रोहित शर्मा इन दिनों जहां इंग्लैंड दौरे पर हैं, वहीं उनके कोच के एक विदेशी शिष्य ने बल्ले से बवाल काट दिया. रोहित शर्मा के खेलने के स्टाइल का दीवाना यह साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज उनके जैसा बनने के लिए साउथ अफ्रीका से मुंबई तक आ गया. रोहित शर्मा के कोच दिनेश लाड से ट्रेनिंग ली और अब इंग्लैंड के खिलाफ 29 साल पुराने एक बड़े कारनामे को अंजाम दे दिया. जिसके बाद से 18 साल के साउथ अफ्रीकी बैटर जेसन रोवेल्स का नाम चर्चा में है. रोवेल्स ने यूथ टेस्ट (अंडर-19) में साउथ अफ्रीका के लिए खेलते हुए इंग्लैंड के खिलाफ ससेक्स के मैदान पर 201 रन की पारी खेली. इसके चलते साउथ अफ्रीकी क्रिकेट इतिहास में 29 साल बाद पहली बार कोई युवा खिलाड़ी यूथ टेस्ट में दोहरा शतक जड़ने के कारनामे को अंजाम दे सका.
ADVERTISEMENT
साउथ अफ्रीका के लिए किसने जड़ा दोहरा शतक?
दरअसल, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका की अंडर-19 टीम के बीच दो यूथ टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मैच जारी है. इस चार दिवसीय मैच के पहले दिन साउथ अफ्रीका की टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो 65 रन के स्कोर पर उसका दूसरा विकेट गिरा. तभी नंबर चार पर बल्लेबाजी करने साउथ अफ्रीका के यूथ कप्तान जेसन रोवेल्स आए और उन्होंने मोर्चा संभाला. रोवेल्स ने क्रीज पर समय बिताया और 296 गेंदों में 23 चौके व दो छक्कों की मदद से 201 रन की बेमिसाल पारी खेली. इसके चलते वह साउथ अफ्रीका के लिए यूथ टेस्ट के इतिहास में दोहरा शतक जड़ने वाले दूसरे बल्लेबाज बने. इससे पहले साल 1997 में ग्रांट एलियट ने भी इंग्लैंड के खिलाफ 201 रन ही बनाए थे, लेकिन वह नाबाद रहे थे, जबकि रोवेल्स 201 रन पर ही आउट हो गए. अगर वह एक रन और बना लेते तो एलियट से आगे निकल जाते.
विरासत में मिले क्रिकेट के गुण
अब जेसन रोवेल्स की बात करें तो उनका जन्म साउथ अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में हुआ. रोवेल्स को क्रिकेट विरासत में मिला. उनके पिता रॉबिन रोवेल्स क्रिकेट के काफी शौकीन थे, जबकि उनके दादा एरविन क्रेत्शमर 1960 के दशक में इंग्लैंड के ईस्ट लंदन स्थित टेक्निकल कॉलेज के ओपनिंग तेज गेंदबाज हुआ करते थे. मगर उस जमाने में प्रोफेशनल क्रिकेट एक करियर के रूप में इतना स्थापित नहीं था, इसलिए उन्होंने क्रिकेट छोड़कर छह दिन की नौकरी को चुना. अब पिता और दादा की विरासत को क्रिकेट में आगे लेकर जाने का जिम्मा जेसन रोवेल्स ने उठाया.
रोहित का दीवाना साउथ अफ्रीका से मुंबई आया
जेसन रोवेल्स अपना आदर्श रोहित शर्मा को मानते हैं और उन्होंने साउथ अफ्रीका से मुंबई आकर रोहित शर्मा के कोच की अकादमी का भी रुख किया. दिनेश लाड के साथ रोवेल्स ने बल्लेबाजी की बारीकियां सीखीं और ग्रिप को बदला. इसका नतीजा यह रहा कि उनके बैट फ्लो, कंट्रोल और ओवरऑल रन-स्कोरिंग कंसिस्टेंसी में काफी सुधार हुआ. जिसके चलते वह इंग्लैंड के खिलाफ इस बड़े कारनामे को अंजाम दे सके. रोवेल्स अगर इसी तरह खेलते रहे तो आने वाले समय में वह साउथ अफ्रीका की सीनियर टीम से भी खेलते नजर आ सकते हैं.
अमेरिका में चैंपियन बनी नाइट राइडर्स, स्मिथ की टीम को एक रन से हराकर जीता खिताब
रोवेल्स की कप्तानी में जीतकर इंग्लैंड से घर जाना चाहेगी साउथ अफ्रीका
वहीं मैच की बात करें तो जेसन रोवेल्स की पारी के दम पर साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 460 रन का विशाल स्कोर बनाया. इसके जवाब में इंग्लैंड की अंडर-19 टीम ने दूसरे दिन के अंत तक 5 विकेट पर 144 रन बना लिए थे और साउथ अफ्रीका अभी भी 316 रन से आगे है. सीरीज का पहला मैच जीतने के नाते अब रोवेल्स की कप्तानी में साउथ अफ्रीका की रेड बॉल टीम जीतकर घर जाना चाहेगी. रोवेल्स ने घरेलू क्रिकेट में अभी तक फर्स्ट क्लास डेब्यू नहीं किया है, जबकि उनके नाम पांच लिस्ट-ए मैचों में 109 रन दर्ज हैं.
आज नए टाइम पर शुरू होगा तीसरा ODI, कैसी होगी टीम इंडिया की Playing XI ?
ADVERTISEMENT











