Duleep Trophy Final: दलीप ट्रॉफी 2026-27 सीजन का फाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच चेन्नई के मैदान पर जारी है. इस मैच की सुबह वैभव सूर्यवंशी ने ताबड़तोड़ अंदाज से 44 रन की पारी खेली तो उसके बाद अभिमन्यु ईश्वरन (72) और युवा टॉप ऑर्डर बैटर शिखर मोहन (85) ने बल्ले से कमाल कर दिया. जिससे दूसरे सेशन की समाप्ति तक ईशान किशन की टीम ईस्ट जोन ने 54 ओवर में चार विकेट पर 246 रन बनाकर साउथ जोन के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी. अब आइए जानते हैं कि धोनी के शहर रांची से आने वाले कौन हैं शिखर मोहन, जिन्होंने भारत के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के सामने 85 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर टेस्ट टीम इंडिया का भविष्य बनने का दावा पेश किया है.
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शिखर मोहन ने कैसे झारखंड की टीम में बनाई जगह?
शिखर मोहन की बात करें तो वह महेंद्र सिंह धोनी के बहुत बड़े फैन हैं और उनके ही शहर रांची के रहने वाले हैं. शिखर ने झारखंड के लिए सबसे पहले अंडर-16 टीम में जगह बनाई. अंडर-16 टूर्नामेंट में धमाल मचाने के चलते वह झारखंड की अंडर-19 टीम के कप्तान बने और फिर अंडर-23 कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी के दो सीजन में 77 की औसत से 623 रन और 73 की औसत से 887 रन बनाए तो उनको सीधे फास्ट ट्रैक करके झारखंड की सीनियर टीम में शामिल किया गया. रेड बॉल क्रिकेट में धमाल मचाने वाले मोहन ने शिखर की तरफ बढ़ना जारी रखा और पिछले सीजन रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करते हुए धमाल मचा दिया. शिखर ने नागालैंड के खिलाफ दोहरा शतक भी जमाया और झारखंड को क्वार्टरफाइनल तक लेकर जाने में इस ओपनर का अहम योगदान रहा. शिखर ने अभी तक आठ फर्स्ट क्लास मैचों में 613 रन 55 की औसत से बनाए और उनके नाम 207 रन की बेस्ट पारी भी दर्ज है.
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मुंबई इंडियंस के लिए ट्रायल दे चुके हैं शिखर
शिखर ने रेड बॉल से रणजी ट्रॉफी में धमाल मचाने के अलावा विजय हजारे ट्रॉफी (50-50) में भी कमाल किया और सात मैच में 55 की औसत से झारखंड के लिए 391 रन बना चुके हैं. इस फॉर्मेट में उनके नाम 129 रन की पारी बेस्ट रही है. हालांकि, मुंबई इंडियंस के लिए दो साल पहले ट्रायल्स में फिफ्टी जड़ने के बाद भी उनका आईपीएल में सेलेक्शन नहीं हुआ. लेकिन अब वो रेड बॉल में धमाल मचाने के साथ टी20 में भी पावर हिटिंग पर काम कर रहे हैं. इस सीजन शिखर ने झारखंड टी20 लीग में नौ मैचों में 40.25 की बेहतरीन औसत से 322 रन बनाए और 168 का स्ट्राइक रेट उनके नाम रहा.
शिखर मोहन ने कैसे अगरकर का खींचा ध्यान?
वहीं दलीप ट्रॉफी की बात करें तो ईस्ट जोन के लिए क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मैच की प्लेइंग इलेवन से वह बाहर बैठे हुए थे. इसके बाद कप्तान ईशान किशन ने विराट सिंह को बाहर बैठाकर शिखर को सीधा फाइनल में मौका दिया तो उन्होंने इसे दोनों हाथ से भुनाया. वैभव सूर्यवंशी जब 100 रन की शुरुआत दिलाने के बाद 44 रन बनाकर चलते बने तो शिखर ने नंबर तीन पर आकर मोर्चा संभाला. अभिमन्यु ईश्वरन जहां 86 गेंद में 10 चौके और एक छक्के से 72 रन बनाकर चलते बने. वहीं इसके बाद सुदीप कुमार () भी जल्दी आउट हो गए तो ईस्ट जोन के 147 पर तीन विकेट गिर गए थे. तभी शिखर ने कप्तान ईशान किशन के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 94 रन की साझेदारी निभाई. जब वो 85 रन पर थे तो शॉर्ट बॉल पर पुल करते हुए गेंद ने उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लिया और स्टंप पर जा लगी. इस दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से वह क्लीन बोल्ड हो गए तो 120 गेंद में तीन छक्के व नौ चौके से 85 रन बनाकर चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का ध्यान अपनी तरफ खींचा. अब शिखर इसी तरह खेलते रहे तो उनको अगले साल घर पर होने वाली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में मौका मिल सकता है.
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