किया था.
ऑस्ट्रेलिया की जीत के सामने खड़े हो गए वियान मुल्डर
रिकल्टन और मुल्डर के बीच छठे विकेट के लिए 154 रन की साझेदारी हुई और 181 पर पांचवां विकेट खोने वाली साउथ अफ्रीका का छठा विकेट 335 रन पर गिरा, जब रिकल्टन का शिकार किसी गेंदबाज ने नहीं किया, बल्कि वह रन आउट हो गए. रिकल्टन के जाने के बाद हालांकि ऑस्ट्रेलिया के सामने सीना तानकर मुल्डर आखिरी तक खड़े रहे. मुल्डर ने फिर निचले क्रम के बैटर्स जैसे कि मार्को यानसन के साथ पारी को आगे बढ़ाना चाहा, लेकिन यानसन शून्य पर चलते बने तो हार्मर और कोएत्जी एक-एक रन ही बना पाए. इसके बाद रबाडा दो रन बनाकर नाबाद रहे, तो मुल्डर ने दूसरे छोर से अंत में ताबड़तोड़ छक्के बरसाकर 221 गेंद में 10 चौके और चार छक्के से 115 रन की बेमिसाल पारी खेल डाली.
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उनकी पारी के दम पर ही साउथ अफ्रीका ने दूसरी इनिंग में 387 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे अधिक तीन विकेट मिचेल स्टार्क ने लिए, जबकि दो-दो विकेट पैट कमिंस और नाथन लायन के नाम रहे.
ऑस्ट्रेलिया को कितने रन का लक्ष्य मिला?
साउथ अफ्रीका की टीम ने जब दूसरी पारी में 387 रन का विशाल टोटल बनाया तो ऑस्ट्रेलिया को चेज करने के लिए 288 रन का चुनौतीपूर्ण टारगेट दिया. यह टारगेट फैंस को टी20 क्रिकेट के जमाने में देखने में भले ही छोटा लग रहा होगा, लेकिन टेस्ट क्रिकेट के अंतिम दिन में ऑस्ट्रेलिया के लिए इसे हासिल करना टेढ़ी खीर साबित हो सकता है. क्योंकि यह ऐसा स्कोर है कि ऑस्ट्रेलियाई बैटर ड्रॉ कराने के लिए खेलें या जीत दर्ज करने के लिए, दोनों स्थितियों को ध्यान में रखेंगे तो असमंजस की स्थिति में विकेट गंवा सकते हैं.
ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रीका में सबसे बड़ा टोटल कब चेज किया?
ऑस्ट्रेलिया ने साल 1997 में साउथ अफ्रीका के गकेबरहा में 270 रन चेज किए थे. जबकि उसका साउथ अफ्रीका में सबसे बड़ा टोटल 336 रन है, जो ऑस्ट्रेलियाई टीम ने साल 1950 में डरबन में चेज किया था. इस सदी की बात करें तो साल 2002 में केपटाउन के इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने 331 रन चेज किए थे और 2011 में ऑस्ट्रेलिया ने 310 रन जोहानिसबर्ग में और 2006 में इसी मैदान पर 292 रन चेज किए थे. यानी टेस्ट क्रिकेट के इतने लंबे इतिहास में साउथ अफ्रीका में ऑस्ट्रेलियाई टीम अभी तक सिर्फ चार बार 285 और उससे अधिक का टोटल चेज कर सकी है.
अंतिम दिन दांव पर सीरीज
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ साल 2013-14 में उसके घर पर पिछली टेस्ट सीरीज जीत दर्ज की थी. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2017-18 के दौरे पर चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-3 से हार मिली थी. अब ऑस्ट्रेलियाई टीम के पास साउथ अफ्रीका में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 12 साल बाद फिर से टेस्ट सीरीज जीतने का सुनहरा मौका है. इसके लिए उसे अंतिम दिन जीत के लिए 288 रन का लक्ष्य हासिल करना होगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो साउथ अफ्रीका अपने घर में लगातार दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया को मात देकर अपना दबदबा साबित करना चाहेगी. तीन टेस्ट मैचों की सीरीज अभी 1-1 से बराबरी पर है.
ऑस्ट्रेलिया के साउथ अफ्रीका में टेस्ट में चेज किए गए टॉप 5 टारगेट :-
| टीम | स्कोर | ओवर | लक्ष्य | खिलाफ | मैदान | तारीख |
|---|---|---|---|---|---|---|
| ऑस्ट्रेलिया | 336/5 | 123.6 (8 गेंद का एक ओवर) | 336 | दक्षिण अफ्रीका | डरबन | 20 जनवरी 1950 |
| ऑस्ट्रेलिया | 334/6 | 79.1 | 331 | दक्षिण अफ्रीका | केपटाउन | 8 मार्च 2002 |
| ऑस्ट्रेलिया | 310/8 | 86.5 | 310 | दक्षिण अफ्रीका | जोहानिसबर्ग | 17 नवंबर 2011 |
| ऑस्ट्रेलिया | 294/8 | 91.4 | 292 | दक्षिण अफ्रीका | जोहानिसबर्ग | 31 मार्च 2006 |
| ऑस्ट्रेलिया | 271/8 | 93.3 | 270 | दक्षिण अफ्रीका | गकेबरहा (पोर्ट एलिजाबेथ) | 14 मार्च 1997 |
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