आईपीएल 2026 सीजन के दौरान विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी बल्ले से कमाल कर रहे हैं. इसके बाद ये दोनों खिलाड़ी भारत के लिए वनडे क्रिकेट और अगले साल होने वाला वनडे वर्ल्ड कप भी खेलना चाहते हैं. लेकिन टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर इन दोनों खिलाड़ियों का विकल्प भी तैयार करना चाहते हैं, ताकि युवाओं का एक मजबूत पूल वर्ल्ड कप 2027 के लिए तैयार हो सके. अब गंभीर और कोहली को लेकर भारत के पूर्व क्रिकेटर अतुल वासन ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि गंभीर का बेस्ट लड़ाई के बाद ही बाहर आता है.
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अतुल वासन ने गंभीर को लेकर क्या कहा ?
अतुल वासन दिल्ली के लिए काफी क्रिकेट खेल चुके हैं और साल 1991 तक उन्होंने दिल्ली के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेला. इसी वजह से वह गौतम गंभीर को उनके बचपन से जानते हैं. वासन ने एक यूट्यूब शो में कहा,
गंभीर को मैं बचपन से जानता हूं. वह काफी पैसे वाले घर से आता है और उसका एटीट्यूड हमेशा ‘माय वे या हाईवे’ जैसा रहा है. अगर वह कहे कि दिन में रात है तो मान लो, नहीं तो वह तुम्हारे खिलाफ हो जाएगा और तुम उसकी हिट लिस्ट में आ जाओगे. इसके बाद वह तुम्हें नुकसान पहुंचाना शुरू कर देगा. हालांकि उसने क्रिकेट में काफी कुछ हासिल किया है और इसमें उसके स्वभाव ने भी मदद की है.
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गंभीर-कोहली के रिश्ते पर क्या बोले अतुल वासन ?
गौतम गंभीर और विराट कोहली दोनों ही दिल्ली से निकलकर टीम इंडिया तक पहुंचे और भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बने. हालांकि इन दोनों के बीच खास बॉन्डिंग कभी देखने को नहीं मिली. गंभीर और विराट के रिश्ते को लेकर वासन ने आगे कहा,
गंभीर जिस तरह का खिलाड़ी बना, वह अपने नेचर की वजह से बना. जब तक लड़ाई नहीं होगी, तब तक उसका बेस्ट सामने नहीं आएगा. मेरे ख्याल से तो वह अपने घर में भी शीशे से लड़ता होगा, जिसके बाद वह मूड में आता है. उसको अपने जोन में आने के लिए लड़ाई की जरूरत होती है. यही कारण है कि वह विराट कोहली से उलझता रहता है. उसका कैरेक्टर एक अल्फा मेल टाइप है और मैं जानता हूं कि कुछ खिलाड़ी उसके मैनेजमेंट से खुश नहीं हैं.
विराट कोहली अब भारत के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप हर हाल में खेलना चाहते हैं और इसके लिए वह जमकर मेहनत भी कर रहे हैं. हालांकि टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर को लेकर वासन ने अंत में कहा,
मैं जानता हूं कि दो से तीन खिलाड़ी उसके होने से खुश नहीं हैं. वह डंडे के बल पर काम कराना चाहता है. मैं किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन अगर वह दो से चार खिलाड़ियों को साइडलाइन करके जीत जाता है तो वही उसकी दुनिया है. मगर यह एक टीम स्पोर्ट है और अंत में कोई खिलाड़ी की नहीं सुनता. इस सबके बावजूद कोच जीत जाता है और खिलाड़ी को गलत मान लिया जाता है.
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