वेस्ट इंडीज के खिलाफ टी20 और वनडे टीम इंडिया के ऐलान के बाद से अजीत अगरकर चर्चा का विषय बने हुए हैं. चारों तरफ सवाल उठ रहा है कि अगरकर टीम इंडिया के सेलेक्टर पद पर बने रहेंगे या नहीं. इस पर मीडिया में रिपोर्ट सामने आई कि अजीत अगरकर अब सेलेक्टर के पद पर बने नहीं रहना चाहते हैं और वह कभी भी इस्तीफा दे सकते हैं. ऐसे में अगरकर के इस्तीफे के पीछे रोहित शर्मा का फ्यूचर ही नहीं, बल्कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण से अनबन भी रही. जिसके चलते अगरकर अब अपने पद को छोड़ने का मन बना चुके हैं.
ADVERTISEMENT
रोहित शर्मा को लेकर अगरकर ने क्या कहा ?
दरअसल, टीम इंडिया के इंग्लैंड दौरे से पहले वनडे टीम इंडिया की चर्चा को लेकर अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने बीसीसीआई के कुछ पदाधिकारियों से बात करके रोहित शर्मा से आगे बढ़ने का फैसला कर लिया था. इस बड़े फैसले को रोहित तक पहुंचाने की जिम्मेदारी साउथ जोन के सेलेक्टर प्रज्ञान ओझा को दी गई, क्योंकि वो उनके खास दोस्त माने जाते हैं. रोहित को जैसे ही ये बात पता चली, तो उनको पसंद नहीं आई और उन्होंने बीसीसीआई के बड़े पदाधिकारी से 2027 वर्ल्ड कप तक टीम इंडिया में रहने की इच्छा जताई. वहीं, इस बीच रोहित के रिटायरमेंट की खबर आग की तरह फैली और लॉर्ड्स वनडे मैच को रोहित का आखिरी मैच बताया जाने लगा. तभी बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया अचानक मीडिया के सामने आए और उन्होंने रोहित के रिटायरमेंट की खबर को झूठा करार दिया. इसकी जानकारी अगरकर को मीडिया के जरिए मिली और उन्हें काफी आघात भी हुआ. इस तरह रोहित के फ्यूचर पर फैसला करना सिर्फ अगरकर को भारी पड़ा, जबकि ये सभी का एक सामूहिक फैसला था, जिसे बाद में बोर्ड ने बदल दिया. तब से माना जा रहा है कि बोर्ड और अगरकर के बीच कुछ भी सही नहीं चल रहा है.
टीम इंडिया की जर्सी समस्या का हुआ समाधान, BCCI और खेल मंत्रालय ने निकाला हल
लक्ष्मण और अगरकर के बीच क्या है विवाद ?
अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण और अगरकर की बात करें तो ये दोनों काफी समय तक एक साथ क्रिकेट खेले. लेकिन प्रशासनिक कार्यों में दोनों एक-दूसरे से सहमत नजर नहीं आए. एशियन गेम्स जैसे टूर्नामेंट में अगरकर जहां इंडिया के सीनियर खिलाड़ियों को नहीं भेजना चाहते थे, तो लक्ष्मण का मानना था कि भारत को अपने बेस्ट प्लेयर भेजने चाहिए. जिसके चलते श्रेयस अय्यर, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर को लेकर दोनों के बीच अनबन हुई. क्योंकि अगरकर इन सभी को वेस्ट इंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में रखना चाहते थे. इसके अलावा टीम इंडिया के चोटिल खिलाड़ियों की जानकारी और उनकी वापसी व समयसीमा को लेकर भी दोनों के बीच असहमति बनी. लक्ष्मण इस बात से नाराज नजर आए कि इंजर्ड खिलाड़ियों की जिम्मेदारी सिर्फ सीओई की है. टॉप खिलाड़ियों की इंजरी की पूरी लिस्ट मीडिया में आने के बाद दोनों के बीच भरोसा और कमजोर हो गया. इसके बाद अगरकर टीम इंडिया की बोर्ड के साथ रिव्यू मीटिंग में नजर नहीं आए, तो वहीं से संकेत मिल गया था कि अब अगरकर शायद ही टीम इंडिया के सेलेक्टर पद पर रहेंगे.
आर्थिक तंगी ने आकाश दीप को बनाया गेंदबाज, बैट-किट खरीदने तक के नहीं थे पैसे
ADVERTISEMENT











