भारत में जारी तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) 2026 सीजन के दौरान एक बड़ा मामला सामने आया. तमिलनाडु के लिए पिछले सीजन रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करने वाले एक खिलाड़ी पर बीसीसीआई ने जहां एक लाख रुपये का बैन लगाया, वहीं दूसरी तरफ उसे तत्काल रूप से टीएनपीएल के जारी सीजन से बाहर कर दिया गया है. इसके पीछे की वजह मोबाइल फोन माना जा रहा है, जिसे लेकर खिलाड़ी प्लेयर एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया में मौजूद था. इसके चलते बीसीसीआई की एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट ने खिलाड़ी पर एक्शन लिया.
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खिलाड़ी पर क्यों लगा बैन ?
दरअसल, 10 अगस्त को डिंडीगुल के नाथम स्थित एनपीआर कॉलेज ग्राउंड में तमिलनाडु का एक खिलाड़ी मोबाइल लेकर प्लेयर एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (पीएमओए) में टहल रहा था. बाद में उससे पूछा गया कि उसने क्या मोबाइल को पहले डिक्लेयर किया था. इस पर खिलाड़ी कुछ सही ढंग से जवाब नहीं दे सका तो उस पर एक लाख रुपये का फाइन लगाया गया है. TNCA के सचिव यू. भगवांदास राव ने कहा कि हमें ACSU की ओर से एक पत्र मिला. हमने टीम मालिकों को जांच पूरी होने तक खिलाड़ी को चयन के लिए विचार नहीं करने का निर्देश दिया है. अब जांच पूरी होने के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी.
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फिक्सिंग से जुड़े तार नहीं मिले
वहीं खिलाड़ी का नाम सामने नहीं आया है और माना जा रहा है कि प्लेयर का यह पहला एंटी-करप्शन कोड का उल्लंघन था. इसके चलते उस पर एक लाख रुपये का बैन लगा है. वहीं तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन जांच पूरी होने के बाद अपनी तरफ से भी खिलाड़ी के खिलाफ उचित एक्शन ले सकता है. हालांकि, खिलाड़ी के फोन से फिक्सिंग के कोई तार नहीं मिले हैं. इस खिलाड़ी के फोन से बुकीज के सीधे संपर्क से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं मिली. मगर अधिकारियों से किसी भी तरह की कम्युनिकेशन डिवाइस छिपाना PMOA और एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल का पूरी तरह से उल्लंघन माना जाता है. जिसके चलते खिलाड़ी के लिए टीएनपीएल का जारी सीजन समाप्त हो गया है, क्योंकि उसे फौरन टीम से बाहर कर दिया गया था.
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