फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मोरक्को पहली टीम बनी जिसने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई. उसने सहमेजबान कनाडा को 3-0 से मात देकर अंतिम-8 का टिकट कटाया. मोरक्को लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में अपने खेल से चौंका रही है. उसने 2022 में कतर में खेले गए एडिशन में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था. तब मोरक्को पहला अफ्रीकी देश बना था जिसने अंतिम-4 में जगह बनाई थी. अब फिर से उसके पास इस प्रदर्शन को दोहराने और इससे भी आगे जाने का मौका रहेगा.
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मोरक्को ने इस वर्ल्ड कप में अभी तक कोई मैच नहीं गंवाया है. अगर उसके सभी कंपीटिशन को देखा जाए तो 34 मैच से यह टीम अपराजेय है. उसे आखिरी शिकस्त अगस्त 2025 में अफ्रीकन नेशंस चैंपियनशिप में मिली थी. इस मुकाबले में वे खिलाड़ी खेले थे जो केवल अफ्रीका की घरेलू लीग में ही खेला करते हैं. वहीं 34 मैच में अजेय रहने के सिलसिले में 2026 अफ्रीकन कप ऑफ नेशंस का फाइनल भी शामिल है. इस मैच का नतीजा अभी कोर्ट में विचाराधीन है.
मोरक्को एकतरफ और बाकी अफ्रीकी देश एकतरफ
मोरक्को अभी तक दो वर्ल्ड कप में कुल चार नॉकआउट मैच जीत चुका है. 2022 में उसे जीत मिली थी और अब 2026 में भी दो मुकाबले जीत लिए. बाकी सब अफ्रीकन देशों ने कुल मिलाकर इतने ही नॉकआउट मैच वर्ल्ड कप में जीते हैं. 2026 में एक और जीत उसे सेमीफाइनल में ले जाएगी. जिस लिहाज से अभी तक यह टीम खेली है उससे यह खिताब की दावेदार लगती है.
मोरक्को ने इस एडिशन में पहला मैच ब्राजील से खेला और वह ड्रॉ रहा. फिर स्कॉटलैंड और हैती को मात दी. राउंड ऑफ 32 में उसने नेदरलैंड्स को धूल चटाई. कनाडा के सामने तो उन्होंने केवल पांच शॉट निशाने पर लगाए और इनमें से तीन पर गोल करते हुए मैच जीत लिया. अब फ्रांस से उसे खेलना है.
मोरक्को ने फुटबॉल में कैसे कमाया नाम
मोरक्को को सफलता एकदम से नहीं मिली है. 1986 से 1998 के बीच उसने हर बार वर्ल्ड कप खेला. लेकिन इसके बाद 20 साल तक क्वालिफाई नहीं कर पाई. 2018 में सूखा खत्म हुआ. बीच में जब टीम वर्ल्ड कप नहीं खेल पा रही थी तब देश के राजा किंग मोहम्मद छठे ने फुटबॉल में काफी पैसा लगाया. 2009 में एकेडमी खोली गई और 2019 में ट्रेनिंग कॉम्पलैक्स बनाया गया. इस पर 65 मिलियन डॉलर की रकम खर्च हुई. इससे एटलस लॉयंस के नाम से मशहूर यह टीम अफ्रीका में अपना सिक्का जमाने में सफल रही. इस देश ने बाहर खेल रहे अपने खिलाड़ियों को बुलाया. इनमें वे भी शामिल रहे जिनका ताल्लुक मोरक्को से था लेकिन जन्म बाहर हुआ. टीम के कप्तान अशरफ हकीमी इसी तरह से वापस आए. अब वे दुनिया के सबसे शानदार खिलाड़ियों में से एक हैं.
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