अर्जेंटीना के खिलाड़ियों पर मंडराया खतरा, स्पेन के खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल के बाद लग सकता है फीफा का बैन

स्पेन ने एक्स्ट्रा टाइम के बाद अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर अपना दूसरा FIFA वर्ल्ड कप खिताब जीता, लेकिन फाइनल सीटी बजने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हुई तीखी बहस और झड़पों ने जश्न का मजा किरकिरा कर दिया था.

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फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को हराया था. (PC: Getty)

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फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को हराया था.

फाइनल के बाद दोनों टीमों के ख‍िलाड़‍ियों के बीच झड़प हो गई थी.

अर्जेंटीना के खिलाड़ियों पर स्पेन के हाथों फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में मिली हार के बाद अब बड़ा खतरा मंडरा रहा है. इस हार के बाद अर्जेंटीना के ख‍िलाड़‍ियों पर फीफा बैन लगा सकता है. FIFA ने न्यू जर्सी के न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में रविवार को हुए फाइनल के बाद हुई झड़पों की जांच शुरू कर दी है. स्पेन ने एक्स्ट्रा टाइम के बाद अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर अपना दूसरा FIFA वर्ल्ड कप खिताब जीता, लेकिन फाइनल सीटी बजने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हुई तीखी बहस और झड़पों ने जश्न का मजा किरकिरा कर दिया था. 

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फाइनल के बाद तनावपूर्ण माहौल

स्पेन के जश्न के दौरान अर्जेंटीना के कई खिलाड़ी झगड़ों में शामिल दिखे. इन लड़ाई के वीडियो जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. लियांड्रो परेडेस और थियागो अल्माडा को स्पेन के मिडफील्डर गावी को जमीन पर गिराते हुए देखा गया. एक और घटना में परेडेस स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया का गला पकड़ते हुए दिखे. नाहुएल मोलिना भी स्पेन के मिडफील्डर रोड्री की तरफ मुक्का चलाते हुए दिखे, जब रोड्री अपने साथियों के साथ जश्न मनाने के लिए दौड़ रहे थे. अनुभवी डिफेंडर निकोलस ओटामेंडी की रोड्री के साथ तीखी बहस हुई. यह बहस स्पेन के डिफेंडर आयमेरिक लापोर्टे की ओर से फाइनल से पहले की गई कथित टिप्पणियों को लेकर थी. अर्जेंटीना के असिस्टेंट कोच रॉबर्टो अयाला की स्पेन के मिडफील्डर दानी ओल्मो के साथ झड़प हुई. 

 

क्या सजा मिल सकती है?

FIFA के डिसिप्लिनरी कोड के आर्टिकल 14 के तहत हिंसक व्यवहार के दोषी पाए जाने वाले खिलाड़ियों पर कम से कम तीन मैचों का बैन लग सकता है. यही कम से कम सजा मारपीट, कोहनी मारना, मुक्का मारना, लात मारना, काटना, थूकना या किसी विरोधी खिलाड़ी या मैच अधिकारी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को मारने के मामलों में भी लागू होती है. कोई भी बैन तब लागू होगा, जब अर्जेंटीना अगली बार आधिकारिक मैच खेलेगा. 

खिलाड़ियों पर बैन के अलावा अगर FIFA यह तय करता है कि नेशनल टीम का व्यवहार गलत था, तो अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है. खिलाड़ियों और अधिकारियों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है और ज़रूरत पड़ने पर FIFA अतिरिक्त प्रतिबंध भी लगा सकता है.

FIFA ने जांच की पुष्टि की

FIFA ने घोषणा की है कि उसने मैच की रिपोर्ट देखने के बाद घटनाओं की जांच के लिए एक अभियोजक नियुक्त किया है. फीफा का कहना है कि फाइनल के लिए संबंधित मैच रिपोर्टों के मूल्यांकन के बाद और FIFA अनुशासनात्मक संहिता (FDC) के अनुच्छेद 36 के अनुसार FIFA अनुशासनात्मक समिति ने मैच के बाद की घटनाओं के संबंध में FDC के संभावित उल्लंघनों की जांच के लिए एक अनुशासनात्मक और नैतिक अभियोजक नियुक्त किया है. अभियोजक की रिपोर्ट पूरी होने के बाद FIFA अनुशासनात्मक समिति द्वारा आगे की जानकारी दी जाएगी. 

अर्जेंटीना पहले से ही फीफा  के जांच के दायरे में है. वर्ल्ड कप फाइनलिस्ट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ़ सेमीफ़ाइनल में मिली 2-1 की जीत से जुड़े एक और संभावित अनुशासनात्मक मामले का सामना करना पड़ रहा है. उस मैच के बाद अर्जेंटीना के कई खिलाड़ियों ने एक बैनर दिखाया, जिस पर लिखा था कि Las Malvinas son Argentinas. इस नारे का मतलब है फॉकलैंड अर्जेंटीना का है. 

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