फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 यानी प्री-क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड का सामना मैक्सिको से होना है. इसके लिए इंग्लैंड की टीम अमेरिका से ट्रैवल करके मेजबान मैक्सिको जाएगी और इसके बाद से ही मैक्सिको के उस मैदान की चर्चा होने लगी, जिसमें फुटबॉल मैच के दौरान सिर्फ दो टीमों के बीच जंग नहीं बल्कि हर एक कदम पर खिलाड़ियों की खुद की सांस से भी जंग होती है. इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण मैदान की हाइट यानी ऊंचाई है. समुद्र तल से 7218 फीट की ऊंचाई पर बना यह मैदान नॉर्थ अमेरिका महाद्वीप के सबसे ऊंचे मैदानों में शुमार है. अब इंग्लैंड को मैक्सिको की टीम से कम, इस मैदान की ऊंचाई से ज्यादा खौफ लग रहा है, जिसको लेकर उनके मैनेजर थॉमस टुशेल ने भी हथियार डाल दिए हैं. चलिए जानते हैं कि पांच जुलाई को होने वाले मैच में इंग्लैंड की टीम मैक्सिको के इस मैदान से क्यों इतना घबरा रही है और इसकी ऊंचाई से उन्हें क्या-क्या दिक्कतें आने वाली हैं.
फीफा का नियम आया आड़े और कोच ने डाले हथियार
ऊंचाई वाले मैदान पर मैच खेलने की कंडीशन के लिए दो शर्तें हैं. पहली या तो 10 से 14 दिन पहले आ जाओ. दूसरी शर्त यह है कि मैच से ठीक पहले मैदान पर उतरो, जिससे हाई-एल्टीट्यूड वाली सिकनेस जब तक आपके शरीर में आएगी, तब तक आप मैच खेल चुके होंगे. इसके चलते इंग्लैंड की टीम मैच से तुरंत पहले भी मैक्सिको नहीं आ सकती, क्योंकि फीफा का नियम यह कहता है कि आपको मैच से 24 घंटे पहले उस शहर में उपस्थिति दर्ज करानी होती है. इस बात को इंग्लैंड के कोच थॉमस टुशेल ने भी स्वीकार किया और उन्होंने मैक्सिको के खिलाफ मैच को सबसे बड़ा नुकसान बताया.
पतली हवा और ऑक्सीजन की कमी
मैक्सिको के मैदान के ऊंचाई पर होने से वहां हवा का दबाव कम होगा, जिससे मैच के दौरान बिना पर्याप्त अनुकूलन के जब इंग्लैंड के खिलाड़ी मैदान में स्प्रिंट लगाएंगे तो उन्हें दौड़ने के दौरान पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलेगी. रिकवर होने में समय अधिक लगेगा, जिससे एक बार तेज दौड़ के बाद खिलाड़ियों को थोड़ा रुककर फिर दौड़ना (यानि इंटेसिटी कम रखनी होगी) होगा. थकान भी अधिक महसूस होगी और हर एक सांस भारी लगेगी, जिससे खिलाड़ी ज्यादातर हांफते नजर आएंगे. इसके अलावा खिलाड़ियों को सिरदर्द, चक्कर आना और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से भी गुजरना पड़ सकता है.
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इंग्लैंड को बदलना होगा अपना ब्लूप्रिंट
इंग्लैंड की टीम आधुनिक फुटबॉल के स्टाइल से ज्यादातर अटैक करना पसंद करती है. 90 मिनट के गेम में इंग्लैंड सिर्फ अटैक करती है और उनके मैनेजर थॉमस टुशेल अटैक को ही सबसे बेस्ट डिफेंस मानते हैं. मैक्सिको के खिलाफ इस ब्लूप्रिंट पर खेलना इंग्लैंड के लिए आत्मघाती हो सकता है. उनकी प्लानिंग यही होनी चाहिए कि ऊंचाई वाले मैदान पर अधिक थकान से बचने के लिए गेम को धीरे-धीरे खेले और मौका मिलने पर एक साथ ऊर्जा खर्च करे, जिससे पहले से ही इस मैदान में खेलने की आदी हो चुकी मैक्सिको को वह चुनौती दे सके. अन्यथा मैक्सिको की टीम अपने घर में ही इंग्लैंड के इस अभियान को दफन कर सकती है. मैक्सिको की टीम अपने मैदान पर अभी तक 89 मैच खेल चुकी है और सिर्फ दो ही हारी है. जिससे उनका घर पर दबदबा साफ नजर आएगा.
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