लियोनेल मेसी की डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना टीम फीफा वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होते होते बच गई. अगर 111वें मिनट में बेखौफ केप वर्डे का आत्मघाती गोल नहीं होता तो इस मैच का परिणाम शायद कुछ और हो सकता था. प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए अर्जेंटीना को तीन गोल, 120 मिनट के कड़े संघर्ष और थोड़ी किस्मत का सहारा लेना पड़ा, तब जाकर केप वर्डे पर जीत हासिल कर पाई.
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टूर्नामेंट में पहली बार खेल रही केप वर्डे की टीम ने दो बार मौजूदा चैंपियन को कड़ी टक्कर दी और हार मानने से इनकार कर दिया. आखिरकार मेसी की टीम ने टूर्नामेंट के सबसे यादगार मैचों में से एक में एक्स्ट्रा-टाइम में 3-2 से रोमांचक जीत हासिल की.
डिनी का आत्मघाती गोल
इस मुकाबले में केप वर्डे की टीम ने ऐसा खेल दिखाया, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा. उन्होंने साउथ फ़्लोरिडा में अर्जेंटीना का समर्थन करने वाली भीड़ के दबाव के आगे घुटने नहीं टेके. आख़िरकार 111वें मिनट में हुए एक दुर्भाग्यपूर्ण 'ओन-गोल' ने उनके मज़बूत बचाव को तोड़ दिया, जब क्रिस्टियन रोमेरो का जोरदार हेडर केप वर्डे के डिनी बोर्गेस से टकराकर नेट में चला गया और अर्जेंटीना के लिए प्री-क्वार्टर फ़ाइनल का टिकट पक्का हो गया.
वर्ल्ड कप करियर का 20वां गोल
इससे पहले 29वें मिनट में लियोनेल मेसी ने लिसैंड्रो मार्टिनेज के ऊंचे पास को पकड़ा, शानदार तरीके से गेंद को कंट्रोल किया और ज़ोरदार शॉट मारकर नेट के ऊपरी हिस्से में गोल कर दिया. यह मेसी का वर्ल्ड कप करियर का 20वां गोल था, जो एक रिकॉर्ड है. इस गोल के साथ वे टूर्नामेंट में सात गोल करके गोल्डन बूट की रेस में फ्रांस के कीलियन एम्बाप्पे से आगे निकलकर सबसे ऊपर पहुंच गए. फिर भी केप वर्डे का शानदार सफर अभी खत्म नहीं हुआ था, जिसमें 40 साल के गोलकीपर वोज़िन्हा ने 10 शानदार बचाव करके अहम भूमिका निभाई थी.
कांटे की टक्कर
डेरॉय डुआर्टे ने रेगुलर टाइम में एक शानदार गोल करके मौजूदा चैंपियन को चौंका दिया. जब एक्स्ट्रा-टाइम शुरू हुआ, तो 103वें मिनट में लिसैंड्रो मार्टिनेज ने अर्जेंटीना की बढ़त फिर से बना दी, लेकिन सिडनी लोपेस कैब्राल ने तुरंत ही एक शानदार गोल करके बराबरी कर ली, जिससे स्टेडियम में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए.
आखिरकार अर्जेंटीना ने आखिरी पलों में केप वर्डे के ज़बरदस्त हमले को गोलकीपर के शानदार बचाव से रोककर जीत हासिल की. स्पेन और उरुग्वे के खिलाफ ग्रुप-स्टेज में चौंकाने वाले नतीजों वाले ऐतिहासिक सफर के बाद अफ्रीकी टीम भले ही बाहर हो गई हो, मगर केप वर्डे की टीम का सफर इस टूर्नामेंट में यादगार रहा.
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