एशियन गेम्स 2026 का आगाज 19 सितंबर से होने जा रहा है और चार अक्टूबर को इसका समापन होगा. जिसमें जापान के आइची-नागोया में 15,000 से अधिक एथलीट 43 खेलों के 469 इवेंट में भाग लेंगे. एशियन गेम्स सिर्फ एशिया में किसी एथलीट के लिए अपना वर्चस्व बनाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कुछ ऐसे खेल हैं, जिसका गोल्ड मेडल अगर जीत लिया तो जापान से ही साल 2028 में अमेरिका के लॉस एंजिलिस शहर में होने वाले ओलिंपिक गेम्स का टिकट मिल जाएगा. चलिए जानते हैं उन गेम्स के बारे में, जिनमें जीत दर्ज करके भारतीय एथलीट सीधे ओलिंपिक टिकट लेकर लौट सकते हैं.
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कितने गेम्स से मिलेगा ओलिंपिक का कोटा ?
जापान में होने वाले एशियन गेम्स के जरिए डायरेक्ट ओलिंपिक का कोटा देने वाले कुल सात खेल होंगे. जिसमें हॉकी, टेनिस, तीरंदाजी, स्क्वैश, सर्फिंग, सेलिंग और ट्रायथलॉन जैसे स्पोर्ट्स शामिल हैं. इन खेलों में भाग लेने वाले भारतीय एथलीट अगर फाइनल में जाकर गोल्ड मेडल जीते हैं या फिर कुछ-कुछ में सिल्वर मेडल भी अपने नाम करते हैं, तो उनको ओलिंपिक का टिकट कोटे के चलते मिल जाएगा.
तीरंदाजी
भारत के पास सबसे सुनहरा मौका तीरंदाजी में ओलिंपिक कोटा अपने नाम करने का होगा. व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में पुरुष और महिला वर्ग के स्वर्ण और रजत पदक विजेता अपने-अपने देश के लिए ओलिंपिक कोटा हासिल करेंगे. जबकि कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाले को भी ओलिंपिक का टिकट मिलेगा. इस तरह देखा जाए तो तीरंदाजी में एक रिकर्व मिक्स्ड टीम, पुरुषों के दो और महिलाओं के दो व्यक्तिगत रिकर्व तथा एक कंपाउंड मिक्स्ड टीम कोटा दांव पर होगा. जिसमें भारत के ओलंपियन धीरज बोम्मादेवरा और तीन बार की एशियन गेम्स स्वर्ण पदक विजेता ज्योति सुरेखा वेन्नम जैसे कई बड़े नाम ओलिंपिक कोटा लेकर लौट सकते हैं.
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हॉकी
एशियन गेम्स में पुरुष और महिला हॉकी दोनों टीमों के पास ओलिंपिक कोटा हासिल करने का सुनहरा मौका होगा. इसमें गोल्ड मेडल जीतने वाली हॉकी टीम को सीधे ओलिंपिक में भाग लेने का टिकट मिल जाएगा. इस लिहाज से भारत की मेंस और वीमेंस दोनों टीमों के लिए एशियन गेम्स काफी महत्वपूर्ण हो चला है.
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स्क्वैश
लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में पहली बार स्क्वैश को शामिल किया गया है. इसके लिए एशियन गेम्स में जीत दर्ज करने से सीधा ओलिंपिक का कोटा मिल जाएगा. एशियन गेम्स में पुरुष और महिला एकल के चैंपियन सीधे लॉस एंजिलिस ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर लेंगे. इसके चलते एशियन गेम्स की कांस्य पदक विजेता अनाहत सिंह पर एक बार फिर सभी की नजरें होंगी कि वह ओलिंपिक कोटा लेकर लौटे. भारत के कुल आठ एथलीट (4 पुरुष और 4 महिला) स्क्वैश टीम में शामिल हैं.
सर्फिंग
जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स में पहली बार सर्फिंग खेल डेब्यू करने जा रहा है. इस खेल में भी एशियन गेम्स 2026 में सबसे अच्छी रैंकिंग वाले पुरुष और महिला सर्फर व्यक्तिगत तौर पर क्वालिफिकेशन हासिल करेंगे.
सेलिंग
एशियन गेम्स 2026 के जरिए सेलिंग में भी डायरेक्ट ओलिंपिक का टिकट दिया जाएगा. इस स्पर्धा में भारत के 10 एथलीट भाग ले रहे हैं और उम्मीद है कि उनमें से कुछ ओलिंपिक का टिकट हासिल करके वतन वापस आएं. जिसमें प्रमुख रूप से विष्णु सरवनन और नेत्रा कुमानन शामिल हैं.
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टेनिस
आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 के जरिए टेनिस खेल में भी सीधा ओलिंपिक का टिकट मिल जाएगा. मेंस सिंगल्स और वीमेंस सिंगल्स चैंपियन को सीधा ओलिंपिक का क्वालिफिकेशन मिल जाएगा. बस एक शर्त ये है कि 12 जून 2028 की क्वालिफिकेशन कट-ऑफ तारीख पर उस खिलाड़ी की सिंगल्स रैंकिंग टॉप-500 में होनी चाहिए. भारत के ओलंपियन सुमित नागल, श्रीराम बालाजी और डबल्स खिलाड़ी युकी भांबरी टेनिस में जलवा बिखेरते नजर आएंगे.
ट्रायथलॉन
एशियन गेम्स 2026 के दौरान ट्रायथलॉन चैंपियन को भी ओलिंपिक का टिकट दिया जाएगा. लेकिन कोई भी भारतीय एथलीट इस स्पर्धा में भाग नहीं ले रहा है.
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