टीम इंडिया के मैनेजमेंट और मेडिकल टीम के बीच विवाद पर लक्ष्मण ने तोड़ी चुप्पी, कहा - गंभीर से सीरीज के पहले...

श्रीलंका दौरे के बीच टीम इंडिया के खिलाड़ियों की इंजरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन के टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद टीम मैनेजमेंट और बीसीसीआई की मेडिकल टीम के बीच कम्युनिकेशन को लेकर भी चर्चा तेज हुई.

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गौतम गंभीर और वीवीएस लक्ष्मण

Story Highlights:

जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन टेस्ट सीरीज से बाहर

टीम मैनेजमेंट और मेडिकल टीम के कम्युनिकेशन पर मिला जवाब

टीम इंडिया के श्रीलंका दौरे के बीच इंजर्ड खिलाड़ियों को लेकर हंगामा मचा हुआ है. मेडिकल टीम द्वारा पहले जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन के पूरी तरह से फिट होने की उम्मीद थी. लेकिन सीरीज से पहले दोनों ही इंजरी के चलते बाहर हो चुके हैं और इन दोनों खिलाड़ियों को सब्जेक्ट टू फिटनेस के आधार पर शामिल किया गया था. बुमराह और साई के बाहर होने के बाद ये भी मामला सामने आया कि टीम इंडिया के मैनेजमेंट और बीसीसीआई की मेडिकल टीम के बीच कम्युनिकेशन में भी समस्या है. इस पर सीओई हेड लक्ष्मण ने गंभीर का नाम लेकर सब कुछ साफ कर दिया.

मैनेजमेंट और मेडिकल टीम को लेकर लक्ष्मण क्या बोले ?

टीम इंडिया के मैनेजमेंट, जिसमें कोच, कप्तान और सपोर्ट स्टाफ शामिल होता है, और बीसीसीआई की मेडिकल टीम, जो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों को ठीक करने का काम करती है. माना जा रहा था कि कुछ कम्युनिकेशन में भी समस्या है. मेडिकल टीम खिलाड़ियों के पूरी तरह से फिट होने का समय नहीं बता पा रही है, जबकि मैनेजमेंट भी उनकी रिपोर्ट के इंतजार में रहता है. इस समस्या को लेकर वीवीएस लक्ष्मण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कम्युनिकेशन को लेकर कोई भी समस्या नहीं है. हर सीरीज से पहले कोच गंभीर से बातचीत होती है. वो हमसे संपर्क करते हैं. बाकी बुमराह और साई के साथ सब्जेक्ट टू फिटनेस वाला मार्क जुड़ा हुआ था तो इसमें संदेह जैसी कोई बात ही नहीं है.

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मैनेजमेंट और मेडिकल टीम में क्या दिक्कत हुई ?

वहीं मीडिया रिपोर्ट के हवाले से सामने निकलकर आया था कि मेडिकल टीम ने मैनेजमेंट से कहा था कि ये दोनों कम से कम एक टेस्ट मैच खेल सकते हैं. इसलिए उनको टीम में रखा गया. जबकि इंग्लैंड दौरे से पहले हर्षित राणा का वजन बढ़ जाना भी मुसीबत बना था. नीतीश रेड्डी ने अपनी स्पीड बढ़ाई तो तब से वो इंजर्ड चल रहे हैं. उनको लेकर भी कुछ संकेत नजर नहीं आ रहे हैं. इस तरह करीब 13 खिलाड़ी जब भारत के इंजर्ड हैं तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, जहां बीसीसीआई की मेडिकल टीम काम करती है, उनके हेड लक्ष्मण को सामने आना पड़ा और उन्होंने सभी सवालों के माकूल जवाब दिए. अब टेस्ट टीम इंडिया को अगर अगले साल होने वाले डब्ल्यूटीसी 2027 के फाइनल में जगह बनानी है तो हर हाल में उनको बुमराह जैसे गेंदबाज की जरूरत होगी.

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