फीफा वर्ल्ड कप 2026 में क्रिस्टियानो रोनाल्डो की टीम पुर्तगाल उलटफेर का शिकार हो गई. उसे 46वें रैंकिंग की टीम कांगो ने 1-1 से ड्रॉ पर रोक दिया. रोनाल्डो इस मुकाबले में एकदम फीके नज़र आए. उनके पास गोल करने के दो मौके आए थे लेकिन वे गंवा बैठे. कांगो की टीम 52 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप में खेल रही है. मुकाबले में पहला गोल पुर्तगाल ने किया जो जोआओ नेवेस की तरफ से आया. लेकिन कांगो ने पहला हाफ समाप्त होते-होते बराबरी कर ली. उसकी तरफ से योआने विसा ने हेडर के जरिए गोल किया.
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एनआऱजी स्टेडियम में 68,777 दर्शकों के सामने खेले गए मैच में पुर्तगाली फैंस की संख्या ज्यादा थी. लेकिन जिस तरह का खेल अफ्रीकी देश ने दिखाया उसने सबको हैरान कर दिया. यह टीम दूसरी बार ही वर्ल्ड कप में पहुंची है. 2026 से पहले जब देश का नाम जायरे हुआ करता था तब 1974 में उसने हिस्सा लिया था.
नेवेस ने छठे मिनट में हेडर के जरिए गोल कर पुर्तगाल को आगे किया. इसके बाद कोशिशें हुई लेकिन पुर्तगाली खिलाड़ी सफल नहीं हो सके. पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में आर्थर मसुआकु के क्रॉस पर विसा ने भी हेडर के जरिए गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया. यह कांगो के इतिहास का भी पहला गोल रहा. 1974 में जब यह टीम खेली थी तब तीन मैचों में उसकी तरफ से कोई गोल नहीं हुआ था. उसने इस दौरान कुल 14 गोल खाए थे.
छठी बार वर्ल्ड कप खेल रहे रोनाल्डो मुकाबले के दौरान अपने कद की महज छाया लगे. वे 68 और 73वें मिनट में शॉट गंवाा बैठे. इस दौरान अगर वे साथी खिलाड़ियों को पास दे देते तो शायद पुर्तगाल के लिए मैच का नतीजा अलग होता. ब्रुनो फर्नान्डिस के पास 90वें मिनट में एक मौका आया था. मगर वे भी शॉट को दूर मार बैठे. 55वें मिनट में जोआओ केंसेलो ने बाइसिकिल किक के जरिए गोल किया लेकिन रेफरी ने उसे ऑफसाइड करार दिया.
इस मैच के दौरान रोनाल्डो किसी वर्ल्ड कप में मैच की शुरुआत करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने. उन्होंने 2022 में कनाडा के अतिबा हचिसन के बनाए रिकॉर्ड को तोड़ा. वैसे वर्ल्ड कप में खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी कैमरन के रोजर मिला है जो 1994 में 42 साल की उम्र में खेले थे.
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